Crime – गाजियाबाद 3 सिस्टर्स सुसाइड केस: 17 दिन की तफ्तीश, 14 गवाह और 8 पन्नों का सुसाइड नोट, मौत की रिपोर्ट में खुले चौंकाने वाले राज- #INA

भारत सिटी सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों द्वारा जान देने के मामले में पुलिस ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी है. 17 दिनों की लंबी और गहन तफ्तीश के बाद एसीपी अतुल कुमार सिंह की रिपोर्ट ने उन खौफनाक वजहों का खुलासा किया है, जिन्होंने तीन मासूमों को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया. इस रिपोर्ट ने डिजिटल दुनिया के अंधेरे और पारिवारिक उलझनों के उस घातक मेल को उजागर किया है, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुआ.
जांच में सबसे बड़ा खुलासा बच्चियों की कोरियन (K-Culture) के प्रति सनक को लेकर हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी इस कदर प्रभावित थीं कि उन्होंने अपने नाम तक कोरियाई रख लिए थे. वे पिछले 3 सालों से स्कूल नहीं गई थीं. सुसाइड नोट में लिख- हमसे कोरियन गेम छुड़वाने की बात की थी, लेकिन ये हमसे न हो पाएगा. जैसे ही पिता ने मोबाइल छीना, उनकी दुनिया उजड़ गई.
5 खौफनाक गेम्स, जो दिमाग पर कर रहे थीं कब्जा
पुलिस ने सुसाइड नोट के विश्लेषण में पांच ऐसे खतरनाक गेम्स की पहचान की है जो 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित हैं. इनमें पोपी प्ले टाइम, द बेबी इन येलो, ईविल नन, आइसक्रीम मैन और आइस गेम शामिल हैं. ये ‘टास्क-बेस्ड’ हॉरर गेम्स बच्चों को मानसिक रूप से हिंसक और हताश बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं.
पिता के विरोधाभासी बयान और कर्ज का जाल
तफ्तीश के दौरान पिता चेतन कुमार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं. चेतन ने तीन शादियां की थीं (जिनमें दो सगी बहनें थीं). पुलिस को दिए बयानों में कई झूठ पकड़े गए हैं. साल 2018 में चेतन की साली की भी उसी फ्लैट से गिरकर मौत हुई थी, जिसे लेकर वह पुलिस को गुमराह करता रहा. घर पर 20 से 25 लाख रुपये का कर्ज था, जिसके कारण अक्सर कलह और तनाव का माहौल रहता था.
14 गवाह और 8 पन्नों का ‘डेथ वारंट’
पुलिस ने सोसाइटी के गार्ड्स, पड़ोसियों और रिश्तेदारों समेत 14 लोगों के बयान दर्ज किए हैं. 8 पन्नों के सुसाइड नोट में बच्चियों ने अपनी मानसिक स्थिति और डिजिटल दुनिया के प्रति अपने लगाव को विस्तार से लिखा है. फिलहाल मकान मालिक के दबाव में परिवार ने वह फ्लैट खाली कर दिया है और बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं.
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि मामला फिलहाल आत्महत्या का ही लग रहा है, लेकिन अभी मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट का इंतजार है. अगर इसमें किसी बाहरी उकसावे या साजिश का संकेत मिला, तो केस की फाइल दोबारा खोली जाएगी.
गाजियाबाद 3 सिस्टर्स सुसाइड केस: 17 दिन की तफ्तीश, 14 गवाह और 8 पन्नों का सुसाइड नोट, मौत की रिपोर्ट में खुले चौंकाने वाले राज
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