Crime- बीजापुर में माओवादियों का तांडव, मुखबिरी के नाम पर की 5 हत्याएं, भाजपा कार्यकर्ताओं को भी किया निशाना

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बीजापुर में माओवादियों का तांडव, मुखबिरी के नाम पर की 5 हत्याएं, भाजपा कार्यकर्ताओं को भी किया निशाना

छत्तीसगढ़ के बस्तर के बीजापुर जिले में माओवादियों का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 10 दिनों में माओवादियों ने मुखबिरी के नाम पर 5 हत्याओं को अंजाम दिया है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है.

माओवादियों ने मंगलवार (10 दिसंबर) रात को भाजपा नेता मांडो राम कुड़ियाम की हत्या कर दी. मांडो राम को उनके घर से उठाकर जंगल ले जाया गया और गला घोंटकर मार डाला. माओवादियों ने इस हत्या का कारण मुखबिरी का आरोप लगाया है.

मौके पर फेंकी चेतावनी भरी पर्ची

हत्या के बाद नेता के शव को गांव के पास लाकर फेंक दिया गया और मौके पर एक पर्चा भी मिला. पर्चे में लिखा था कि यह व्यक्ति पुलिस के लिए काम कर रहा था, इसलिए उसे मौत की सजा दी गई. नक्सलियों की नेशनल पार्क एरिया कमेटी ने हत्या की जिम्मेदारी ली है. इसके अलावा माओवादियों ने शव के पास एक पर्चा छोड़ा, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं से भारतीय जनता पार्टी छोड़ने की बात कही गई थी, और भाजपा नहीं छोड़ने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी.

हत्या के पीछे क्या कारण?

जानकारों के मुताबिक माओवादियों की तरफ से की जा रही इन हत्याओं का मुख्य उद्देश्य इलाके में दहशत कायम करना है. इसी सप्ताह में 3 भाजपा नेता, एक आंगनवाड़ी सहायिका और एक ग्रामीण महिला समेत 5 लोगों की हत्या की गई है, जिन पर मुखबिरी का आरोप था. इससे पहले, माओवादियों ने मद्देड़ थाना क्षेत्र के कड़ेर गांव में पूर्व सरपंच सुखराम अवलम और भैरमगढ़ थाने के बिरयाभूमि गांव से पूर्व सरपंच सुखलु फर्सा की हत्या की थी.

आदिवासी समाज ने किया विरोध

इन हत्याओं के विरोध में सर्व आदिवासी समाज सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहा है. समाज का कहना है कि सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच चल रही लड़ाई में रोज निर्दोष आदिवासी लोग मारे जा रहे हैं. नक्सली अब महिलाओं को भी टारगेट कर उनकी हत्या कर रहे हैं.

एंटी नक्सल ऑपरेशन से बौखलाए माओवादी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का ऐलान किया था, जिसके बाद से बस्तर में सुरक्षा बल के जवान लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं. 2024 में अब तक नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बल को बड़ी सफलता मिली है, जिसमें 207 नक्सलियों को ढेर किया गया है. यही कारण है कि माओवादियों पर अब लगातार दबाव बना हुआ है. इस बढ़ते दबाव के कारण माओवादी अब ग्रामीणों और भाजपा के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं.


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