Crime – रैगिंग, बैड टच और टॉर्चर… धर्मशाला में सदमे से छात्रा की मौत, पिता ने बताया- बेटी संग कॉलेज में क्या हुआ? 4 स्टूडेंट-प्रोफेसर पर FIR- #INA

धर्मशाला डिग्री कॉलेज की छात्रा की मौत.
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न से परेशान एक 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने चार छात्राओं और एक कॉलेज प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज की है. हालांकि कॉलेज प्रशासन मृतक छात्रा को अपने कॉलेज में इस साल की छात्रा के तौर पर मानने से इनकार कर रहा है. वहीं पीड़ित परिजन कॉलेज प्रशासन समेत पुलिस-प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट
धर्मशाला पुलिस ने दर्ज किया केस
धर्मशाला डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली 19 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद अब रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं. पीड़िता के पिता के बयान पर थाना धर्मशाला में पुलिस ने इस मामले को BNS की धारा 75, 115 (2), 3 (5) जिसे यौन उत्पीड़न, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना और समान आशय में परिभाषित किया जाता है. साथ ही हिमाचल प्रदेश एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन (रैगिंग निषेध) एक्ट 2009 की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया है, जिसकी पुष्टि ASP वीर बहादुर ने की है.
ASP वीर बहादुर ने कहा कि पुलिस पर जो सवाल खड़े किए गए हैं, वो बिल्कुल गलत हैं. सच्चाई ये है कि जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पीड़ित परिजनों से बातचीत की. पता चला कि बेटी के इलाज के लिए बाहर हैं. हमने कहा कि वापस आने पर आप हमसे जरूर मिलें. इसी बीच पता चला कि छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस जांच कर रही है. मामले में कॉलेज की 4 छात्राओं और एक प्रोफेसर पर केस दर्ज किया गया है.
बेटी को टॉर्चर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी
वहीं मृतक छात्रा के पिता ने इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन, पुलिस-प्रशासन पर ही सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने बताया कि जिस कॉलेज में बेटी को पढ़ाने भेजा, वहां न केवल कॉलेज की छात्राओं ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि प्रोफेसर तक ने उसे टॉर्चर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उसे जातिसूचक शब्द कहे गए. बैड टच तक किया. बेटी मानसिक तौर पर इतनी प्रताड़ित हुई कि आज वो इस दुनिया को ही अलविदा कह गई. ये बेहद निंदनिय घटना है.
पिता ने कहा कि आज अगर इस पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया गया तो निकट भविष्य में उनकी बेटी की तरह दूसरों की बेटियां भी इसी तरह से प्रताड़ित होती रहेंगी. उन्हें न्याय मिलेगा कि नहीं, इसकी भी कोई गारंटी नहीं. उन्होंने पुलिस से भी नाउम्मीद होने की बात कही और कहा कि शुरुआती दौर में उन्हें भी इस मामले को CM हेल्पलाइन तक ले जाना पड़ा. अगर यहां पुलिस मुस्तैद होती तो शायद ऐसा न होता.
क्या बोले धर्मशाला डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल?
उधर, इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन पूरी तरह से अपने प्रोफेसर के पक्ष में उतर आया है. कॉलेज प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने पहले पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की. फिर कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि मृतक छात्रा उनके कॉलेज की छात्रा थी, लेकिन इस साल उसकी एनरोलमेंट नहीं हो पाई थी. इसलिए ये कहना कि वो इस कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी. ये कॉलेज की छवि के साथ जस्टिस नहीं होगा. वहीं उन्होंने कहा कि क्योंकि छात्रा पिछले साल ही फर्स्ट ईयर में तीन सब्जेक्ट में फेल हो गई थी और बार-बार विभाग के प्रोफेसर के पास जाकर सेकेंड ईयर में एडमिशन का दबाव बना रही थी, जो किसी भी लिहाज से यूनिवर्सिटी नियमों के तहत नहीं था.
ऐसे में वो कॉलेज से चली गई और न फर्स्ट इयर में एडमिट हुई न सेकेंड ईयर में. दोबारा जुलाई महीने में कॉलेज में नजर आई और उसके बाद सितंबर में फिर चली गई. इसलिए फिलहाल रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर उस छात्रा का कॉलेज से कोई नाता नहीं है. प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने बताया कि कॉलेज रैगिंग के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है. हर ब्लॉक में एंटी रैगिंग कमेटी के नंबर लिखे होते हैं. बावजूद इसके उनके पास कोई शिकायत किसी की ओर से नहीं दी गई, जिस पर कि वो कोई जांच बिठाते.
प्रोफेसर को कॉलेज प्रशासन का सपोर्ट
वहीं कॉलेज में भौतिक विज्ञान के सह प्राचार्य और प्रोफेसर यूनिट के अध्यक्ष विक्रम श्रीवत्स ने भी इस मामले में आरोपी बनाए गए अपने कॉलेज के प्रोफेसर अशोक का पक्ष लेते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि जो आरोप उनके कॉलेज के प्रोफेसर अशोक पर लगे हैं, वो सरासर निराधार हैं. उसकी वो भर्त्सना करते हैं और इस मामले में वो अपने प्रोफेसर के साथ खड़े हैं. कॉलेज में मनोविज्ञान की प्रोफेसर मोनिका मक्कड़ ने कहा कि इसमें वो शत प्रतिशत प्रोफेसर अशोक के साथ खड़ी हैं. इसलिए क्योंकि 2006 से वो इसी कॉलेज में बच्चों को पढ़ा रहे हैं. आज दिन तक उनका किसी के साथ इस तरह तो क्या किसी भी तरह का कोई दुर्वहार नजर नहीं आया.
ABVP ने कॉलेज प्रशासन पर उठाए सवाल
कॉलेज में छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के बाद मौत मामले में अब एबीवीपी की भी एंट्री हो गई है. एबीवीपी की प्रांत मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि इस पूरे मामले में वो पीड़ित परिवार के साथ हैं. पुलिस और कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि समय रहते अगर इनकी ओर से इस घटना पर संज्ञान लिया गया होता तो शायद आज ऐसा देखने को न मिलता. उन्होंने पुलिस पर भी जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया और कहा कि अपराधिक घटना के दौरान समय पर तो ये कार्रवाई करते नहीं और अमूमन छात्रों के आंदोलनों में उनका दमन करने में जरूर आगे नजर आते हैं.
हिमाचल के सबसे शांत शहर में सनसनी वारदात!
नए साल के शुरुआती दौर में जिस तरह से शांत प्रिय हिमाचल के सबसे शांत माने जाने वाले शहर धर्मशाला में सनसनी भरा ये वाक्या सामने आया है और जिसने देशभर में सुर्खियां बटोरी हैं, इससे निश्चित तौर पर धर्मशाला की धरा धूमिल हुई है. अब सवाल ये है कि इस घटना के कई पक्ष सामने आए हैं, उसमें कौन कितना सच्चा और कौन कितना झूठा है ये तो खैर अदालत में ही तय होगा, लेकिन जिस तरह से इस पूरे घटनाक्रम में एक बेटी को अपनी कीमती जिंदगी से हाथ धोना पड़ा है, उसके असली गुनहगार कौन हैं?
रैगिंग, बैड टच और टॉर्चर… धर्मशाला में सदमे से छात्रा की मौत, पिता ने बताया- बेटी संग कॉलेज में क्या हुआ? 4 स्टूडेंट-प्रोफेसर पर FIR
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