Delhi-Ncr 3,656 फ्लैट, 25% तक की छूट… दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को मिलेगा सस्ता घर- #INA

3,656 फ्लैट, 25% तक की छूट... दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को मिलेगा सस्ता घर

DDA लाया सरकारी नौकरी वालों के लिए नई स्‍कीम

दिल्ली में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ रही है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) अब उन्हें ऐसे फ्लैट देने की तैयारी कर रहा है, जो न सिर्फ नए होंगे बल्कि इनके दाम भी काफी कम रखे जाएंगे. पहली बार डीडीए ने सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए एक पूरा हाउसिंग क्लस्टर बनाने का फैसला लिया है. इस फैसले के साथ नरेला में रहने का सपना कई लोगों के लिए आसान हो सकता है, क्योंकि सरकार कर्मचारियों को फ्लैट की कीमत पर 25% की छूट भी देगी. बढ़ती महंगाई और दिल्ली में मकानों की ऊंची कीमतों के बीच यह सुविधा कई परिवारों के लिए राहत की तरह है.

दिल्ली विकास प्राधिकरण की इस योजना का नाम- कर्मयोगी आवास योजना है. यह योजना पूरी तरह सरकारी कर्मचारियों और उन लोगों के लिए है जो सरकारी संस्थानों या सार्वजनिक उपक्रमों, नगर निगमों, सरकारी अस्पतालों और केंद्र तथा राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों में नौकरी करते हैं.

3,656 फ्लैट्स केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए होंगे

इस योजना के तहत नरेला के सेक्टर A1 से A4 में एक नया हाउसिंग जोन तैयार किया जा रहा है. यहां की पॉकेट 6, 9 और 13 में कुल 3,656 फ्लैट्स बनाए गए हैं, जिन्हें सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को दिया जाएगा. इन फ्लैट्स में तीन तरह के घर शामिल हैं. HIG (हाई इनकम ग्रुप), MIG (मिडिल इनकम ग्रुप) और EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग). यह विविधता सुनिश्चित करती है कि अलग-अलग आय वर्ग वाले कर्मचारी अपनी जरूरत और बजट के अनुसार घर चुन सकें. दिल्ली में अक्सर शिकायत रहती है कि अच्छी लोकेशन पर सस्ती हाउसिंग मिलना लगभग असंभव है. ऐसे में यह योजना सरकारी नौकरी करने वालों के लिए एक विशेष अवसर की तरह है.

दिसंबर से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

डीडीए अधिकारियों के अनुसार, इन फ्लैट्स के लिए आवेदन प्रक्रिया दिसंबर के मध्य में शुरू होने जा रही है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह हाउसिंग जोन पूरी तरह सरकारी कर्मचारियों के लिए आरक्षित है. अब तक की डीडीए योजनाओं में कर्मचारी छूट लेते तो थे, लेकिन कोई पॉकेट सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं रखी जाती थी. इस योजना में रिटायर सरकारी कर्मचारी भी आवेदन कर सकते हैं. यानी जिन लोगों ने वर्षों तक सरकारी सेवा की है, उन्हें भी घर पाने का समान अवसर मिलेगा. हालांकि फ्लैटों की अंतिम कीमत अभी तय नहीं की गई है, लेकिन 25% की छूट मिलने से कुल कीमत निश्चित रूप से काफी कम हो जाएगी.

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नरेला में कनेक्टिविटी और सुविधाएं

डीडीए ने जिस इलाके को इस योजना के लिए चुना है, वह दिल्ली के उत्तरी हिस्से में तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है. नरेला की सबसे बड़ी ताकत इसकी सड़क कनेक्टिविटी है. GT करनाल रोड, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) जैसी महत्वपूर्ण सड़कें इन हाउसिंग पॉकेट्स को सीधे जोड़ती हैं. इसके अलावा पार्किंग की पर्याप्त सुविधा, पार्क, सामुदायिक स्थान और सुरक्षित वातावरण इस क्षेत्र को रहने के लिहाज़ से आरामदायक बनाते हैं. डीडीए का कहना है कि आने वाले समय में मेट्रो फेज-IV के पूरा होने के बाद नरेला की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. मेट्रो के स्टेशन सभी आवासीय पॉकेट्स के करीब होंगे, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा.

नरेला में अभी भी हजारों फ्लैट बिकने बाकी

नरेला में डीडीए के पास पहले से ही लगभग 35,000 फ्लैट्स तैयार हैं जो अब तक बिक नहीं पाए. इनमें से ज्यादातर फ्लैट EWS और LIG कैटेगरी के हैं. इन फ्लैट्स को बेचने के लिए डीडीए कई योजनाएं ला चुका है, लेकिन बिक्री उतनी तेज नहीं रही जितनी उम्मीद थी. अब इन unsold फ्लैट्स की बिक्री बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने कई नए कदम उठाए हैं. जैसे कि डायनेमिक प्राइसिंग, बेहतर बस रूट, UER-II का विस्तार, पहले आओ पहले पाओ आधार पर अलॉटमेंट और अलग-अलग छूट. विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मयोगी योजना के कारण नरेला में लोगों का आना-जाना बढ़ेगा और इससे आसपास के अन्य फ्लैट्स की बिक्री भी तेज हो सकती है.

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