Delhi-Ncr दिल्ली में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत, इलाज के लिए क्या करना होगा?- #INA

दिल्ली में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत, इलाज के लिए क्या करना होगा?

81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत

दिल्ली में प्राथमिक हेल्थकेयर को मजबूत करने के लिए बुधवार को दिल्ली सरकार ने 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत की. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पश्चिमी दिल्ली के नांगल राया में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया. इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जमकर विपक्ष पर बरसीं और कहा कि 11 साल सत्ता में रहने वाला विपक्ष आज 10/11 महीने की सरकार से सवाल पूछता है कि हमने दिल्ली में क्या किया. जो जवाब है 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले और भी खोले जाएंगे.

सीएम रेखा ने कहा कि पिछली सरकार ने नाले के किनारे पोर्टा केबिन बनाकर मोहल्ला क्लिनिक खोले. उसे अपना हेल्थ मॉडल बनाया जबकि वो असल में ‘हल्ला क्लिनिक’ थे. उनके शुरू किए अस्पतालों के निर्माण की लागत मनमानी तरीके से दोगुनी कर दी गई जिनकी अब CBI जांच चल रही है.

आरोग्य मंदिर के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारा टारगेट आज 100 आरोग्य मंदिर खोलने का था. लेकिन कुछ में अभी कमियां रह गई. इसलिए 81 का उद्घाटन किया. इससे पहले 238 थे. अब बढ़कर 319 हो गए हैं. ये आरोग्य मंदिर मिनी अस्पताल जैसा है, जहां मुफ़्त 80 टेस्ट होंगे. साथ ही जच्चा बच्चा को भी सारी सुविधाएं मिलेंगी. इस विधानसभा में पहले 5 थे, 2 आज खुल गए तो कब संख्या बढ़कर 7 हो गई है. हमारी योजना है कि हर विधानसभा में 10/12 आरोग्य मंदिर खोले जाएं, ताकि लोगों को पास में ही इलाज मिले. दूर ना जाना ना पड़ें.

‘पीएम मोदी ने की 1000 करोड़ की मदद’

विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक खोलें, उन्हें अपना हेल्थ मॉडल बताया लेकिन वो हल्ला क्लिनिक थे. कहीं नाले पर तो कहीं किसी कौने में पोर्टा केबिन रख दिए गए. दिल्ली की आबादी साढ़े 3 करोड़ है. एम्स में भी तकरीबन 53/55 लाख की OPD होती है तो सोचिए हेल्थ केयर पर कितना दवाब है. पहले की सरकार ने इस दिशा में ठीक से नहीं सोचा. कोविड आया तो आनन-फानन में 7 जगहों पर ICU अस्पताल के नाम पर पोर्टा केबिन खड़े कर दिए. आज उनपर CBI जांच चल रही है. 200 करोड़ का बजट बढ़ाकर 400 करोड़ कर दिया. स्वास्थ्य मंत्री आकर कहते थे दो मंजिल और चढ़ा दो. ऐसा नहीं होता. इसलिए सभी प्रोजेक्ट अधर में लटके पड़े हैं. उन्होंने 20 अस्पताल बनाने की बात की थी. कोई पूरा नहीं हुआ. पैसों की बरबादी की.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली को 1000 करोड़ की मदद दी. इससे दिल्ली का हेल्थ केयर फैसिलिटी ठीक की जा रही है. WHO के मुताबिक 1000 लोगों पर 2 बेड होने चाहिए थे, लेकिन सरकारी तो छोड़िए प्राइवेट अस्पतालों को भी मिला लें तो ये मानक पूरा नहीं होता. दिल्ली में 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे.

’11 महीने में 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष पूछता है कि कूड़े के पहाड़ क्यों नहीं हटे तो मैं कहती हूं कि 11 साल की सरकार 11 महीने की सरकार से सवाल पूछ रही है. हमने इन 11 महीने में 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले. अस्पताल को इंटीग्रेट किया. डिजिटलीकरण किया. आप किसी भी अस्पताल में इलाज कराओ एक ही बटन पर सारी जानकारी मिल जाती है. 150 डाइलेसन मशीनों को लगवाया. एक्स-रे जैसे छोटी छोटी मशीनें नहीं थीं. हम PPP के तहत भी काम कर रहे हैं. हम नई मशीनों को भी खरीद रहे हैं. कूड़े के पहाड़ों को भी कम किया जा रहा है. आपकी एक वोट की ताकत ने दिल्ली को इतना सक्षम बनाया कि 20 फरवरी को कैबिनेट के शपथ लेते ही हमने आयुष्मान भारत योजना को लागू किया. 10 लाख का मुफ्त इलाज दिया. सरकार ने 32 करोड़ रुपए का भुगतान किया.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अभी बहुत काम करने हैं. यहां हर वर्ग का व्यक्ति रहता है. सभी के लिए काम करने की जरूरत है. मैं विश्वास दिलाती हूं कि हमारा एक एक क्षण और शरीर का एक एक कण दिल्ली की जनता के लिए रहेगा. पीएम मोदी के विजन के साथ काम करना है विकसित दिल्ली बनानी है. हर विधानसभा में 10 करोड़ रुपए विधायकों को झुग्गियों में काम करने के लिए दिए हैं. मैं सभी जनप्रतिनिधियों से कहती हूं कि पीएम मोदी की कृपा से फंड की कमी नहीं होगी. पहले दिल्ली का एकाउंट केंद्र सरकार के साथ था लेकिन अब RBI के जरिए सेपरेट कर लिया है. अब दिल्ली अलग से फंड ले सकती है. पहले 13% इंटरेस्ट पर फंड लेते थे. मैं बनिया की बेटी हूं हम 7% पर लेंगे. 2 दिन पहले ही केंद्र सरकार ने दिल्ली के एकाउंट में 15000 करोड़ रूपए दिए. 2028 तक दिल्ली में 11000 इलैक्ट्रिक बसें होंगी. हमने अभी से ऑर्डर कर दिया है.

कैसे होगा इलाज?

इस नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर में काम कर रहीं डॉ अंजू यादव ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए बताया कि मरीज को सबसे पहला अपना रजिस्ट्रेशन करना होता है. उसके बाद डॉक्टर के पास जाकर अपनी परेशानी बताकर टेस्ट और दवाइंयों का पर्चा बनता है. अस्पताल में ही तकरीबन 65 टेस्ट होते हैं. 15 टेस्ट बाहर सैंपल भेकर कराए जाते हैं. कुल 80 तरह के टेस्ट किए जाते हैं. 24 घंटे के अंदर ही रिपोर्ट मिल जाती है.

डॉक्टर ने बताया कि आरोग्य मंदिर में गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के टिकाकरण भी किए जाते हैं. साथ ही महिलाओं को परिवार नियोजन के तरीकों के बारे में भी बताया जाता है. सभी टेस्ट और दवाइयां मुफ्त हैं. अगर किसी मरीज को ज्यादा दिक्कत होती है तो उसके लिए एक अलग से इमरजेंसी रुम है और जरुरत पड़ने पर आगे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है.

आपको बता दें कि अभी तक दिल्ली में 238 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चालू थे. 81 और जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल आरोग्य मंदिर की संख्या बढ़कर 319 हो गई है. दिल्ली सरकार के मुताबिक 1100 से ज़्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का टारगेट है. इन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुफ्त इलाज, दवाएं और 80 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट जैसी कई स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती है.

दिल्ली में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत, इलाज के लिए क्या करना होगा?

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