Delhi-Ncr अरविंद केजरीवाल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, समन की अवहेलना मामले में ED पहुंची हाईकोर्ट- #INA

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दो अलग-अलग मामलों में बरी किए जाने को चुनौती दी है. ये मामले आबकारी नीति से संबंधित मामले में जारी समन के बावजूद एजेंसी के सामने पेश न होने के कारण दर्ज किए गए थे.
ट्रायल कोर्ट के 22 जनवरी के आदेशों के खिलाफ ईडी की अपील पर बुधवार (2 अप्रैल) को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच सुनवाई करेगी. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि उस समय के मुख्यमंत्री ने जानबूझकर समन का जवाब न देकर और जांच में शामिल न होकर उनके आदेशों का पालन नहीं किया. इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि केजरीवाल ने बेबुनियाद आपत्तियां उठाईं और जानबूझकर जांच में शामिल न होने के बहाने बनाए.
ईडी का आरोप
वहीं अपने फैसले में निचली अदालत ने कहा था कि ईडी यह साबित करने में विफल रही कि अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर उन्हें जारी किए गए समन का उल्लंघन किया. ईडी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में अन्य आरोपी केजरीवाल के संपर्क में थे और उन्होंने उस आबकारी नीति को तैयार करने में सहयोग किया था जिसे अब रद्द कर दिया गया है. इस नीति के परिणामस्वरूप उन्हें अनुचित लाभ मिला और आम आदमी पार्टी को रिश्वत मिली.
अंतरिम जमानत पर हैं केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत पर हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी. कोर् नेट मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता से जुड़े सवालों को गहन विचार-विमर्श के लिए एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया था.
27 फरवरी को, निचली अदालत ने , आबकारी घोटाला से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि सीबीआई का मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से विफल रहा और पूरी तरह से निराधार साबित हुआ.केजरीवाल और अन्य लोगों को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील उच्च न्यायालय में लंबित है.
अरविंद केजरीवाल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, समन की अवहेलना मामले में ED पहुंची हाईकोर्ट
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