Delhi-Ncr ठंड का कहर, 3 डिग्री पारा… दिल्ली में कैसे टूटा 13 सालों का रिकॉर्ड? मौसम वैज्ञानिक ने बताई ये वजह- #INA

पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी के बीच समूचे उत्तर भारत में सर्दी का सितम जारी है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से आने वाली सर्द हवाएं दिल्ली और उत्तर भारत में लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास करा रही हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग ने उत्तर भारत के राज्यों के लिए अलग-अलग अलर्ट्स जारी किए हैं. इनका क्या मतलब है, राजधानी दिल्ली में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा, 13 साल बाद दिल्ली में रिकॉर्ड टूटा है, तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है… इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए TV9 डिजिटल की टीम ने मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार से बात की.
डॉ. नरेश कुमार ने TV9 डिजिटल को बताया कि इस समय पंजाब, हरियाणा और वेस्ट राजस्थान के लिए हमने रेड अलर्ट दिया है. वेस्ट उत्तर प्रदेश और ईस्ट राजस्थान के लिए येलो अलर्ट है. दिल्ली- NCR के लिए ऑरेंज अलर्ट है. इसका कारण यह है कि अभी यहां पर सुबह का तापमान काफी कम है. अगर पंजाब की बात करें तो वहां पर सुबह का तापमान 1 डिग्री के पास है, राजस्थान में भी कुछ हिस्सों में 1 और 2 डिग्री के बीच में है. हरियाणा में भी 2 डिग्री के पास है. दिल्ली में तीन डिग्री तापमान है.
डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि तापमान सामान्य से काफी कम है. इन राज्यों में कोल्ड वेव से सीवियर कोल्ड वेव चल रही हैं. इसके साथ ही सुबह डेंस फॉग देखने को मिल रहा है. इन राज्यों में विजिबिलिटी जीरो डिग्री तक है. अगर हम हिमालय की बात करें तो वहां भी जम्मू डिवीजन, हिमाचल का निचला इलाकों में घना कोहरा हो रहा है. अगले आने वाले 2 दिनों में भी यही स्थिति बनी रहेगी, उसके बाद धीरे-धीरे सुधार आएगा.
दिल्ली में 13 साल का रिकॉर्ड टूटा, आगे कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली के पालम में बीते रविवार को तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 13 सालों में सबसे कम है. इससे पहले पालम में 7 जनवरी 2013 को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जो लगभग दो दशकों में सबसे कम था. पालम का एक असाधारण रिकॉर्ड भी है, जब 11 जनवरी 1967 को तापमान शून्य से नीचे गिरकर माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे कम तापमान है. वहीं, सफदरजंग इस मामले में दूसरे नंबर पर है, जहां 16 जनवरी 1935 को न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
दिल्ली में ठंड की लहर या भीषण ठंड की स्थिति इस वीकेंड तक बनी रहने की संभावना है. सबसे पहले हल्की राहत 16 और 17 जनवरी के आसपास मिल सकती है. एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से निचले स्तरों पर हवाओं की दिशा दक्षिण-पूर्वी हो सकती है. इससे पहाड़ों से आने वाली जमा देने वाली ठंडी हवाएं कुछ हद तक रुकेंगी, नमी बढ़ेगी और हवा की रफ्तार कम होगी, जिससे ठंड का असर थोड़ा कम हो सकता है. हालांकि यह राहत सीमित रहेगी. इसके बाद रविवार से यानी अगले वीकेंड से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. अभी अनुमान है, लेकिन 18 से 21 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली में इस सर्दी की पहली अच्छी बारिश होने की संभावना बन रही है.
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि अभी जम्मू-कश्मीर पर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस आया है. उसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में हल्का-फुल्का रेनफॉल और स्नोफॉल रहेगा. मैदानों में तो कोई असर नहीं है, लेकिन जब कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सिस्टम आता है तो मैदानी इलाकों में सामान्य तौर पर टेंपरेचर बढ़ जाता है. हमें ज्यादा चेंज के उम्मीद नहीं है. या तो ऐसा ही रहेगा या एक-दो डिग्री बढ़ जाएगा.
आने वाले दिन 2 दिनों तक ऐसा ही रहेगा. उसके बाद स्थिति में थोड़ा सुधार आएगा. इसके बाद 15 तारीख से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है. वह पूरा वेस्टर्न हिमालय रीजन और मैदानी इलाकों पर भी असर करेगा. हमारी उम्मीद है कि 18 तारीख को हल्की-फुल्की रेनफॉल एक्टिविटी हो सकती है. हिमालय पर लाइट मॉडरेट रेनफॉल-स्नोफॉल हो सकती है.
डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि जब वेस्टर्न डिस्टरबेंस असर करता है तो होता यह है कि जो सुबह के टेंपरेचर है, वह मैदानी इलाकों में बढ़ जाते हैं. हमारा यही अनुमान है कि 2 से 4 डिग्री बढ़ जाएगा. वेस्टर्न डिस्टरबेंस का दिल्ली पर कोई खास असर नहीं होगा. सुबह का टेंपरेचर थोड़ा सा बढ़ सकता है. हम रेड अलर्ट के साथ लोगों को एक एडवाइजरी भी देते हैं.
ठंड का कहर, 3 डिग्री पारा… दिल्ली में कैसे टूटा 13 सालों का रिकॉर्ड? मौसम वैज्ञानिक ने बताई ये वजह
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