Delhi-Ncr Delhi Blast: डॉ. उमर ने घबराहट में किया कार में ब्लास्ट, साजिश और भी बड़ी थी; ठिकाने लगाने जा रहा था ‘विस्फोटक’- #INA

Delhi Blast: डॉ. उमर ने घबराहट में किया कार में ब्लास्ट, साजिश और भी बड़ी थी; ठिकाने लगाने जा रहा था 'विस्फोटक'

दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच कर रही NIA.

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए धमाके को लेकर एजेंसियों की शुरुआती जांच में अहम बातें सामने आई हैं. इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, यह धमाका किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता था, लेकिन समय रहते बढ़ी हुई सतर्कता की वजह से बड़ा हादसा टल गया. सूत्रों का कहना है कि फरीदाबाद में जारी कार्रवाई के बाद डॉ. उमर मोहम्मद घबरा गया था. वह एक अधूरी बम डिवाइस (IED) को कहीं और ले जाने या रास्ते में फेंकने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान गाड़ी चलते-चलते धमाका हो गया.

जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके में कोई गड्ढा नहीं बना और न ही कोई भारी चीज (प्रोजेक्टाइल) मिली. अधिकारियों का मानना है कि अगर देशभर में पहले से चल रही कड़ी निगरानी और सुरक्षा जांच नहीं होती तो हमला कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था. जांच एजेंसियों का मानना है कि ये धमाका पैनिक अटैक का हिस्सा लगता है, क्योंकि डॉक्टर चौकड़ी पुलिस की गिरफ्त में आ चुकी थी और डॉ. उमर मोहम्मद की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही थी.

क्या पकड़े जाने के डर से उमर ने कर दिया ब्लास्ट?

डॉ. उमर को पता था कि उसके बाकी साथी पकड़े जा चुके हैं, विस्फोटक भी पकड़ा गया है. वो भी जल्द ही पकड़ा जाएगा. जांच एजेंसियों का दावा है कि हमले की साजिश बहुत बड़ी थी. नुकसान बहुत ज्यादा बड़ा हो सकता था, लेकिन समय रहते कार्रवाई के चलते नुकसान कम हुआ. फिलहाल देश के कई राज्यों में जांच एजेंसियों की छापेमारी जारी है. संदिग्धों की तलाश की जा रही है. पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन इस ब्लास्ट में शामिल था?

गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंप दी है. मंगलवार रात को जांच एजेंसी ने घटनास्थल से एक क्षतिग्रस्त कार के मलबे और चेचिस को बड़ी क्रेन और ट्रक की मदद से हटा दिया. हालांकि बाकी डैमेज वाहन घटनास्थल पर ही हैं. ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि यह उसी i20 गाड़ी का चेचिस हो सकता है, जिसमें विस्फोटक रखा हुआ था. इसे आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब लेकर जाया गया है.

दिल्ली कार ब्लास्ट का मंजर देख सहम गए लोग

सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सबहश मार्ग पर ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी i20 कार में अचानक धमाका हो गया. CCTV फुटेज में दिखा कि कार धीमी गति से चल रही थी. जब वह सिग्नल पर रुकी तो भीषण आग का गोला बन गई. इस ब्लास्ट के बाद लोग सहम गए और चीख-पुकार मच गई. आनन-फानन में फायर ब्रिगेड को बुलाया गया. वहीं घायलों को अस्तपाल पहुंचाया गया. ब्लास्ट में जहां 10 लोगों की मौत हो गई तो वहीं 24 लोग घायल बताए जा रहे हैं.

फरीदाबाद मॉड्यूल से दिल्ली ब्लास्ट का लिंक

जांच के दौरान दिल्ली ब्लास्ट का तार फरीदाबाद के एक बड़े आतंकी मॉड्यूल से जुड़ गया. 30 अक्टूबर को हरियाणा STF ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के MBBS छात्र डॉ. मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया था. उसके किराए के घर से 2900 किलोग्राम विस्फोटक, AK-47 राइफल, मैगजीन और टाइमर बरामद हुए थे. पूछताछ में मुजम्मिल ने अपनी गर्लफ्रेंड डॉ. शाहीन शाहिद (शाहीना अंसारी) का नाम लिया, जिसकी कार की डिक्की से हथियार मिले.

डॉ. शाहीन, लखनऊ की रहने वाली, जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात उल-मोमिनात’ की हेड बताई जा रही है. पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के नेतृत्व वाली इस विंग को भारत में फैलाने की जिम्मेदारी शाहीन को सौंपी गई थी. शाहीन ने कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया, लेकिन 2013 में बिना बताए गायब हो गई. 2015 में जफर हयात से तलाक के बाद वे फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी. 2021 में कानपुर कॉलेज ने उसे बर्खास्त कर दिया।. जांच में शाहीन के बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और दिल्ली-जम्मू-लखनऊ यात्राओं से फंडिंग के सुराग मिले हैं.

लखनऊ में सगे भाई-बहन का खुलासा

दिल्ली ब्लास्ट की जांच लखनऊ पहुंच गई, जहां डॉ. शाहीन का भाई डॉ. परवेज अंसारी (50) मुख्य संदिग्ध बन गया. मंगलवार सुबह 7 बजे UP ATS, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लोकल पुलिस की संयुक्त टीम ने लखनऊ के मड़ियांव (IIM रोड) स्थित मुत्तकीपुर में परवेज के घर पर दबिश दी. परवेज घर पर नहीं मिला, लेकिन टीम ने घर से सफेद Alto कार, बाइक, कंप्यूटर उपकरण, मोबाइल, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए.

कार के शीशे पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का गेट पास चिपका था, जहां परवेज असिस्टेंट प्रोफेसर बताया जाता है. पड़ोसियों ने बताया, “परवेज अकेले रहता था, ज्यादा मेल-जोल नहीं रखता था.” टीम ने आसपास के CCTV खंगाले, लेकिन कोई संदिग्ध फुटेज नहीं मिली. यूनिवर्सिटी प्रशासन से परवेज के रिकॉर्ड मांगे गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, परवेज का फरीदाबाद मॉड्यूल से पुराना संपर्क था और वे फरार है. उसकी तलाश लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ, हापुड़, संभल, शाहजहांपुर और रामपुर में जारी है.

सहारनपुर कनेक्शन: डॉ. आदिल की निशानदेही पर मॉड्यूल फूटा

आतंकी नेटवर्क का सिरा सहारनपुर के डॉ. आदिल से जुड़ा था, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में सहारनपुर से गिरफ्तार किया था. आदिल की निशानदेही पर डॉ. मुजम्मिल शकील पकड़ा गया था. अब जांच एजेंसियां आदिल, मुजम्मिल, शाहीन और परवेज के बीच संगठित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं. Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) से भी लिंक की आशंका है. यह ‘व्हाइट कॉलर’ मॉड्यूल शिक्षित डॉक्टरों के जरिए ऑपरेट हो रहा था, जो रिक्रूटमेंट और फंडिंग का काम करता था. ब्लास्ट के बाद यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में हाई अलर्ट हैं. मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेकिंग बढ़ा दी गई. NIA जांच में जुटी है. गृह मंत्रालय ने कहा, “हर एंगल से इस ब्लास्ट की जांच हो रही है.”

Delhi Blast: डॉ. उमर ने घबराहट में किया कार में ब्लास्ट, साजिश और भी बड़ी थी; ठिकाने लगाने जा रहा था ‘विस्फोटक’

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button