Delhi-Ncr एखलाक कुरैशी ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, ऑटो में छूटे बैग को वापस करने के लिए इतनी की जद्दोजहद- #INA

ऑटो ड्राइवर ने लौटाया बैग.
ईमानदारी, नीयत ये दो ऐसी चीजें हैं जो डगमगा जाएं तो इंसान अपनी नजरों से भी उतर जाता है. लेकिन, समाज में अभी भी ऐसे लोग हैं जो इन पर कभी दाग तक नहीं लगने देते हैं. ऐसे ही लोगों में एक नाम मोहम्मद अखलाक कुरैशी का है. वे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑटो चलाते हैं. उन्होंने ईमानदारी का एक ऐसा नमूना पेश किया है, जिसकी तारीफ हो रही है.
दरअसल, बरेली की रहने वाली मधु सुंद्रियाल अपने पति के साथ दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंची थीं. उनके भाई शिवप्रसाद का निधन हो गया था. अपने भाई को देखने के बाद उन्होंने अस्पताल के बाहर से एक ऑटो बुक किया. ड्राइवर अखलाक कुरैशी ने उन्हें अपने ऑटो से दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 की पॉकेट ए-3 सोसाइटी के गेट पर ड्रॉप किया. भाई के दुनिया से चले जाने की वजह से वे अपना होश खो बैठीं और उनका बैग ऑटो में ही छूट गया.
गार्ड की ईमानदारी के लिए दिया ईनाम
मयूर विहार फेस-3 की सोसाइटी में मधु की बहन लक्ष्मी रहती हैं, जहां वे पहुंचीं थी. लक्ष्मी ने बताया कि जैसे ही वह घर पहुंचीं वैसे ही उन्होंने कहा कि दीदी बैग मेरा पता नहीं कहां छूट गया. उनके बैग में साढ़े 6 हजार रुपए, कपड़े और कुछ कागज हैं. बहन की बात सुनने के बाद वह सोसाइटी की गार्ड के पास गईं और उससे कहा कि अगर कोई ऑटो वाला बैग लेकर आता है तो उन्हें सूचना दें क्योंकि उनकी बहन का बैग ऑटो में छूट गया है.
ऑटो ड्राइवर मोहम्मद अखलाक कुरैशी ने घर जाकर देखा कि उनके ऑटो में बैग पड़ा हुआ है. उन्हें समझ आ गया कि ये बैग मयूर विहार फेस-3 की सवारी का छूट गया. वे दो दिन बाद सोसाइटी सामने बैग लेकर पहुंचे और इस संबंध में गार्ड को जानकारी दी. गार्ड ने लक्ष्मी को बुलाया और सोसाइटी के पूर्व प्रेसिडेंट सत्य नारायण के मौजूदगी में बैग हैंडओवर किया. कुरैशी को इस ईमानदारी के लिए ईमान के तौर पर हजार रुपए दिए गए, लेकिन उन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया. जबरदस्ती करने पर मात्र 500 रुपए लिए.
बैग वापस करने पर क्या बोले अखलाक?
मोहम्मद अखलाक कुरैशी ने कहा, ‘ये लोग मुझे अस्पताल के बाहर मिले थे. इनका ऑटो बैग छूट गया था. वह मेरी गाड़ी में पड़ा हुआ था. मैंने सोचा कि इसमें कुछ जरूरी हो सकता है, तो इसे पहुंचाना जरूरी है. मैं बहुत दूर से इनके घर तक आया हूं और इनका बैग दे दिया है. बैग में साढ़े 6 हजार रुपए थे, अगर इसमें 50 हजार भी होते तो भी वापस देने आ जाता.’
एखलाक कुरैशी ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, ऑटो में छूटे बैग को वापस करने के लिए इतनी की जद्दोजहद
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