Delhi-Ncr 1400 से अधिक उड़ानें रद्द होने पर इंडिगो CEO ने मांगी माफी, इस व्यवस्था को बताया जिम्मेदार, FDTL नियम पर साधा निशाना- #INA

1400 से अधिक उड़ानें रद्द होने पर इंडिगो CEO ने मांगी माफी, इस व्यवस्था को बताया जिम्मेदार, FDTL नियम पर साधा निशाना

इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स ने माफी मांगी.

देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो इन दिनों संकट से जूझ रही है. पिछले करीब दो दिनों में 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गई हैं. एयरलाइन को लेकर यात्रियों में काफी गुस्सा है. इसे देखते हुए इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स का बयान आया है. उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से हम अपने वादे पर खरे नहीं उतर पाए और इसके लिए हम सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं. वहीं एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 दिनों में इंडिगो की 1400 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं.

सीईओ ने आगे कहा कि पिछले कुछ दिन हमारे कई इंडिगो ग्राहकों और सहकर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं. हम प्रतिदिन लगभग 3,80,000 ग्राहकों की सेवा करते हैं और चाहते हैं कि हर एक ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले. उन्होंने पिछले कुछ दिन कई परिचालन चुनौतियों से भी गुजरना पड़ा है. जैसे हल्की तकनीकी खराबियां, शेड्यूल में बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में बढ़ी हुई भीड़ और हाल ही में लागू किए गए नए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियम. इन सबने मिलकर हमारी संचालन व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाला और इससे एक श्रृंखलाबद्ध संकट उत्पन्न हुआ.

फ्रंटलाइन स्टाफ और लीडरशिप टीमों का जताया आभार

इंडिगो सीईओ ने कहा, “मैं ऑपरेशंस से जुड़े सभी सहयोगियों जैसे पायलट, केबिन क्रू, OCC, इंजीनियर, कस्टमर सपोर्ट, डिजिटल टीम, एयरपोर्ट पर तैनात फ्रंटलाइन स्टाफ और उनकी लीडरशिप टीमों का दिल से आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जो लगातार मेहनत कर रहे हैं ताकि स्थिति संभाली जा सके. जिससे प्रभाव कम हो, और संचालन को जल्द से जल्द स्थिर किया जा सके.” उन्होंने कहा कि हम अपने उद्योग के साझेदारों, एयरपोर्ट्स, ATC और नियामक संस्थाओं के भी आभारी हैं, जो इस कठिन समय में हर संभव सहायता दे रहे हैं.

प्रभावित ग्राहकों के संपर्क में इंडिगो स्टाफ

इंडिगो सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा, “हमने पहले भी कठिन समय का सामना किया है, और हर बार चुनौतियों को सफलता में बदलते हुए अपनी दृढ़ता, शक्ति और एकता को साबित किया है. यह समय भी अलग नहीं है. हम अपने ग्राहकों की चिंता और परेशानी को पूरी तरह महसूस कर रहे हैं. प्रभावित ग्राहकों से हम स्वयं संपर्क कर रहे हैं और उनकी असुविधा दूर करने के लिए हर संभव सहायता दे रहे हैं. हमारे नेटवर्क के आकार, पैमाने और जटिलता के कारण, किसी भी व्यवधान का प्रभाव तुरंत बढ़ जाता है और इसके लिए कई स्तरों पर समाधान की आवश्यकता पड़ती है. इस दिशा में अभी बहुत सारा काम जारी है.”

24 घंटे से भी कम समय में 200 एयरक्राफ्ट (A320) अपग्रेड

सीईओ ने आगे कहा, ‘हमारा तात्कालिक लक्ष्य संचालन को सामान्य करना और आने वाले दिनों में समयबद्धता को वापस पटरी पर लाना है. यह आसान लक्ष्य नहीं है. लेकिन यह वही समय है जब हमें एक साथ आकर फिर से अपनी क्षमता साबित करनी है और दिखाना है कि इंडिगो वास्तव में किसके लिए खड़ा है. कुछ ही दिन पहले हमने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. 200 एयरक्राफ्ट (A320) को 24 घंटे से भी कम समय में अपग्रेड किया. जो हमारे एकजुट प्रयास का अद्भुत उदाहरण है. मुझे पूरा विश्वास है कि हम इस चुनौती का भी मिलकर सामना करेंगे. एक टीम के रूप में, हम इस चुनौती को पार करेंगे और पहले से भी अधिक मजबूत बनकर उभरेंगे.’

30 दिन में 1400 से अधिक फ्लाइट कैंसिल

पिछले दो दिनों में इंडिगो कंपनी को 200 से भी अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि दर्जनों उड़ानों की देरी की वजह से अफरा-तफरी मच गई. यात्रियों से लेकर एयरलाइल कंपनी के कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. बड़ी बात ये है कि इंडिगो एयरलाइन की ये दिक्कत केवल दो दिन की नहीं है, पिछले 30 दिन से इंडिगो पर ये संकट छाया हुआ है, जिसके चलते 1400 से अधिक फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी हैं.

1400 से अधिक उड़ानें रद्द होने पर इंडिगो CEO ने मांगी माफी, इस व्यवस्था को बताया जिम्मेदार, FDTL नियम पर साधा निशाना

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button