Delhi-Ncr जम्मू-कश्मीर: खामेनेई के समर्थन में महबूबा मुफ्ती ने जलाए ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर, कहा- कयामत तक करूंगी इनका विरोध- #INA

ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले का भारत में तमाम मुस्लिम संगठन और कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं. देश के कई राज्यों में इसको लेकर प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं. इस कड़ी में पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार (04 मार्च 2026) श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के इस दौरान महबूब मुफ्ती ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जलाए. इस दौरान उनके साथ पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे. PDP अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन की वीडियो शेयर करते हुए कहा ‘जो लोग तुम्हारे साथ शांति से खड़े हैं, मैं उनके साथ शांति से खड़ी हूं और जो लोग तुम्हारा विरोध करते हैं, मैं कयामत के दिन तक उनके विरोध में खड़ी रहूंगी.
I stand in peace with those who stand in peace with you, and in opposition to those who oppose you, until the Day of Judgment. pic.twitter.com/NyDSuOWQVa
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) March 4, 2026
अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारेबाजी
इन पोस्टर्स में जेफरी एपस्टीन भी हैं जिनके एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप सहित कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के साथ संबंध सामने आए थे. इस दौरान पार्टी के समर्थकों ने भी हाथों में खामेनेई के पोस्टर हाथों में लिए अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारेबाजी की.
#WATCH श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, “पिछले 5-6 दिनों से ईरान पर इजराइल और अमेरिका की तरफ से लगातार हमला किया जा रहा है। इसमें वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई शहीद हो गए हैं। इसके बाद इस मुद्दें पर लोगों का गुस्सा और तकलीफ उभर कर आई है। लोगों https://t.co/PXXgXyds3S pic.twitter.com/sIH81iqEIp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 4, 2026
सांसद आगा मट्टू के खिलाफ FIR की निंदा
इसके साथ ही महबूब मुफ्ती ने सांसद आगा रुहुल्लाह और जुनैद मट्टू के खिलाफ एफआईआर की निंदा की और मीडिया संगठनों पर लगे प्रतिबंधों की भी आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा ‘जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार और राष्ट्रीय राष्ट्रीय सरकार द्वारा अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए खुले आक्रमण और उसके सर्वोच्च नेता की शहादत पर चुप्पी साधने का मतलब यह नहीं है कि बोलने वाले अपराधी हैं और उन पर कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए.मुफ्ती ने आगे कहा ‘आगा रुहुल्लाह और जुनैद अज़ीम मट्टू के खिलाफ दर्ज एफआईआर पूरी तरह से अनुचित और अन्यायपूर्ण है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए’.
Just because GOI & NC government in Jammu & Kashmir have chosen to remain silent on the blatant aggression by US and Israel against Iran and the martyrdom of its Supreme Leader doesnt mean that those who speak out are offenders to be booked under the law.
The FIR against Aga
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) March 4, 2026
हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग
इधर कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि अधिकारियों को शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की.
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
मीरवाइज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए में कहा ‘शांतिपूर्ण विरोध और आहत भावनाओं की अभिव्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारियों और शोक मनाने वालों, जिनमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं को हिरासत में लिए जाने की खबरें दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित हैं. साथ ही देश के लागू कानूनों के तहत विरोध प्रदर्शनों को कवर करने के लिए FIR दर्ज करना और स्थानीय समाचार चैनलों के सोशल मीडिया खातों को प्रतिबंधित करना भी अनुचित है’.
From the Valley of Kashmir to Pir Panjal and Jammu, the unity in grief and condemnation over the events in Iran shown by the Muslims of Jammu and Kashmir, as one Ummah, is commendable. It reflects the living moral conscience of our society, standing firmly against oppression and
— Mirwaiz Umar Farooq (@MirwaizKashmir) March 4, 2026
मुसलमानों की एकता की सराहना
उन्होंने ईरान में हुई घटनाओं की निंदा करते हुए जम्मू और कश्मीर के मुसलमानों द्वारा दिखाई गई एकता की सराहना की. उन्होंने कहा ‘कश्मीर घाटी से लेकर पीर पंजाल और जम्मू तक, ईरान में हुई घटनाओं पर शोक और निंदा में एकता है. यह हमारे समाज की जीवंत नैतिक चेतना को दर्शाता है जो दमन के खिलाफ दृढ़ता से खड़ी है और उत्पीड़ितों के साथ अटूट रूप से खड़ी है. पूरे क्षेत्र में मनाया गया बंद उस एकजुटता की एक शांतिपूर्ण और सशक्त अभिव्यक्ति है’. मीरवाइज़ ने कहा कि अधिकारियों को सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करना चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करने पर निरंतर सेंसरशिप और दंड की अपनी नीति की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए.
जम्मू-कश्मीर: खामेनेई के समर्थन में महबूबा मुफ्ती ने जलाए ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर, कहा- कयामत तक करूंगी इनका विरोध
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