Delhi-Ncr वक्फ एक्ट, घुसपैठ और फिलिस्तीन… जमीयत की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा- #INA

वक्फ एक्ट, घुसपैठ और फिलिस्तीन... जमीयत की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा

जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी

जमीयत उलमा-ए-हिंद की आज दिल्ली में बैठक हुई. इसमें वक्फ संशोधन अधिनियम-2025, अवैध घुसपैठ का मुसलमानों पर आरोप लगाने, फिलिस्तीन शांति समझौता और देश में मुसलमानों के मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में देश भर से जमीयत की कार्यकारी समिति के सदस्यों ने भाग लिया. बैठक में जमीयत के संविधान के तहत नए कार्यकाल के अध्यक्ष पद के लिए मौलाना महमूद असद मदनी के नाम की सर्वसम्मति से घोषणा की गई. सभी राज्यों की कार्यकारी समिति ने अगले कार्यकाल के लिए उनकी अध्यक्षता की सिफारिश की थी. अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद बैठक में मौलाना मदनी ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया और इस तरह नए कार्यकाल की आधिकारिक शुरुआत हो गई.

जमीयत अध्यक्ष मौलाना मदनी ने कहा, सांप्रदायिक शक्तियां चाहती हैं कि मुसलमान इस देश में गुलाम बना जाएं. वह दोयम दर्जे के नागरिक बन जाएं. इस बीच यह आशापूर्ण है कि देशवासियों का एक वर्ग ऐसा भी है जो हमारे दुख-दर्द में बराबर का हिस्सेदार है. कार्यकारी समिति में मुसलमानों पर जनसांख्यिकी बदलने और घुसपैठ के आरोप लगाए जाने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ.

जमीयत इस नैरेटिव का खंडन करती है

कार्यकारी समिति ने अपने प्रस्ताव में आगे कहा, केंद्र सरकार ने कई बार सुप्रीम कोर्ट और संसद में लिखित रूप से कहा है कि उसके पास अवैध घुसपैठियों की कोई प्रामाणिक संख्या मौजूद नहीं है, इसलिए यह आरोप झूठ पर आधारित हैं. जमीयत इस भड़काऊ नैरेटिव का पुरजोर खंडन करती है. ऐसे आरोपों से पूरे देश के मुसलमानों को संदिग्ध और अविश्वसनीय बनाने की कोशिश की जा रही है. भारतीय मुसलमानों का बलिदान और सेवाएं राष्ट्रीय इतिहास के उज्ज्वल अध्यायों में इस तरह दर्ज हैं कि उन्हें बार-बार देश के प्रति अपनी वफादारी व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है.

कार्यकारी समिति ने वक्फ अधिनियम-2025 और उम्मीद पोर्टल से संबंधित प्रस्ताव में कहा, यह अधिनियम वक्फ की धार्मिक पहचान के लिए गंभीर खतरा है. इसलिए जमीयत संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक स्तर पर इसका कड़ा विरोध जारी रखेगी. ‘उम्मीद पोर्टल’ पर पंजीकरण को लेकर जमीयत ने शुरू से ही आपत्ति जताई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया है. इसलिए सभी वक्फ मुतवल्लियों, वक्फ संस्थाओं और जिम्मेदार व्यक्तियों से पुरजोर अपील है कि वह अपनी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर समय पर पूरा करें. ताकि किसी भी कानूनी या प्रशासनिक नुकसान से बचा जा सके.

फिलिस्तीनियों की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की सराहना

कार्यकारी समिति ने फिलिस्तीन शांति समझौते से संबंधित प्रस्ताव में कहा, शांति तब तक संभव नहीं है जब तक 1967 की सीमाओं के अनुसार एक संप्रभु और स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं हो जाती, जिसकी राजधानी येरुशलम हो और अल-अक्सा मस्जिद सहित सभी पवित्र स्थलों की धार्मिक स्थिति और सुरक्षा की गारंटी न प्रदान की जाए. यह बैठक फिलिस्तीनी लोगों के बलिदान, दृढ़ता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की सराहना करती है.

वक्फ एक्ट, घुसपैठ और फिलिस्तीन… जमीयत की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button