Delhi-Ncr हमने गुलामी की मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया है… सेवा तीर्थ के उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी- #INA

सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते पीएम मोदी.
पीएम मोदी ने दिल्ली में सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन किया. इस मौके पर पीएम ने कहा कि आज हम नया इतिहास बनता देख रहे हैं. पुरानी इमारतें गुलामी की प्रतीक थीं. आज भारत की नई यात्रा शुरू हुई है. सेवा तीर्थ का दफ्तर जमीन से जुड़ा है. नई तकनीक पुरानी इमारतों में फिट नहीं थी. नई इमारतों से सरकार का खर्च कम होगा. हमने गुलामी की मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया.हमने वीरों के नाम पर नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया. हमने पुलिस स्मारक बनाया. रेसकोर्स का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया.यह केवल नाम बदलने का फैसला नहीं था, यह सत्ता के मिजाज को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था.
प्रधानमंत्री ने कहा, 13 फरवरी का यह दिन देश की विकास यात्रा में एक नए आरंभ का साक्षी बन रहा है.शास्त्रों में विजया एकादशी का बहुत महत्व रहा है. इस दिन जिस संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, उसमें विजय जरूर मिलती है. आज हम सभी विकसित भारत का संकल्प लेकर सेवा तीर्थ में, कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं.
विजयी होने का दैवीय आशीर्वाद हमारे साथ
प्रधानमंत्री ने कहा, अपने लक्ष्य में विजयी होने का दैवीय आशीर्वाद हमारे साथ है.आजादी के बाद देश के भविष्य को बनाने वाले कई जरूरी फैसले लिए गए. साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों में बड़े फैसले लिए गए लेकिन ये याद रखना होगा कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य की निशानी के तौर पर बनाई गई थीं. इन्हें बनाने का मकसद ब्रिटिश राज को मजबूत करना और देश को पीढ़ियों तक गुलाम बनाए रखना था.
पीएम मोदी ने कहा,साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश सोच की हुकूमत को लागू करने के लिए बनी थीं. आज सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसी इमारतें देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनी हैं.यहां से होने वाले फैसले किसी महाराजा की सोच को नहीं बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की अपेक्षाओं को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे.इसी अमृत भावना के साथ मैं ये सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन भारत की जनता को समर्पित कर रहा हूं.
जहां से देश चलता है वो जगह प्रेरणादायी हो
प्रधानमंत्री ने कहा, जहां से देश चलता है वो जगह प्रभावी होनी चाहिए और प्रेरणादायी भी.इस समय 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है. ये जरूरी है कि विकसित भारत की कल्पना केवल नीतियों और योजनाओं में ही नहीं बल्कि हमारे कार्यस्थलों और इमारतों में भी दिखाई दे. साउथ और नॉर्थ ब्लॉक जैसी पुरानी इमारतों में जगह की कमी थी. सुविधाओं की अपनी सीमाएं थीं.करीब 100 साल पुरानी ये इमारतें भीतर से जर्जर होती जा रही थीं. और भी कई चुनौतियां थीं, इन चुनौतियों के बारे में बताया जाना जरूरी है.
नई इमारत में कौन-कौन से ऑफिस?
सेवा तीर्थ में पीएम का ऑफिस, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट हैं.कर्तव्य भवन-1 और 2 में फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर, कॉर्पोरेट अफेयर्स, एजुकेशन, कल्चर, लॉ और जस्टिस, इन्फॉर्मेशन और ब्रॉडकास्टिंग, एग्रीकल्चर और फार्मर्स वेलफेयर, केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स और ट्राइबल अफेयर्स जैसे कई खास मंत्रालय हैं.
हमने गुलामी की मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया है… सेवा तीर्थ के उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी
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