Delhi-Ncr अक्टूबर में हरियाणा का ये शहर क्यों बना सबसे प्रदूषित, जानें कहां हवा सबसे ज्यादा शुद्ध?- #INA

दिल्ली-NCR के कई इलाके इन दिनों गैस चैंबर बन चुके हैं. यहां AQI खतरनाक स्थिति में बना हुआ है. हाल ही एक आई रिपोर्ट से पता चला कि अक्टूबर महीने में दिल्ली देशभर में छठे नंबर का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा है. वहीं, इस लिस्ट में हरियाणा का एक शहर टॉप पर रहा है. रिपोर्ट ने लोगों की चिंता को और भी बढ़ा दिया है. देशभर के सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड शहर NCR में ही है. आपको बता दें कि 2024 में भी देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित 10 शहरों की लिस्ट में NCR का ही नाम था.

सेंटर फॉर रिसर्च एंड एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक रिपोर्ट में पता चला है कि पिछले महीने अक्टूबर में ‘PM 2.5’ वाले पॉल्यूशन के मामले में देश के 10 सबसे बुरे हाल वाले शहर एनसीआर में ही हैं. हैरानी वाली बात यह है कि इनमें पहले नंबर पर एक ऐसे शहर का नाम है, जो कि चर्चाओं में ही नहीं रहता है. वहीं, छठे नंबर पर दिल्ली और 10 नंबर पर हरियाणा का गुरूग्राम है.

पहले नंबर पर धारूहेड़ा

दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसे ही परेशानियां हो रही हैं. सरकारें बेशक कितना भी पॉल्यूशन के मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर करे, लेकिन स्मॉग की काले चादर किसी से छिपी नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में 10 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की लिस्ट में पहला स्थान हरियाणा के धारूहेड़ा मिला है. बड़े पैमाने पर पराली जलाने, सड़कों की जर्जर स्थिति, खुली कंस्ट्रक्शन साइट, गाड़ियों से निकलने वाला पॉल्यूशन और छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों का पॉल्यूशन धारूहेड़ा के पहले नंबर पर पहुंचने का मुख्य कारण है.

देखें प्रदूषित शहरों के नाम

वहीं, दूसरे पर रोहतक, तीसरे पर गाजियाबाद, चौथे पर नोएडा, पांचवें पर बल्लभगढ़, छठे पर दिल्ली, सातवें पर भिवाड़ी, आठवें पर ग्रेटर नोएडा, नौवें पर हापुड़ और दसवें पर गुरुग्राम हैं. टॉप 10 की इस लिस्ट में से 4 शहर तो अकेले हरियाणा के ही हैं. दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर एक महीने के अंदर खतरनाक रूप से बढ़ गया है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में पीएम 2.5 का औसत स्तर 36 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो अक्टूबर में उछलकर 107 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अक्टूबर में पराली जलाने का योगदान दिल्ली के पीएम 2.5 स्तर में 6 प्रतिशत से भी कम रहा. इसके बावजूद प्रदूषण में आई तेज बढ़ोतरी से साफ है कि राजधानी में साल भर सक्रिय रहने वाले उत्सर्जन स्रोत जैसे वाहन, औद्योगिक इकाइयां, निर्माण कार्य और कचरा जलाना प्रमुख कारण हैं. मेघालय का शिलांग शहर अक्टूबर में भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां औसत पीएम 2.5 सांद्रता 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी.

अक्टूबर में हरियाणा का ये शहर क्यों बना सबसे प्रदूषित, जानें कहां हवा सबसे ज्यादा शुद्ध?

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