Delhi-Ncr World Book Fair: अंतिम दिन उमड़ी पुस्तक प्रेमियों की भीड़, टूटा रिकॉर्ड- #INA

World Book Fair: अंतिम दिन उमड़ी पुस्तक प्रेमियों की भीड़, टूटा रिकॉर्ड

विश्व पुस्तक मेले के अंतिम दिन लोगों की भीड़.

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के आखिरी दिन की ढलती शाम में भी पुस्तकों के स्टॉल पर पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ जुटी रही. रविवार को लोग लाइनों में लगकर किताबें खरीदते नजर आए. नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का यह 53वां संस्करण देश में विचार, संवाद और पुस्तकों के सबसे बड़े उत्सव के रूप में सेलिब्रेट किया गया.

बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोग यहां पहुंचे. पहली बार मेले में प्रवेश निशुल्क होना भी इसकी एक बड़ी वजह रही. रविवार को यह 15 से 20% की अधिक बढ़ोतरी के साथ विधिवत संपन्न हो गया. शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत द्वारा आयोजित इस नौ-दिवसीय मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशकों ने भाग लिया और 1,000 वक्ताओं की भागीदारी के साथ 600 से अधिक चयनित कार्यक्रम आयोजित किए गए.

देश-विदेश से 20 लाख से अधिक लोग पहुंचे

विभिन्न श्रेणियों के प्रकाशकों ने बताया कि निःशुल्क प्रवेश से दर्शक संख्या में वृद्धि हुई, पाठक वर्ग का विस्तार हुआ और बिक्री में 30% सुधार देखने को मिला. परिवारों, छात्रों और पहली बार आने वाले लोगों ने स्टॉल्स पर अधिक समय बिताया और खरीदारी में रुचि दिखाई. इस वर्ष एक नई पहल के तहत, एनबीटी (नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला के आयोजक) ने इनोवेटिव स्टॉल लगाने वाले विभिन्न प्रकाशकों को प्रशंसा प्रमाण पत्र भी दिए गए. इन प्रमाण पत्रों को हासिल करने वालों में सम्मानित अतिथि देश कतर, भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय, नोटियन प्रेस, राजकमल प्रकाशन, हार्पर कॉलिन्स, पेगासस और वी. के. ग्लोबल शामिल रहे.

10 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में 35 से अधिक देशों के 1,000 से अधिक प्रकाशकों ने भाग लिया, 600 से अधिक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए और 1,000 से अधिक वक्ताओं ने सहभागिता की। देश-विदेश से अनुमानित 20 लाख से अधिक लोगों ने मेले का दौरा किया. पाठक, छात्र, परिवार, लेखक और प्रकाशन जगत से जुड़े लोग पूरे आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे एक जीवंत और समावेशी साहित्यिक माहौल बना रहा.

भारतीय सैन्य थीम पवेलियन रहा आकर्षण का केंद्र

पुस्तक मेला 2026 का एक प्रमुख आकर्षण 1000 वर्ग मीटर में फैला थीम पवेलियन “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75” रहा, जो मेले के सबसे अधिक देखे और चर्चित स्थलों में से एक बना. इस पवेलियन में भारतीय सैन्य इतिहास पर 500 से अधिक पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया और 100 से अधिक विशेष सत्र आयोजित हुए. यहां अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की वास्तविक आकार की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की गईं, साथ ही 21 परमवीर चक्र विजेताओं के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनियां भी लगाई गईं.

विभिन्न विषयों पर आधारित सत्रों में प्राचीन भारतीय युद्ध-कौशल, कारगिल युद्ध के प्रत्यक्ष अनुभव, “सैम और सगत”, दो महान सैन्य नेताओं पर केंद्रित सत्र, भारतीय नौसेना की भूमिका, सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका, “1971: एक राष्ट्र के निर्माण की गाथा” और परमवीर चक्र विजेता मेजर राम राघोबा राणे की विरासत पर समूह चर्चा शामिल रही. थलसेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने नेतृत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रसेवा जैसे विषयों पर संवाद किया.

नौसेना प्रमुख ने भी किया पवेलियन का दौरा

थलसेना प्रमुख और नौसेना प्रमुख ने भी पवेलियन का दौरा किया. नौसेना प्रमुख ने नागरिकों से पढ़ने की आदत विकसित करने का आग्रह किया और किंडल पीढ़ी के युवाओं को पुस्तकों से जुड़ा देखकर प्रसन्नता व्यक्त की. थलसेना प्रमुख ने बाल पाठकों से संवाद कर ज्ञान, अनुशासन और जिज्ञासा के महत्व को रेखांकित किया. नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का उद्घाटन माननीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया. इस अवसर पर कतर और स्पेन के संस्कृति मंत्री भी उपस्थित रहे.

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 को मिली नई पहचान

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही. सम्मानित अतिथि देश कतर और फोकस देश स्पेन शामिल रहे. इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर में साहित्यिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए. स्पेन, ऑस्ट्रिया, यूक्रेन, ईरान, इजराइल, जापान, तुर्की, चिली सहित 35 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने साहित्य, जीवनानुभव, प्रकृति और सह-अस्तित्व, स्मृति और विस्थापन, अनुवाद, बहुभाषी कविता, बाल साहित्य, रंगमंच और साहित्यिक अनुवाद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नैतिकता जैसे विषयों पर संवाद किया.

बच्चों और परिवारों पर रहा विशेष फोकस

बच्चे और परिवार नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 के केंद्र में रहे. बच्चों के पवेलियन “किड्ज़ एक्सप्रेस” में स्टोरीटेलिंग, रंगमंच, कला एवं शिल्प कार्यशालाएं, क्विज, वैदिक गणित सत्र, बुक कवर डिजाइन कार्यशालाएं और बाल लेखकों से संवाद जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए. नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 ने सीईओस्पीक और न्यू दिल्ली राइट्स टेबल जैसी पहलों के माध्यम से 70 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों के बीच अधिकार विनिमय को बढ़ावा देते हुए एक प्रमुख बी2बी मंच के रूप में भी अपनी भूमिका मजबूत की. मेले की शामें सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार रहीं.

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का समापन प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण की पुनः पुष्टि करता है कि “जब नागरिक पढ़ते हैं, तब देश आगे बढ़ता है.” राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत पाठकों, प्रकाशकों और लेखकों का स्वागत आगामी नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में करने के लिए उत्साहित है, जो 16 से 24 जनवरी 2027 तक आयोजित होगा. आगामी संस्करण में पुस्तकों, विचारों और सांस्कृतिक संवाद का और भी समृद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा और प्रवेश पुनः सभी के लिए निःशुल्क रहेगा.

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