डीडीयू जंक्शन पर कोहरे के चलते राजधानी समेत कई ट्रेनें लेट, नगर के बाईपास पर भी पसरा सन्नाटा

डीडीयू जंक्शन: मुगलसराय में लोग ही नहीं अब रेलवे स्टेशन भी कोहरे के कारण परेशान हैं. कोहरे के कारण नगर के ज्यादातर इलाकों में विजिबिलिटी बहुत ही कम हो गई है. इस कारण रविवार को रेलवे ट्रैक पर विजिबिलिटी 30 से 50 मीटर के बीच रही. विजिबिलिटी कम होने के कारण कई ट्रेनें देरी से स्टेशन तक पहुंची. संभावना जताई जा रहा है कि आने वाले दिनों में घने कोहरे की वजह रेलवे के संचालन पर सीधा असर पड़ सकता है.

कोहरे के कारण डीडीयू में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन घने कोहरे की चपेट में हैं. कोहरे की चपेट में होने के कारण ट्रेनों की गति धीमी हो गई है. लोगों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है. रेलवे ट्रैक पर विजिवलिटी कम हो गई है, जिससे दुर्घटना की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं. ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानियां हो रही हैं. उन्हें ट्रेन में सफर करने के लिए ठंड में स्टेशन पर घंटों का समय बिताना पड़ रहा है.

देरी से चल रही ट्रेनें

रविवार को दिल्ली से आनंद विहार से चलकर पटना और प्रयागराज से होते हुए जोगबनी स्टेशन तक जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 6 घंटे 17 मिनट की देरी से चल रही है. नई दिल्ली से चलकर लखनऊ और जौनपुर से होकर राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 4 घंटे 44 मिनट की देरी से चल रही है. आनंद विहार से चलकर कानपुर और पटना से होते हुए भागलपुर जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 5 घंटे की देर से चल रही है.

तेजस राजधानी एक्सप्रेस भी चल रही लेट

नई दिल्ली से होकर प्रयागराज और पटना साहिब से होते हुए राजेंद्र नगर जाने वाली आरजेपीबी तेजस राजधानी अपने निर्धारित समय से 10 घंटे 30 मिनट की देरी से चल रही है. नई दिल्ली से होकर राजेंद्र नगर जाने वाली सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 5 घंटे 55 मिनट की देरी से चल रही है. इसके अलावा और भी ट्रेने है, जो अपने समय से बहुत ही देरी से चल रही है. वहीं, घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली 49 ट्रेनें देरी से चल रही हैं.

बाजार में ठंड का असर

बता दें कि सुबह से ही नगर के बाजार में ठंड का असर रहा. शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा. नौकरी पेशा और व्यवसायी को छोड़ अधिकतर लोग अपने घरों से नहीं निकले. सड़कों पर आवाजाही कम रही. बाइक और स्कूटर भी पहले की अपेक्षा कम चले. जिन लोगों को ज्यादा जरूरत थी, वहीं अपने घर से बाहर निकले. ठंड के कारण स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी. बाजार में चहल-पहल भी काफी कम रही. ऊनी कपड़ों की दुकानों को छोड़ अन्य जगहों पर ग्राहक काफी कम थे.

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