Entertainment: 5 या 10 नहीं, मौत के बाद अमजद खान की इतनी फिल्में हुई थीं रिलीज, ऐसा था ‘शोले’ के ‘गब्बर’ का जलवा – #iNA

हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी खलनायकों की बात होती है तो ‘शोले’ के ‘गब्बर’ का नाम जरूर लिया जाता है. शोले में गब्बर का दमदार, खूंखार और यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता अमजद खान अब हमारे बीच नहीं हैं. अपने करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया था. पर्दे पर विलेन के अलावा वो कॉमेडी किरदारों में भी खूब पसंद किए गए थे.

गुजरे दौर में अमजद एक ऐसे खान अभिनेता थे जिन्हें हर कोई काफी पसंद करता था. बड़े-बड़े दिग्गजों के साथ उनकी दोस्ती थी. हालांकि अमजद बहुत जल्दी इस दुनिया को छोड़कर चले गए थे. उनका महज 51 साल की उम्र में निधन हो गया था. लेकिन उनके पास काम की कभी कोई कमी नहीं रही. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निधन के बाद भी अभिनेता की 10 से ज्यादा फिल्में रिलीज हुई थीं. ऐसा जलवा था शोले के गब्बर का.

1992 में ली अंतिम सांस

अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता जयंत (असली नाम जकरिया खान) हिंदी सिनेमा के एक मशहूर अभिनेता थे. पिता की राह पर चलते हुए अमजद ने भी बॉलीवुड में काम किया और वो कई फिल्मों में नजर आए. हालांकि उम्र के 5 दशक पूरे करने के बाद अमजद दुनिया से चल बसे थे. उनका 27 जुलाई 1992 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.

‘गब्बर’ जैसी पहचान दोबारा नहीं हुई नसीब

महज 9 साल की उम्र में अमजद खान ने बतौर बाल कलाकार ‘नाजनीन’ नाम की फिल्म में काम किया था. इसके बाद 1973 की फिल्म ‘हिंदुस्तान की कसम’ में मुख्य किरदार में नजर आए. फिर करियर की शुरुआत में ही उन्हें ‘शोले’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म मिल गई. गब्बर का किरदार निभाकर वो घर-घर में मशहूर हो गए थे. अपने दमदार अभिनय से उन्होंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, संजीव कुमार जैसे दिग्गजों को भी कड़ी टक्कर दी थी.

अमजद ने 130 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. उनकी शानदार फिल्मों में ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘हम किसी से कम नहीं’, ‘गंगा की सौगंध’, ‘देस परदेस’, ‘दादा’, ‘चंबल की कसम’, ‘नसीब’, ‘सत्ते पे सत्ता’, ‘नास्तिक’, ‘याराना’, ‘लावारिस’, ‘रॉकी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया. लेकिन, शोले जैसी लोकप्रियता उन्हें दोबारा नसीब नहीं हुई.

मौत के बाद रिलीज हुई थीं 10 से ज्यादा फिल्में

अमजद खान आखिरी वक्त तक काम करते रहे. उनके पास कई फिल्मे थीं. निधन के बाद भी अभिनेता की 10 से ज्यादा फिल्मों ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. ये दिखाता है कि अमजद खान हमेशा डिमांडिंग एक्टर थे. मेकर्स उन्हें अपनी फिल्मों में लेने के लिए एक्साइटेड रहते थे. मौत के बाद उनकी जो दस से ज्यादा फिल्में रिलीज हुई थीं उनमें ‘बेचैन’, ‘रुदाली’, ‘कलिंगा’, ‘अनोखी चाल’, ‘आतंक’, ‘हुकुमनामा’, ‘दो फंटूश’, ‘मुहाफिज’, ‘पुलिस वाला’, ‘दिल ही तो है’, ‘जान पे खेलकर’ और ‘वक्त का बादशाह’ आदि शामिल है.

5 या 10 नहीं, मौत के बाद अमजद खान की इतनी फिल्में हुई थीं रिलीज, ऐसा था ‘शोले’ के ‘गब्बर’ का जलवा

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Entertainment: 5 या 10 नहीं, मौत के बाद अमजद खान की इतनी फिल्में हुई थीं रिलीज, ऐसा था ‘शोले’ के ‘गब्बर’ का जलवा – #iNA

हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी खलनायकों की बात होती है तो ‘शोले’ के ‘गब्बर’ का नाम जरूर लिया जाता है. शोले में गब्बर का दमदार, खूंखार और यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता अमजद खान अब हमारे बीच नहीं हैं. अपने करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया था. पर्दे पर विलेन के अलावा वो कॉमेडी किरदारों में भी खूब पसंद किए गए थे.

गुजरे दौर में अमजद एक ऐसे खान अभिनेता थे जिन्हें हर कोई काफी पसंद करता था. बड़े-बड़े दिग्गजों के साथ उनकी दोस्ती थी. हालांकि अमजद बहुत जल्दी इस दुनिया को छोड़कर चले गए थे. उनका महज 51 साल की उम्र में निधन हो गया था. लेकिन उनके पास काम की कभी कोई कमी नहीं रही. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निधन के बाद भी अभिनेता की 10 से ज्यादा फिल्में रिलीज हुई थीं. ऐसा जलवा था शोले के गब्बर का.

1992 में ली अंतिम सांस

अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता जयंत (असली नाम जकरिया खान) हिंदी सिनेमा के एक मशहूर अभिनेता थे. पिता की राह पर चलते हुए अमजद ने भी बॉलीवुड में काम किया और वो कई फिल्मों में नजर आए. हालांकि उम्र के 5 दशक पूरे करने के बाद अमजद दुनिया से चल बसे थे. उनका 27 जुलाई 1992 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.

‘गब्बर’ जैसी पहचान दोबारा नहीं हुई नसीब

महज 9 साल की उम्र में अमजद खान ने बतौर बाल कलाकार ‘नाजनीन’ नाम की फिल्म में काम किया था. इसके बाद 1973 की फिल्म ‘हिंदुस्तान की कसम’ में मुख्य किरदार में नजर आए. फिर करियर की शुरुआत में ही उन्हें ‘शोले’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म मिल गई. गब्बर का किरदार निभाकर वो घर-घर में मशहूर हो गए थे. अपने दमदार अभिनय से उन्होंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, संजीव कुमार जैसे दिग्गजों को भी कड़ी टक्कर दी थी.

अमजद ने 130 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. उनकी शानदार फिल्मों में ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘हम किसी से कम नहीं’, ‘गंगा की सौगंध’, ‘देस परदेस’, ‘दादा’, ‘चंबल की कसम’, ‘नसीब’, ‘सत्ते पे सत्ता’, ‘नास्तिक’, ‘याराना’, ‘लावारिस’, ‘रॉकी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया. लेकिन, शोले जैसी लोकप्रियता उन्हें दोबारा नसीब नहीं हुई.

मौत के बाद रिलीज हुई थीं 10 से ज्यादा फिल्में

अमजद खान आखिरी वक्त तक काम करते रहे. उनके पास कई फिल्मे थीं. निधन के बाद भी अभिनेता की 10 से ज्यादा फिल्मों ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. ये दिखाता है कि अमजद खान हमेशा डिमांडिंग एक्टर थे. मेकर्स उन्हें अपनी फिल्मों में लेने के लिए एक्साइटेड रहते थे. मौत के बाद उनकी जो दस से ज्यादा फिल्में रिलीज हुई थीं उनमें ‘बेचैन’, ‘रुदाली’, ‘कलिंगा’, ‘अनोखी चाल’, ‘आतंक’, ‘हुकुमनामा’, ‘दो फंटूश’, ‘मुहाफिज’, ‘पुलिस वाला’, ‘दिल ही तो है’, ‘जान पे खेलकर’ और ‘वक्त का बादशाह’ आदि शामिल है.

5 या 10 नहीं, मौत के बाद अमजद खान की इतनी फिल्में हुई थीं रिलीज, ऐसा था ‘शोले’ के ‘गब्बर’ का जलवा

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