Entertainment: Big Brother History: 26 साल पहले शुरू हुआ था बिग ब्रदर, जिसे देखकर इंडिया में बना बिग बॉस, विनर को मिले थे इतने पैसे – #iNA

टेलीविजन पर ‘बिग बॉस’ का बिगुल बजते ही देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है. कंटेस्टेंट की लड़ाई, प्यार और उनका हर पल कैमरे की नजर में रहना, बिग बॉस में चलने वाला ये सब ड्रामा दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शो का जन्म एक ऐसे माहौल में हुआ था, जहां लोगों की प्राइवेसी पर एक बड़ा सवाल खड़ा था? और इसका पहला विजेता कौन था, जिसने अपनी जीत के बाद कहा कि ‘इस शो ने मेरी जिंदगी छीन ली’? आइए जानते हैं ‘बिग बॉस’ का इतिहास और इससे जुड़ीं पीछे की कुछ ऐसी ही दिलचस्प कहानियों के बारे में.

‘बिग ब्रदर’ का जन्म

बिग बॉस ‘बिग ब्रदर’ का भारतीय संस्करण है. इस शो की शुरुआत बिग ब्रदर नाम से हुई थी, इसलिए ‘बिग बॉस’ की कहानी को समझने के लिए हमें इसके जनक ‘बिग ब्रदर’ के इतिहास में झांकना होगा. इस शो का नाम और इसका कॉन्सेप्ट जॉर्ज ऑरवेल के 1949 में लिखे गए मशहूर उपन्यास “1984” (Nineteen Eighty-Four) से लिया गया था. इस उपन्यास में एक फिक्शनल तानाशाही दुनिया के बारे में लिखा गया था, जहां ‘बिग ब्रदर’ नाम का एक किरदार हर नागरिक पर 24 घंटे नजर रखता है और उन्हें “बिग ब्रदर इज वॉचिंग यू” (तुम्हें बिग ब्रदर देख रहा है) का नारा याद दिलाता था.

इसी फिक्शनल कॉन्सेप्ट से प्रेरित होकर, नीदरलैंड्स के टीवी प्रोड्यूसर जॉन डी मोल ने 1997 में एक अनोखा रियलिटी शो बनाने के बारे में सोचा. उनका उद्देश्य एक ऐसा शो बनाने का था जो लोगों के असली बर्ताव, इमोशंस और सामाजिक रिश्तों को बिना किसी रुकावट के दिखा सके. 1999 में, उनका ये विचार हकीकत बना और नीदरलैंड के वेरोनिका चैनल पर ‘बिग ब्रदर’ का पहला सीजन प्रसारित हुआ.

जानें कैसा था बिग ब्रदर का पहला सीजन

‘बिग ब्रदर’ का पहला सीज़न आज के ‘बिग बॉस’ या अब के इंटरनेशनल बिग ब्रदर से काफी अलग था. उस घर में कोई लग्जरी सुविधा नहीं थी. खाने-पीने की लग्जरी चीजें भी नहीं थीं. कंटेस्टेंट को अपना खाना खुद उगाना पड़ता था. घर में एक छोटा सा बगीचा था, जहां वे फल और सब्जियां उगाते थे, और यहां तक कि ताजे अंडे के लिए एक चिकन कूप भी था. ये सब जानबूझकर किया गया था ताकि कंटेस्टेंट के बीच सामाजिक तनाव और भी बढ़े.

बिग ब्रदर का पहला विनर

106 दिनों तक चले इस ऐतिहासिक सीजन के विजेता थे 22 साल के बार्ट इन ‘टी वेल्ड. अपनी सादगी और शांत स्वभाव के लिए उन्हें दर्शकों का खूब प्यार मिला. रिपोर्ट के मुताबिक इस शो को जीतने के बाद बार्ट को 250000 यूरो ( यानी आज के लगभग 2 करोड़ 56 लाख रुपये) की पुरस्कार राशि मिली. हालांकि, इस जीत के बाद का उनका सफर उतना आसान नहीं रहा. एक इंटरव्यू में बार्ट ने खुलासा किया कि इस शो ने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया. उन्होंने कहा, “अगर ये सच है कि मैंने उस मूर्खता से भरे राक्षस को बनाने में मदद की, तो मुझे इस पर बिल्कुल भी गर्व नहीं है.” उन्होंने ये भी बताया कि वो टीवी की इस दुनिया से नफरत करते हैं और अपनी प्राइवेसी खोने के बाद मानसिक रूप से कई बार टूट चुके हैं. उनकी कहानी इस बात का सबूत है कि रियलिटी शो का ग्लैमर हमेशा खुशनुमा नहीं होता.

Biggn Brother History

बिग ब्रदर का इतिहास

बिग ब्रदर का पहला टास्क

बिग ब्रदर के पहले सीजन में घर का माहौल आज के ‘बिग बॉस’ से काफी अलग था. जैसा की हमने बताया इस घर में सिर्फ बेसिक सुविधाएं थीं. खाने-पीने की लग्जरी चीजें नहीं थीं. कंटेस्टेंट को अपने लिए फल और सब्जियां खुद उगाना पड़ता था. लेकिन घर में एक चिकन कूप भी था, जिससे उन्हें ताज़े अंडे मिल सकें. ये सब जानबूझकर किया गया था, ताकि कंटेस्टेंट के बीच टेंशन का माहौल बढ़ें और मेकर्स को उनसे इंटरेस्टिंग कंटेंट मिले.

बाथरूम में लगे थे कैमरे?

1999 के इस पहले सीजन में सबसे ज़्यादा चर्चा जिस चीज की हुई थी, वो थी बाथटब में कैमरे लगे होने की खबर. इस खबर ने शो को काफी विवादों में ला दिया था. हालांकि, बाद में ये स्पष्ट किया गया था कि ये कैमरे सिर्फ़ शावर एरिया के बाहर लगे थे. हालांकि इन कैमरा की वजह से लोगों की प्राइवेसी पर एक बड़ा सवाल खड़ा किया गया था.

‘बिग बॉस’ और ‘बिग ब्रदर’ का गहरा रिश्ता

नीदरलैंड्स में ‘बिग ब्रदर’ की सफलता ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. शो का फॉर्मेट इतना अनोखा था कि अमेरिका से लेकर यूके तक, हर देश ने इसे अपने हिसाब से अपनाने की कोशिश की. इस शो के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा एंडेमोल शाइन ग्रुप के पास था, जो जॉन डी मोल की कंपनी का ही हिस्सा है. 2020 में, एंडेमोल बैनिजाय (Banijay) का हिस्सा बन गया, जो अब दुनिया की सबसे बड़ी टीवी प्रोडक्शन कंपनियों में से एक है.

‘बिग बॉस’ कोई अलग शो नहीं है, बल्कि यह ऑफिशियली ‘बिग ब्रदर’ का ही भारतीय वर्जन है. ‘कन्फेशन रूम’ (जो मूल रूप से ‘डायरी रूम’ कहलाता था), नॉमिनेशन प्रक्रिया, और वीकली टास्क का कॉन्सेप्ट दुनियाभर के सभी वर्जन में एक जैसा है. हालांकि हर देश अपनी संस्कृति के अनुसार इसमें थोड़े बहुत बदलाव किए जाते हैं, लेकिन इसका मूल विचार वही रहता है – लोगों को एक घर में बंद करके उनके असली व्यवहार को लोगों के सामने पेश करना.

भारत में ‘बिग बॉस’ की धमाकेदार एंट्री

भारत में ‘बिग ब्रदर’ का देसी वर्जन ‘बिग बॉस’ के रूप में साल 2006 में शुरू हुआ. सोनी टीवी पर प्रसारित हुए पहले सीजन को अरशद वारसी ने होस्ट किया था. इसके पहले विजेता अभिनेता राहुल रॉय थे. हालांकि, शुरुआती सीजन में इसे उतनी लोकप्रियता नहीं मिली, लेकिन 2007 में शिल्पा शेट्टी की ‘बिग ब्रदर’ की जीत और उसके बाद 2010 में सलमान खान के होस्ट बनने के बाद, इस शो ने भारतीय टेलीविजन पर इतिहास रच दिया. सलमान की होस्टिंग इस शो को एक अलग ही स्तर पर ले गई.

इन वजहों से भारत में लोकप्रिय हुआ बिग बॉस

  • सेलिब्रिटी का असली चेहरा

अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी का असली चेहरा देखने की उत्सुकता दर्शकों को इस शो की तरफ आकर्षित करती है. यहां उन्हें अपने पसंदीदा किरदार निभाने वाले चेहरे उनके रियल अंदाज के साथ नजर आते हैं.

  • अनस्क्रिप्टेड ड्रामा

रियलिटी शो में होने वाली लड़ाइयां, दोस्ती, और प्यार सब असली होते हैं. इसका अनस्क्रिप्टेड होना ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है.

  • दिलचस्प फॉर्मेट

‘कन्फेशन रूम’, नॉमिनेशन, और वीकली टास्क जैसे शो के फॉर्मेट दर्शकों को शो इससे जोड़े रखते हैं.

  • विवाद और सुर्खियां

हर सीजन में होने वाले विवाद शो को लगातार सुर्खियों में बनाए रखते हैं, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहती है.

आज, ‘बिग बॉस‘ सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं है. इस शो ने टेलीविजन पर मनोरंजन की परिभाषा को पूरी तरह से बदल दिया है. इसकी शुरुआत भले ही नीदरलैंड्स में हुई और पहले विजेता ने इसे एक ‘राक्षस’ कहा, लेकिन भारत में इसने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है.

Big Brother History: 26 साल पहले शुरू हुआ था बिग ब्रदर, जिसे देखकर इंडिया में बना बिग बॉस, विनर को मिले थे इतने पैसे

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