Entertainment: बीआर चोपड़ा ने स्क्रीन टेस्ट में अमिताभ बच्चन को किया था रिजेक्ट, क्या थी वो कहानी? बाद में मिलकर बनाई यादगार फ़िल्में – #iNA

बीआर चोपड़ा और अमिताभ बच्चन; फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े दिग्गज. बीआर चोपड़ा हिंदी फिल्मों के ऐसे डायरेक्टर और प्रोड्यूसर थे, जिन्होंने नया दौर, धूल का फूल और हमराज जैसी सामाजिक मुद्दे वाली फिल्मों से अलख जगाई जबकि अमिताभ बच्चन हिंदी फिल्मों के ऐसे महानायक साबित हुए जिन्होंने दीवार, त्रिशूल जैसे सोशल ड्रामा के जरिए नए जमाने के अभिनेता की इबारत लिख दी. लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम हो कि जब अमिताभ बच्चन फिल्मों में अभिनय करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, कोलकाता से मुंबई आना-जाना कर रहे थे, तब बीआर चोपड़ा ने उन्हें स्क्रीन टेस्ट में रिजेक्ट कर दिया था. आज की तारीख में हिंदी फिल्म के इतिहास की वह सबसे बड़ी घटना बन चुकी है. अमिताभ को उस समय कई प्रोडक्शन हाउस से निराशा हाथ लगी. हालांकि बाद में खुद बीआर चोपड़ा ने भी बिग बी के साथ कई सफल फिल्में प्रोड्यूस की.

ये वही बीआर चोपड़ा हैं जिन्होंने रामानंद सागर की रामायण के बाद टीवी पर महाभारत सीरियल बनाकर एक नया इतिहास रचा था. वो ख्यातिप्राप्त निर्माता-निर्देशक थे. गुमराह, पति-पत्नी और वो, वक्त, इंसाफ का तराजू और निकाह आदि सफल फिल्मों से उनकी एक अलग शख्सियत बनी थी. राज कपूर, गुरु दत्त, देव आनंद या फिर सुनील दत्त के जमाने में बीआर चोपड़ा की छवि सबसे अलग थी. नया दौर और धूल का फूल जैसी फिल्मों से उन्होंने पर्दे पर सोशल इश्यूज को जोर-शोर से उठाया था. अमिताभ बच्चन उनके काम काज के मुरीद हैं. उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा था- वो व्यावसायिक सफलता के लिए फिल्में नहीं बनाते थे बल्कि उसके जरिए संदेश देते थे. उनका फॉर्मूला दर्शकों को खूब पसंद आता था.

ऑडिशन की यह कहानी सन् 1967 की है

बीआर चोपड़ा से अमिताभ बच्चन का पहला सामना यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स-फिल्मफेअर टैलेंट कॉन्टेस्ट में ऑडिशन के दौरान हुआ था. यह सन् 1967 की बात है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की दो फिल्मी पत्रिकाओं- फिल्मफेयर और माधुरी के बैनर तले इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. अमिताभ उस वक्त कोलकाता में नौकरी कर रहे थे लेकिन उनका दिल मुंबई की फिल्मी दुनिया में बसता था. टाइम्स का इश्तेहार देखकर उनके छोटे भाई अजिताभ बच्चन ने तस्वीरों के साथ ऑडिशन के लिए आवेदन कर दिया. लेकिन दस दिनों के बाद जवाब मिला- रिजेक्टेड. अमिताभ निराश हुए. पहले राउंड में उनकी तस्वीरों को आयोजन से जुड़े स्टाफ ने रिजेक्ट किया था. अभी बीआर चोपड़ा से सामना नहीं हुआ था.

बीआर चोपड़ा ने नहीं सुनी थी सिफारिश

बीआर चोपड़ा टैलेंट कॉन्टेस्ट के निर्णायक थे. उन्हें चुने हुए प्रतियोगियों का स्क्रीन टेस्ट लेना था. बीआर चोपड़ा के बारे में जाना जाता था कि वह बहुत ही अनुशासनप्रिय थे और किसी सिफारिश का उन पर कोई असर नहीं होता था. इधर प्रतिभा चयन प्रतियोगिता अंतिम चरण में जा चुकी थी. ऐसे में तस्वीरें खारिज होने के बाद अभिनेत्री नरगिस और उनके अभिनेता पति सुनील दत्त की मदद ली गई- किसी तरह ऑडिशन में शामिल करा दें.

नरगिस ने सुनील दत्त से कहा. जिसके बाद सुनील दत्त ने अपने स्तर पर प्रयास किया. लेकिन फिर भी अमिताभ बच्चन टैलेंट कॉन्टेस्ट में नहीं चुने जा सके. बीआर चोपड़ा ने उनको ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिया. बाद के दौर में गॉसिप में यह बात निकलकर सामने आई कि अमिताभ की लंबाई और पर्सनाल्टी उन्हें अभिनेता के योग्य नहीं लगी. अगले कुछ सालों तक अमिताभ को उनकी लंबाई की वजह से ही काफी संघर्ष झेलना पड़ा.

सफलता के बाद मिला बीआर फिल्म्स बैनर

खैर, ये बातें अब फिल्म इतिहास का हिस्सा हैं. कुछेक सालों के बाद जब अमिताभ बच्चन ने इंडस्ट्री में जगह बना ली, तब बीआर चोपड़ा के बैनर तले उन्हें कई फिल्मों में काम करने का मौका मिला. दीवार फिल्म बीआर चोपड़ा के भाई यश चोपड़ा ने निर्देशित की थी. यश चोपड़ा ने अपने बड़े भाई के सान्निध्य में धूल का फूल से ही निर्देशन का दायित्व संभाल लिया था. बाद के दौर में अमिताभ बच्चन और यश चोपड़ा ने मिलकर कई फिल्में थीं. लेकिन बीआर चोपड़ा के बैनर तले अमिताभ बच्चन को पहली बार काम करने का मौका मिला फिल्म ज़मीर में. यह फिल्म सन् 1975 में आई थी. इस फिल्म के निर्देशक बीआर चोपड़ा के बेटे रवि चोपड़ा थे. बैनर बीआर चोपड़ा का था.

चोपड़ा-बच्चन की बागवां-भूतनाथ ने रचा इतिहास

हालांकि सन् 1975 के बाद अमिताभ बच्चन बीआर फिल्म्स के बैनर से दूर ही रहे. यश चोपड़ा के साथ फिल्में करते रहे. कई सालों के बाद अमिताभ को बीआर चोपड़ा का बैनर मिला. साल 2003 में फिल्म आई- बागवां तो 2008 में आई- भूतनाथ. दोनों फिल्में सुपरहिट. इनमें बागवां का निर्देशन रवि चोपड़ा ने किया था. बागवां की कहानी बीआर चोपड़ा ने खुद तैयार की थी. दो पीढ़ी की सोच की टकराहट की कहानी कहने वाली इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा हेमा मालिनी, सलमान खान और महिमा चौधरी ने भूमिकाएं निभाई थीं. बॉक्स ऑफिस पर यह एक कामयाब फिल्म रही है.

आज भी टीवी पर दर्शक इस फिल्म को बड़े ही चाव से देखते हैं. दो पीढ़ी के रिश्ते और जज्बात की पारिवारिक कहानी अमिताभ बच्चन को भी खूब पसंद आई थी. वहीं विवेक शर्मा निर्देशित भूतनाथ भी बीआर फिल्म्स बैनर की नये ज़माने की एक कल्ट मूवी है. इसमें अमिताभ बच्चन के अलावा शाह रुख खान, जुही चावला आदि कलाकारों ने अभिनय किया था. भूतनाथ हर उम्र के दर्शकों को खूब रास आती है.

राज बब्ब ने बीआर चोपड़ा को गॉडफादर माना

चौरानवें साल की उम्र में 5 नवंबर, 2008 को निधन के बाद अमिताभ बच्चन और राज बब्बर जैसे कलाकारों ने बहुत ही श्रद्धा के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया. राज बब्बर ने तो उन्हें अपना गॉड फादर माना तो अमिताभ बच्चन ने कहा था- अपनी फिल्मों में सामाजिक संदेश देने वाले वह एक बिरले निर्माता-निर्देशक थे. वह कोई भी फिल्म बहुत ही मिशन के साथ बनाते थे.

आपको बताएं कि बीआर चोपड़ा को फिल्मों में अहम योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिले हैं. साल 1998 में दादा साहेब फाल्के सम्मान मिला तो 2001 में पद्म भूषण सम्मान. इसके अलावा साल 2004 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिया गया था. बीआर चोपड़ा को 1960 में कानून, 1961 में धर्मपुत्र, 1963 में गुमराह, 1967 में हमराज के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं.

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