Entertainment: Dhurandhar Trailer Review: धुरंधर का सिकंदर कौन, किरदारों में छिपी है कहानी, फिर दिखेगी हाई लेवल देशभक्ति – #iNA

आदित्य धर की आगामी फिल्म धुरंधर के ट्रेलर ने रिलीज होते ही जिस तरह से सुर्खियां बटोरी हैं, वह चौंकाने वाली हैं. ट्रेलर ने दहशत पैदा कर दी है. आदित्य पहली बार फिल्म के डायरेक्टर होने के साथ-साथ राइटर और प्रोड्यूसर भी हैं. चार मिनट के ट्रेलर के बारे में सोशल मीडिया पर बेधड़क टीका-टिप्पणियां देखने को मिल रही हैं. कोई तारीफ कर रहा है, कोई आलोचना भी कर रहा है. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनको इस ट्रेलर ने तनाव पैदा कर दिया है. तनाव दहशत का है. लोगों को रणबीर कपूर की एनिमल की याद आ गई है. एनिमल के खून-खराबे वाले सीन ने जबरदस्त माहौल बनाया था. आलोचना और नफरत में भी फिल्म का प्रमोशन कम नहीं था. डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने बड़ी ही चतुराई के साथ वह फिल्म बनाई थी और बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई भी की.
अब कयास यह लगाया जा रहा है कि आदित्य धर अपनी फिल्म धुरंधर में उससे भी नेक्स्ट लेवल का वायलेंस लेकर आने वाले हैं. सोशल मीडिया के टिप्पणीकारों का कहना है अगर ट्रेलर ही ऐसा है तो पिक्चर न जाने कैसी होगी? वास्तव में धुरंधर के कलाकार संजय दत्त, रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल के जो आक्रामक अंदाज दिखे हैं उसने दर्शकों के बीच खौफ पैदा कर कर दिया है. खौफ, जी हां खौफ. धुरंधर का मिशन भी यही लगता है- खौफ फैलाना. हिंसा जितनी ज्यादा होगी, लोग उतनी चर्चा करेंगे. लोग जितनी चर्चा करेंगे, फिल्म का प्रमोशन भी अपने आप उतना ही होगा.
हर किरदार फिल्म की एक कहानी
इसे कहते हैं नकारात्मक कॉमेंट्स में भी पब्लिसिटी का आधार तैयार करना. एनिमल में एकमात्र रणबीर कपूर ने डेंजर रोल प्ले किया था लेकिन धुरंधर का हर चेहरा खौफनाक है. उसके मंसूबे खतरनाक है. ट्रेलर में जितने चेहरे हैं- वे सब के सब धुरंधर हैं. और हर धुरंधर मानो खुद को सिकंदर मानता है. वह अपने मिशन में जीतना चाहता है. विजेता कहलाने की ललक से लैस है. दुश्मन का सर और धड़ अलग-अलग कर देने वाला धुरंधर. एक धुरंधर चौधरी असलम के किरदार में संजय दत्त हैं. उसे शैतान और जिन्न की पैदाइश कहा जाता है. वह अपने दुश्मनों को खस्सी की तरह काटने के लिए कुख्यात है.
संवाद में यह नृशंसता है. दूसरा धुरंधर मेजर इकबाल के तौर पर अर्जुन रामपाल है जो भारत को लहूलुहान करना चाहता है. अपने कैद में रखे भारतीय जांबाज की छाती को छलनी कर देना चाहता है. उसके सीने में सन् 1971 की भारत-पाक जंग और बांग्लादेश विभाजन का गहरा जख्म है, तब उसकी उम्र महज छह साल की थी. उसने रेडियो पर ज़ियाउल हक़ का बयान सुना था, जो उसकी जेहन में अब तक है- ब्लीड इंडिया विथ अ थाउजैंड कट्स (Bleed India with a thousand cuts). यानी भारत को हजार घावों से लहूलुहान करो. यही भारत के खिलाफ पाकिस्तानी आर्मी का सिद्धांत है.
आर. माधवन के लुक में किसका चेहरा?
तीसरे धुरंधर हैं भारतीय खुफिया अधिकारी अजय सान्याल बने आर. माधवन हैं, जोकि पाकिस्तान की हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. पाकिस्तान का मुंह तोड़ने के लिए मुट्ठी कसना ही बेहतर मानते हैं. अजय सान्याल के लुक में आर. माधवन ने सबसे अधिक गॉसिप बटोरी है. कई तरह की चर्चाएं आम हैं. कई विख्यात चेहरे से मिलान किया जा रहा है जो पाकिस्तान के लिए खौफ का पर्याय बन चुके हैं. अजय सान्याल से पाकिस्तानी हुकूमत डरती है. वहीं चौथा धुरंधर रहमान डकैत बने अक्षय खन्ना ने एक बार फिर अपने सख्त चेहरे से सबको सन्न कर दिया है. वह कसाईनुमा मौत देने के लिए कुख्यात है. पत्थर से चेहरा कुचल देता है.
रणवीर सिंह के किरदार में भगवान का क्रोध
फिल्म का पांचवां धुरंधर यकीनन लीड हीरो है. हालांकि इंट्रोडक्शननुमा ट्रेलर में रणवीर सिंह के नाम का खुलासा नहीं किया गया है. वह जांबाज लुक में दिखते हैं. उसके साथ फिल्म की हीरोइन सारा अर्जुन भी नजर आती हैं. बेशक यहां रोमांस के लिए ज्यादा स्पेस नहीं लेकिन एक्शन के साथ रोमांस का महज तड़का ही हो सकता है. सारा की भूमिका फिल्म में ही स्पष्ट हो सकेगी. लेकिन पांचवें धुरंधर के विकराल रूप को फिल्म में भगवान का क्रोध बताया गया है. यानी भारत की भूमि पर नापाक नजर डालने वालों का अंजाम बहुत खतरनाक हो सकता है क्योंकि भारत तो देवताओं की भूमि है. इस वाक्य का यही आशय समझ आता है.
इन किरदारों से साफ जाहिर हो जाता है कि धुरंधर की कहानी क्या है. हर किरदार के परिचय को इकट्ठा कर दें तो वह कहानी बन जाता है. यानी कहानी के केंद्र में एक बार फिर भारत-पाक के बीच युद्ध और आतंकवाद है. ऐसा लगता है पाकिस्तान 1971 और कश्मीर का बदला लेने के लिए भारत को लहूलुहान करने के खूनी मिशन पर काम कर रहा है. ट्रेलर में एक जगह स्क्रीन पर लिखा हुआ भी दिखता है- Inspired by incredible true events… यानी अविश्वसनीय सच्ची घटनाओं से प्रेरित. लेकिन ये अविश्वसनीय सच्ची घटनाएं क्या-क्या हैं- ये तो तभी पता चलेगा जब फिल्म रिलीज होगी.
हाई लेवल देशभक्ति का दौर
इतना साफ है कि आदित्य धर ने एक बार फिर अपनी फिल्म की कहानी की जमीन उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक जैसी ही रखी है. आदित्य खुद कश्मीरी पंडित हैं और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की साजिशों से नावाकिफ नहीं हैं. उरी की आक्रामकता को दर्शक भूले नहीं हैं. विकी कौशल का किरदार कभी भूला नहीं जा सकता है. हाल के सालों में फिल्मों में देशभक्ति के जोश को हाई लेवल पर दिखाने का जो चलन देखा गया, उसकी नई शुरुआत उरी से हुई.
जाहिर है यहां चेतन आनंद, मनोज कुमार, जेपी दत्ता जैसे दिग्गज फिल्मकारों की दिखाई गई देशभक्ति नहीं थी. आतंकवाद ने चेहरा बदला है. लिहाजा उरी के बाद की फिल्में गदर और बॉर्डर के लेवल से भी आगे निकल चुकी हैं. अब दहशत का डेंजर लेवल दिखाए बिना देशभक्ति का भाव पैदा नहीं होता. दर्शक इसे देखना चाहते हैं. छावा ने इसे फिर से साबित किया. यानी इस टेंपरामेंट में धुरंधर एक बार ट्रेंड सेटर फिल्म साबित हो सकती है. इंतजार रहेगा पांच दिसंबर का जब यह फिल्म थिएटर में रिलीज होगी.
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Dhurandhar Trailer Review: धुरंधर का सिकंदर कौन, किरदारों में छिपी है कहानी, फिर दिखेगी हाई लेवल देशभक्ति
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