Entertainment: बॉलीवुड के इस खूंखार विलेन से ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की ‘बा’ ने की थी शादी, बेटी भी बनीं हिरोइन – #iNA

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के चर्चे आजकल सोशल मीडिया पर खूब सुनने को मिल रहे हैं. स्टार प्लस पर ये सीरियल 29 जुलाई से फिर शुरू होने जा रहा है, जिसका प्रोमो भी आ चुका है. शो में तुलसी विरानी बनकर एक बार फिर स्मृति ईरानी शो में नजर आएंगी. इस शो में कोई हो या ना हो, लेकिन सबकी फेवरेट ‘बा’ कभी नजर नहीं आएंगी, क्योंकि इस रोल को सुधा शिवपुरी निभाती थीं और उन्होंने लगभग 10 साल पहले 77 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था. सुधा शिवपुरी ने एक दिग्गज अभिनेता के साथ शादी की थी और उन्होंने ‘क्योंकि सास…’ के अलावा भी कई सीरियल किए थे.

14 जुलाई 1937 को इंदौर में जन्मीं सुधा शिवपुरी जब 8वीं कक्षा में थीं तब से अपना करियर शुरू कर दिया था. उनके पिता का निधन हो गया था और उनकी मां बीमार रहती थीं. बड़ी होने के नाते घर की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई थी. 1963 में सुधा शिवपुरी ने NSD से ग्रेजुएशन किया और यहीं उनकी मुलाकात एक्टर ओम शिवपुरी से हुई थी. ओम शिवपुरी से उनकी शादी कैसे हुई, वो कौन थे और सुधा शिवपुरी का करियर कैसा रहा, आइए बताते हैं.

‘डॉन’ के विलेन थे सुधा शिवपुरी के पति

1978 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म डॉन में ओम शिवपुरी बतौर विलेन नजर आए थे. इसके अलावा उन्होंने 70 और 80 के दशक में ढेरों फिल्में कीं, जिनमें ज्यादातर वो विलेन ही बनते थे. 1968 में ओम शिवपुरी ने सुधा शिवपुरी के साथ शादी कर ली थी और साथ में ही दिल्ली के एक थिएटर प्ले किया करते थे. सुधा और ओम शिवपुरी का एक बेटा विनीत शिवपुरी और एक बेटी रितु शिवपुरी है. रितु को आपने गोविंदा की सुपरहिट फिल्म आंखें (1993) में उनके अपोजिट वाली हीरोइन के तौर पर देखा है. 1974 में सुधा अपने पति के साथ मुंबई शिफ्ट हो गईं और यहां उन दोनों को अलग-अलग समय पर हिंदी फिल्मों में काम मिलने लगा. सुधा शिवपुरी की पहली हिंदी फिल्म स्वामी (1977) थी, इसके बाद उन्होंने ‘इंसाफ का तराजू’, ‘हमारी बहू अलका’, ‘हम दोनों’, ‘सावन को आने दो’, ‘सुन मेरी लैला’, ‘द बर्निंग ट्रेन’, ‘विधाता’ और ‘माया मेमसाब’ जैसी फिल्में कीं.

पति को खोने के बाद टेलीविजन पर आईं सुधा शिवपुरी

15 अक्टूबर 1990 को ओम शिवपुरी का निधन हो गया था और सुधा शिवपुरी दो बच्चों के साथ अकेली हो गई थीं. हालांकि, उनके दोनों बच्चे बड़े हो चुके थे फिर भी उनके ऊपर जिम्मेदारियां थीं. पति के निधन के बाद कुछ साल तो उन्होंने फिल्में कीं, लेकिन फिर टीवी का रुख कर लिया. हालांकि, 1985 में दूरदर्शन के पॉपुलर कॉमेडी सीरियल ‘आ बैल मुझे मार’ और ‘रजनी’ जैसे टीवी सीरियल वो कर चुकी थीं, लेकिन फिल्मों से ब्रेक लेने के बाद आखिरी समय तक टीवी से ही जुड़ी रहीं.

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90 के दौर में तो सुधा शिवपुरी ने ‘मिसिंग’, ‘रिश्ते’, ‘सरहदें और बंधन’ जैसे टीवी सीरियल किए. लेकिन उन्हें बड़ा ब्रेक एकता कपूर के सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में बा का रोल करके मिला था. इस सीरियल में उनका बा का किरदार बहुत फेमस हुआ और सुधा शिवपुरी घर-घर में फेमस हो गई थीं. इसके अलावा उन्होंने ‘कबूल है’, ‘जय संतोषी मां’, ‘कसम से’, ‘किस देश में है मेरा दिल’ जैसे फेमस सीरियल भी किए.

बॉलीवुड के इस खूंखार विलेन से ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की ‘बा’ ने की थी शादी, बेटी भी बनीं हिरोइन

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