Entertainment: क्या अभिषेक बच्चन बॉलीवुड के नए अंडरडॉग हैं? अमिताभ हुए भावुक-‘कालीधर’ का टैलेंट भी था लापता! – #iNA

अभिषेक बच्चन की अदायगी को ज्यादातर लोगों ने कभी गंभीरता से नहीं लिया. उनके मुकाबले ऋतिक रोशन अपने पिता की फिल्मों से रातों-रात सुपरस्टार बने. वहीं अभिषेक रिफ्यूजी से कालीधर लापता तक पूरी खामोशी से बेपरवाह अपना काम करते गए. बड़े पर्दे से लेकर ओटीटी तक हर तरह के रोल निभाए हैं. ऋतिक की तरह उनके फिल्मी करियर के भी पच्चीस साल पूरे हो चुके हैं. वैसे करियर की शुरुआत में युवा, गुरू या बंटी और बबली जैसी फिल्मों से अभिषेक अपनी एक्टिंग से दर्शकों को चौंका चुके थे. इसके बावजूद सचाई तो यही है कि वो एक अंडरडॉग स्टार की भांति ही रहे. उनकी प्रतिभा का ठीक से कभी मूल्यांकन नहीं हुआ.

अभिषेक बच्चन की हालिया फिल्म कालीधर लापता की तरह उनका टैलेंट भी एक प्रकार से ‘लापता’ रहा है. जैसे कालीधर को खोजा जाता है, उसी तरह अब उनके भीतर दबे बैठे कलाकार को भी खोजकर निकाला जा रहा है. उन्होंने बेहतर डायरेक्टर के साथ सराहनीय परफॉर्मेंस दी है. इनमें मणिरत्नम, जेपी दत्ता और शूजित सरकार जैसे डायरेक्टरों का नाम लिया जा सकता है, जिन्होंने अभिषेक की प्रतिभा को निखारा है. इस साल अभी तक आई उनकी तीनों फिल्में इसी बात की ओर इशारा करती हैं. कोई हैरत नहीं कि इन तीनों फिल्मों से उन्होंने अपने महानायक पिता अमिताभ बच्चन को भी चौंका दिया. जो अब तक अपने बेटे के बारे में ज्यादा बातें करने से सकुचाते रहे हैं.

अभिषेक की परफॉर्मेंस पर गदगद अमिताभ

दरअसल अमिताभ बच्चन अपने बेटे अभिषेक की हालिया फिल्मों में उनके कैरेक्टर और परफॉर्मेंस को देखकर बहुत ही गदगद नजर आए हैं. उन्होंने अपनी भावनाएं सोशल मीडिया में शेयर की. अमिताभ बच्चन ने लिखा कि अभिषेक ने एक साल में तीन फिल्में और तीनों की भूमिकाएं अलग-अलग की. तीनों रोल में प्रदर्शन अलग-अलग देखने को मिला. इसके आगे जो उन्होंने लिखा, उससे अमिताभ के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने लिखा- इन्हें देखते हुए कहीं से भी ऐसा नहीं लगा कि ये अभिषेक बच्चन है. सब में वह वास्तविक किरदार नजर आए.

अमिताभ बच्चन ने अपने बेटे की प्रशंसा में यह भी लिखा कि आज के दौर में ऐसा लगना बहुत आसान नहीं लेकिन तुमने सफलता पाई है. अभिषेक, तुमने सबको दिखा दिया. इसी के साथ उन्होंने बेटे को दिल से आशीर्वाद दिया. और आखिरी पंक्ति लिखी – हां हां हां! तुम मेरे बेटे हो. मुझे तुम्हारी तारीफ करने से कोई नहीं रोक सकता. अभी यह साल तो खत्म भी नहीं हुआ. ना जाने और क्या-क्या गुल खिलाओगे.

वैसे ऐसा पहली बार नहीं है कि अमिताभ बच्चन ने अभिषेक बच्चन की तारीफ की है. इससे पहले भी वो सोशल मीडिया पर प्रशंसा लिखते रहे हैं, उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी शेयर करते रहे हैं लेकिन इस बार उन्होंने दिल खोलकर और भावुक होकर प्रशंसा की है. अमिताभ ने अभिषेक की इस साल आई तीन फिल्मों मसलन आई वांट टू टॉक, हाउसफुल 5 और हाल ही आई कालीधर लापता का जिक्र करते हुए इसे आज के दौर में सबसे अलग बताया है.

अभिषेक को देर से क्यों पहचाना गया?

इसमें कोई दो राय नहीं कि अभिषेक बच्चन को देर से चर्चा और सफलता मिली है, अभिषेक कभी भी उन अभिनेताओं की तरह नहीं दिखे जो बॉक्स ऑफिस पर सैकड़ों करोड़ का कलेक्शन करा सकें, यह भी सच है कि अभिषेक ने सलमान खान या शाहरुख खान की तरह ब्लॉकबस्टर भी नहीं दिया- लेकिन यह भी सच है कि इतने पर भी अभिषेक कभी डिमांड से बाहर भी नहीं सके. उन्हें लगातार फिल्में मिलती रही हैं और उन फिल्मों में उनके रोल की प्रशंसा भी होती रही है.

इस साल उनकी तीनों फिल्मों की बातें करें तो आई वांट टू टॉक में उनका अर्जुन सेन का किरदार हर किसी को भावुक कर देने वाला था. शूजित सरकार के निर्देशन में बनी इस फिल्म को भरपूर सराहना मिली. अभिषेक का कैंसर सर्वाइवर वाला रोल लोगों के दिलों को छू लेने वाला था, संवेदनाएं झकझोर देने वाला था. हालांकि यह बॉक्स ऑफिस पर भारी भरकम कलेक्शन बटोरने वाली फिल्म नहीं थी लेकिन समीक्षकों ने इस फिल्म को बहुत ही सकारात्मक रेटिंग दी.

दिलों के करीब रहने वाले किरदार

इसी तरह आम दर्शकों की संवेदना से जुड़ने में कालीधर लापता ने भी सफलता हासिल की है. हालांकि यह थिएटर में नहीं बल्कि ओटीटी जी5 पर रिलीज हुई. इस फिल्म में भी अभिषेक का रोल ऐसा था जो हाशिये पर रहने वाला उपेक्षित शख्स है. परिवार से बिछड़े कालीधर को जब अनाथ सुबोध मिलता है तो यह जोड़ी दर्शकों की भावनाओं से जुड़ती है. मधुमिता निर्देशित और लिखित इस फिल्म में सुबोध का किरदार मो. जीशान अय्यूब ने निभाया है. यह फिल्म इन दिनों चर्चा में बनी हुई है.

इन दोनों फिल्मों के अतिरिक्त हाउसफुल 5 में अभिषेक बच्चन एक अलग ही अंदाज और गेटअप में नजर आए. यहां वो अक्षय कुमार, रितेश देखमुख, जैकी श्रॉफ और संजय दत्त जैसे कलाकारों के साथ कॉमेडी करते दिखते हैं तो बाद में विलेन भी साबित होते हैं. विलेन के रूप में अभिषेक यहां बिल्कुल अलग प्रभाव पैदा करते हैं. किसी को अनुमान भी नहीं होता कि वो विलेन निकलेंगे.

आज की तारीख में अभिषेक थिएटर के साथ-साथ ओटीटी के भी सफल स्टार हैं. कालीधर लापता से पहले अभिषेक बच्चन ने दसवीं, घूमर, द बिग बुल और बॉब बिस्वास में भी प्रशंसनीय भूमिका निभाई थी. वहीं उनकी कुछ हिट फिल्मों की बात करें तो इनमें धूम 2, धूम 3, बोल बच्चन, हैप्पी न्यू ईयर, हाउसफुल 3 और दस का नाम लिया जा सकता है.

अभिषेक को कमतर आंकने की वजहें

वास्तव में अभिषेक बच्चन के अंडरडॉग मान जाने की दो सबसे बड़ी वजहें हैं. पहली वजह ये है कि वह उस बिग बी, महानायक अमिताभ बच्चन के बेटे हैं जिन्होंने सत्तर और अस्सी के दशक में फिल्म इंडस्ट्री की सारी महफिल लूट ली. एंग्री यंग मैन के तौर पर उन्होंने बॉलीवुड में एक इतिहास रच दिया. अभिषेक की तुलना हमेशा पिता से कर दी जाती है. सवाल लोगों के मन में यह रहता है कि पर्दे पर जैसे अमिताभ दिखते थे, वैसे उनके बेटे अभिषेक क्यों नहीं दिखते.

हालांकि इस तरह के सवाल उठाने वालों को यह भी सोचना चाहिए कि हर दौर के किरदार अलग-अलग होते हैं, कहानियां अलग होती है, दर्शकों का मिजाज अलग होता है, ऐसे में लोकप्रियता के मानदंड भी बदल जाते हैं. आज खुद अभिताभ बच्चन के रोल बदल चुके हैं. तो अभिषेक को अपने पिता का अनुसरण क्यों करना चाहिए.

दूसरी बड़ी वजह यह है कि अभिषेक जिस वक्त फिल्मों में आए वह बच्चन परिवार के लिए मुश्किलों भरा था. आर्थिक संकट से जूझ रहा था. करोड़ों के कर्ज से दबा था. अमिताभ बच्चन छोटे पर्दे पर केबीसी लेकर आए, यश चोपड़ा के पास काम मांगने गए, उन्हें मोहब्बतें फिल्म में रोल मिला तो खुद जया बच्चन ने अपनी नई फिल्मी पारी कभी खुशी कभी गम से शुरू की.

इसी दौर में अभिषेक बच्चन को लॉन्च कर दिया गया. जेपी दत्ता ने करीना कपूर और अभिषेक को लेकर रिफ्यूजी बनाई. मुश्किल भरे समय में अभिषेक लॉन्चिंग बहुत ही अमैच्योर तरीके से हुई. अभिषेक बच्चन की लॉन्चिंग कुछ समय के बाद अच्छी तैयारी के साथ होती तो उन्हें अंडरडॉग नहीं कहा जाता. अभिषेक की लॉन्चिंग उस तरह से नहीं हुई जैसे कि आमतौर पर किसी सुपरस्टार के बेटे की होती है.

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