Entertainment: Raat Akeli Hai 2: राजनीतिक रसूख की पोल खोलती कहानी, महज क्राइम थ्रिलर नहीं, नवाजुद्दीन का फिर दिखा कमाल – #iNA

नेटफ्लिक्स पर ट्रेंड कर रही ‘रात अकेली है’ फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के किरदार का नाम है- जटिल यादव. वह पुलिस इंस्पेक्टर बने हैं. हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मशगूल हैं. लेकिन यह किरदार जितना जटिल है इस फिल्म की कहानी भी मौजूदा समय की उतनी ही जटिलता लिये हुए है. हनी त्रेहान के निर्देशन में आई यह फिल्म नए भारत और विकास की चकाचौंध पर करारा कटाक्ष करती है. सत्ता, पैसा और राजनीतिक रसूख के दिखावे की पोल खोलती है. यहां अवैध बस्ती में गैर कानूनी फैक्ट्री और जानलेवा प्रदूषण का मुद्दा भी है. जबकि फिल्म क्राइम थ्रिलर जॉनर की है. फिल्म में बंसल परिवार के सदस्यों की हत्या की गुत्थी सुलझाने में कहानी की परतें जैसे-जैसे खुलती हैं; राजनीति, समाज की चौंकाने वाली हकीकत से पर्दा हटता जाता है.
लिहाजा यह फिल्म केवल रहस्य रोमांच से भरपूर कहानी नहीं रह जाती बल्कि अमीरी-गरीबी की कड़वी सचाई दिखाकर झकझोरती है. हमें आस-पास की दुनिया की दुश्वारियों और साजिशों के प्रति चौकन्ना भी करती है. यह साल 2020 में आई ‘रात अकेली है’ का सीक्वल है. पहले पार्ट में भी क्राइम थ्रिलर के बहाने सोशल इशू को उठाया गया था. तब भी पुलिस इंस्पेक्टर जटिल यादव की मुख्य भूमिका में नवाजुद्दीन सिद्दीकी थे. अब पांच साल बाद दूसरे पार्ट में नवाजुद्दीन और राधिका आप्टे को छोड़कर बाकी प्रमुख चेहरे बदल गए हैं. इस बार यहां रजत कपूर, दीप्ति नवल, संजय कपूर, चित्रांगदा सिंह, सुहाष आहूजा, रेवती और इला अरुण जैसे कलाकार हैं.
क्यों होती है बेरहमी से 6 लोगों की हत्या?
इन सभी कलाकारों का अभिनय फिल्म को वजन प्रदान करता है. सबने अपने अपने किरदार के साथ न्याय किया है. कहानी उत्तर प्रदेश के बंसल परिवार की है, जिसकी दो धड़ों के बीच करोड़ों की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है. इसी बीच एक रसूखदार बंसल परिवार के छह सदस्यों की एक ही रात में बेरहमी से हत्या कर दी जाती है. आखिर अचानक यह कांड क्यों और कैसे हुआ? इस सामूहिक हत्याकांड की तफ्तीश का जिम्मा इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) को सौंपा जाता है वहीं फोरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर रेवती और उसकी टीम इस मिशन में जुटती है.
इंस्पेक्टर जटिल यादव फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से अभियान को आगे बढ़ाते हैं. शक की सूई पहले मीरा बंसल यानी चित्रांगदा सिंह पर घूमती है और फिर गुरु मां यानी कि दीप्ति नवल पर लेकिन तफ्तीश का मिशन जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, नई-नई जानकारियां आने लगती हैं. बंसल परिवार के रसूख का कनेक्शन ना केवल सत्ता और पुलिस प्रशासन तक है बल्कि एक कोरियाई कंपनी की डील तक है. गुरु मां वैसे तो अध्यात्म की दुनिया में लीन रहने वाली साध्वी हैं लेकिन विदेशी कंपनी की गैर कानूनी स्थापना में भी मीरा बंसल की तरह भागीदार हैं. उसके बदले उसे विदेश भ्रमण का मौका मिला और कोरिया में अपना आश्रम भी खोला है.
कैसे खुलती है राजनीतिक रसूख की पोल?
इस ओटीटी फिल्म में मीरा बंसल के कैरेक्टर के माध्यम से राजनीतिक रसूख की पोल खोली जाती है. फिल्म बताती है कि राजनीतिक रसूख हो तो अवैध बस्ती में बिना परमिशन प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग लगाए जा सकते हैं, जहरीले प्रदूषण से अगर लोगों की मौत हो जाए तो पीड़ित परिवार को डराया दबाया जा सकता है, राजनीतिक रसूख हो तो उस अवैध फैक्ट्री के नाम पर करोड़ों की रकम इधर से उधर की जा सकती है, राजनीतिक रसूख हो तो सत्ता और शासन में गहरी पैठ बनाई जा सकती है, राजनीतिक रसूख हो तो मीडिया की स्वतंत्रता को भी प्रभावित किया जा सकता है, राजनीतिक रसूख हो तो सच को दबाया जा सकता है और मनमानी डॉक्टरी रिपोर्ट हासिल की जा सकती है और राजनीतिक रसूख तो किसी भी क्राइम के निष्कर्ष को अपनी सुविधा के मुताबिक बदला जा सकता है, आदि आदि.
जटिल यादव की ईमानदारी एक मिसाल
लेकिन राजनीतिक रसूख के बरअक्स इंस्पेक्टर जटिल यादव जिस बहादुरी और ईमानदारी से अपने बॉस डीजीपी बने रजत कपूर की इच्छा के विरुद्ध जाकर जांच अभियान को अंजाम तक पहुंचाता है, वह एक साहसी कारनामा है. नवाजुद्दीन ने काबिलेतारीफ परफॉर्मेंस दी है. रात अकेली है… इस लिहाज से मौजूदा समय की जटिलताओं को क्राइम थ्रिलर की चाशनी में लपेट कर प्रस्तुत करती है. इससे पहले कहानी में क्या-क्या होता है, ये जानने के लिए नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही इस फिल्म को देखा जा सकता है.
इसके बावजूद इस फिल्म में कुछ कमियां हैं. स्क्रीन पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे की केमेस्ट्री स्क्रीन पर काफी हिट है लेकिन इस फिल्म में दोनों के सीक्वेंस को कम ही रखा गया है. वह केवल नोंक-झोंक तक सीमित है. शादी के लिए उलझन फंसी है. अगर इसे थोड़ा और बढ़ाया गया होता तो राधा के किरदार को एक मकसद मिलता और कहानी थोड़ी और भी रोचक हो सकती थी.
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Raat Akeli Hai 2: राजनीतिक रसूख की पोल खोलती कहानी, महज क्राइम थ्रिलर नहीं, नवाजुद्दीन का फिर दिखा कमाल
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