Entertainment: कामिनी कौशल और जोहरा सहगल का वो रिकॉर्ड, जिसे तोड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन भी – #iNA

दिलीप कुमार, राज कपूर, देव आनंद और धर्मेंद्र जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ अभिनय कर चुकीं अभिनेत्री कामिनी कौशल के नाम अनोखा रिकॉर्ड है. पिछले दिनों उनका निधन हो गया था. वह हिंदी फिल्मों की एकमात्र ऐसी अभिनेत्री थीं, जिन्होंने शादी के बाद भी सबसे लंबे समय तक सिल्वर स्क्रीन पर अभिनय किया. उनकी सबसे हाल की फिल्म थी- आमिर खान की लाल सिंह चड्ढ़ा. जब यह फिल्म सन् 2022 में आई थी, तब कामिनी कौशल की उम्र थी- 95 साल. कामिनी कौशल की तरह ही जोहरा सहगल भी एक ऐसी अदाकारा थीं, जिनकी आखिरी फिल्म तब आई थी, जब उनकी उम्र 95 साल की थी. और वह फिल्म थी- रणबीर कपूर की सांवरिया. यह फिल्म 2007 में आई थी.

कामिनी कौशल और जोहरा सहगल बॉलीवुड की दो ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जिनके नाम इतनी उम्र तक काम करने का रिकॉर्ड है. दिलचस्प बात ये कि इन दोनों अभिनेत्रियों की शुरुआती फिल्म भी एक थी- सन् 1946 की नीचा नगर. इस फिल्म को चेतन आनंद ने बनाया था. 95 साल की उम्र में दोनों कलाकारों ने अपनी-अपनी फिल्मों में कैमियो किया था. इस उम्र में भला कितनी अभिनेत्रियां पर्दे पर काम करती हैं. यह एक रिकॉर्ड भी है.

शाहरुख, शाहिद के साथ भी रोल

कामिनी कौशल इसके पहले शाहिद कपूर की कबीर सिंह और शाहरुख खान की चेन्नई एक्सप्रेस में नजर आ चुकी थीं. तब भी वह नब्बे पार की थीं. इस तरह देखें तो जोहरा सहगल और कामिनी कौशल ऐसी अदाकाराएं हैं जिन्होंने नब्बे पार की उम्र में भी पर्दे पर बखूबी रोल निभाए हैं. जोहरा सहगल ने तो एक सौ दो साल का लंबा जीवन पाया जबकि कामिनी कौशल अट्ठानवे साल में दुनिया से रुखसत हुईं.

अभिनय की इतनी लंबी पारी बहुत कम कलाकारों ने निभाई है. अशोक कुमार ने इकसठ; देव आनंद, धर्मेंद्र ने पैंसठ-पैंसठ साल तक लगातार काम किया. धर्मेंद्र की फिल्म इक्कीस अभी आने वाली है. वह सन् 1960 से ही अभिनय कर रहे हैं. कामिनी कौशल उनकी पहली फिल्म की सह-अभिनेत्री भी थीं. शादी के बाद फिल्मों में सबसे लंबे समय तक काम रहने वाली अभिनेत्रियों में कामिनी कौशल संभवत: अकेली अभिनेत्री थीं.

Kamini Kaushal And Zohra Sehgal

शुरुआती दिनों में कामिनी कौशल और जोहरा सहगल

जोहरा और कामिनी का लाहौर से नाता

हालांकि कामिनी कौशल महज नौ साल की उम्र से ही अभिनय की दुनिया में आ गई थीं. यह तथ्य बहुत कम लोग जानते हैं. उनके बड़े भाई ने एक छोटी फिल्म बनाई थी- द ट्रैजेडी. इसमें उन्होंने अभिनय किया था. कामिनी कौशल का जन्म 15 जनवरी 1927 को लाहौर में हुआ था. तब वह अविभाजित भारत का हिस्सा था और मुंबई-कोलकाता से पहले फिल्म निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र. फैशन की नगरी के तौर पर विख्यात. वह संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखती थीं. उनके पिता शिवराम कश्यप प्रोफसर थे. महज सात साल की थीं तभी पिता का देहांत हो गया. उनका शुरुआती नाम था- उमा. लाहौर से ही अंग्रेजी में में बीए किया. चेतन आनंद भी लाहौर से थे. जिन्होंने पहली बार सन् 1946 में नीचा नगर में काम करने का मौका प्रदान किया था. चेतन आनंद कामिनी के भाई के दोस्त थे.

नीचा नगर दोनों की थी पहली फिल्म

जोहरा सहगल की भी पहली फिल्म नीचा नगर थी. तब उनकी उम्र चौंतीस साल थी, जबकि कामिनी कौशल महज उन्नीस साल की थीं. यानी दोनों कलाकारों में बड़ा अंतर था. जोहरा इससे पहले कला, संस्कृति, नृत्य और शिक्षा से जुड़े अभियानों और संस्थानों से जुड़ी रहीं. जोहरा का ताल्लुकात आगरा और सहारनपुर से था लेकिन बाद के दौर में उन्होंने लाहौर का रुख कर लिया था. फिर पृथ्वी थिएटर और इप्टा से जुड़ीं. इप्टा से जुड़ने पर सन् 1946 में चेतन आनंद की नीचा नगर और ख्वाजा अहमद अब्बास की धरती के लाल से जुड़ने का मौका मिला. यहीं से उनका फिल्मी सफर शुरू हो गया.

एक मॉडर्न गर्ल, दूसरी टॉम बॉय

कामिनी कौशल और जोहरा सहगल में एक और समानता है. दोनों ही कलाकार बिंदास जिंदगी जीने की शौकीन और आजादख्याल रहीं. कामिनी शुरुआत से ही मॉडर्न लाइफ स्टाइल को जीती थीं. वह अपने दौर की मॉडर्न गर्ल कहलाती थींं. तैराकी, घुड़सवारी और स्केटिंग उनके शौक थे. रेडियो नाटकों में भी काम करती थीं. वहीं जोहरा सहगल भी प्रगतिशील विचारधारा की आधुनिक कलाकार थीं. खुद को टॉम बॉय मानती थीं. उन्होंने उम्र का लंबा समय बिताने के बाद मजहब की दीवार तोड़कर विवाह किया था.

कामिनी कौशल द्वितीय विश्व युद्ध के चलते वॉर रिलीफ फंड में पैसे जमा करने के लिए कॉलेज के नाटकों में काम करती थीं. इसी तरह जोहरा भी सामाजिक-सांस्कृतिक लक्ष्य के लिए स्टेज शो करती थीं. कामिनी कौशल को करियर के पहले मुकाम पर ही अपने जीजा से शादी करनी पड़ गई थी. लेकिन शादी के बाद भी अभिनय का सफर जारी रहा. नीचा नगर फिल्म में उन्होंने एक आदर्शवादी समाजसेविका की भूमिका निभाई थी. इसके बाद ज़िद्दी में कामिनी कौशल ने देव आनंद के साथ काम किया.

फिल्मों में सबसे लंबी पारी

उनकी अन्य प्रमुख फिल्में हैं- नदिया के पार, पारस, आरजू, नाइट क्लब, जेलर, बड़े सरकार और गोदान आदि. कामिनी कौशल ने चेन्नई एक्प्रेस में शाहरुख खान तो कबीरसिंह में शाहिद कपूर की दादी के रूप में रोल किया था. चौंकाने वाली बात ये कि जोहरा सहगल ने शुरुआती सालों में फिल्में करने के बाद सन् 1984 से 2007 तक लगातार हर साल एक फिल्म में काम किया है.

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कामिनी कौशल और जोहरा सहगल का वो रिकॉर्ड, जिसे तोड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन भी

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