Entertainment: पुराने गीतों से चुराए जा रहे फिल्मों के टाइटल, ऐड को भी नहीं छोड़ा, बॉलीवुड को ये क्या हो गया? – #iNA

Bollywood Movies Title: हिंदी सिनेमा का इतिहास बहुत पुराना है और इस सिनेमा पर लंबे समय से कॉपी करने का आरोप लगता रहा है. कभी हॉलीवुड की कहानियों पर बॉलीवुड में फिल्में बनी हैं तो कभी धुनों पर गाने. लेकिन अब तो बॉलीवुड को चोरी की ऐसी लत लग गई है कि फिल्मों के टाइटल तक चुराए जा रहे हैं. वो भी पुरानी हिंदी फिल्मों के गानों से ही ऐसा किया जा रहा है. ज्यादा दूर ना जाएं तो पिछले 2 सालों में ही आपको ऐसे कितने सारे उदाहरण मिल जाएंगे जहां पर फिल्मों के टाइटल किसी ना किसी पुरानी फिल्मों के पॉपुलर गीतों से उठाए गए हैं. या तो गीतों के टाइटल पर ही फिल्म का नाम रखा जा रहा है या तो किसी अंतरे की पॉपुलर लाइन उठाकर फिल्म का टाइटल बना दिया जा रहा है. हद तो तब हो गई जब ऐड तक को भी नहीं छोड़ा गया.

अभी तक तो बस ये ट्रेंड था कि पुराने गानों का रीमेक नई फिल्मों में डाला जा रहा था. लेकिन अब तो फिल्मों के टाइटिल भी गानों से चुराने लग गए हैं. नवंबर महीने के चौथे शुक्रवार को तेरे इश्क में नाम से एक फिल्म आई है. आनंद एल राय ने इसका निर्देशन किया है और कार्तिक आर्यन लीड रोल में हैं. इस फिल्म का टाइटल भी गानों से चुराया गया है. धर्मेंद्र की ही फिल्म के पुराने गाने के बोल हैं मैं तेरे इश्क में मर ना जाऊं कहीं. हालांकि ये चलन नया नहीं है. पहले भी ऐसा होता रहा है. लेकिन अब बहुत फ्रीक्वेंटली ऐसा होते देखा जा रहा है. मिसाल के तौर पर बता रहे हैं कि पिछले 2 सालों में कितनी ऐसी फिल्में हैं जिनके टाइटल पुराने लोकप्रिय गीतों से उठाए गए हैं.

2024 में कई बार दिखा ऐसा

अगर साल 2024 की ही बात करें तो इस साल कई सारी ऐसी फिल्में आईं जिनके टाइटल पुरानी फिल्मों के लोकप्रिय गानों पर आधारित है. इस साल अमीषा पटेल की रोमांटिक-ड्रामा फिल्म आई थी जिसका टाइटल तौबा तेरा जलवा था. अब जरा अभय देओल की फिल्म देव डी को याद कीजिए. इस फिल्म में इमोशनल अत्याचार गाने के बोल थे तौबा तेरा जलवा तौबा तेरा प्यार. यही तो अमीषा की फिल्म का टाइटल है. इसके अलावा सारा अली खान की फिल्म ऐ वतन मेरे वतन भी साल 2024 में आई थी. यही आलिया भट्ट की फिल्म राजी के गाने का भी टाइटल है.

2024

इसके अलावा ओटीटी पर अमित स्याल की एक फिल्म आई थी जिसका टाइटल था जो तेरा है वो मेरा है. इस फिल्म में परेश रावल भी एक्टिंग करते नजर आए थे. अब जरा एयरटेल के ऐड के बोल की अगर बात करें तो ये भी तो ऐसे ही था- ‘जो तेरा है वो मेरा है.’ लगता है फिल्म मेकर्स ने इस बात को सीरियसली ले लिया है और धड़ल्ले से फिल्मों के टाइटल्स को गानों से उठाया जा रहा है.

2025 भी इस मामले में नहीं रहा पीछे

मामला कितना ट्रेंड में है इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि साल 2025 में ही 4-5 ऐसी फिल्में आ चुकी हैं जिनका टाइटल फिल्मों के गानों से सीधे तौर पर उठाया गया है. इसका अंदाजा आप कुछ समय पहले ही आई अजय देवगन की फिल्म दे दे प्यार दे 2 से लगा सकते हैं. अब जरा 5 दशक पहले आई अमिताभ बच्चन की फिल्म शराबी के गाने को याद करिए जो वो स्क्रीन पर जया प्रदा जी के किरदार के लिए गा रहे होते हैं. उसके बोल भी यही होते हैं- दे दे प्यार दे, प्यार दे, प्यार दे दे.

वहीं ओटीटी पर फातिमा सना शेख और आर माधवन की फिल्म आप जैसा कोई आई थी. इस फिल्म का टाइटल सुन आपको तुरंत ही 1980 में आई कुर्बानी फिल्म के गाने की याद आ जाएगी. वहीं आशुतोष राणा की फिल्म का टाइटल वन टू चा चा चा रखा गया जो धर्मेंद्र की फिल्म शालीमार के गाने से लिया गया था. ये वो गाना था जिसे उषा उत्थप ने गाया था और इस गाने के बाद उनकी पॉपुलैरिटी काफी ज्यादा बढ़ गई थी.

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क्यों तेजी से बढ़ रहा है ये चलन?

फिल्म इंडस्ट्री ट्रेंड पर ही चलती है. अगर कुछ चल गया तो फिर वैसी ही चीजों पर मेकर्स का फोकस बढ़ जाता है. जैसे जब श्रद्धा कपूर की स्त्री 2 फिल्म सीरीज सुपरहिट साबित हुई उसके बाद से उसकी अपार सफलता को देखते हुए कई सारी ऐसी ही फिल्में बनीं. इन फिल्मों ने सिनेमाघरों में अच्छा परफॉर्म भी किया. तो सबसे पहले तो इसकी वजह यही है कि ये चलन मौजूदा समय में हाइलाइट है और एक के बाद एक कई फिल्में ऐसी आती जा रही हैं जिनमें टाइटल चुराए जा रहे हैं और यूनिक टाइटल की ओर फोकस नहीं किया जा रहा है.

दूसरी वजह ये हो सकती है कि ऐसे टाइटल पहले से ही लोगों के बीच पॉपुलर रहते हैं. गानों के तौर पर लोगों की जुबां पर रहते हैं और उनके जेहन में भी रहते हैं. तो मेकर्स की ये सोच हो सकती है कि अगर पॉपुलर गानों के टाइटल पर फिल्मों का टाइटल रखा जाएगा तो लोग फिल्म के प्रति जल्दि अट्रैक्ट होंगे और कनेक्ट करना पसंद करेंगे. इसके अलावा कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि ज्यादा बल्की टाइटल्स फैंस पसंद नहीं करते हैं. कोई भी ऐसा टाइटल फिल्म का रखना भी नहीं चाहेगा जिसे बोलने में या याद रखने में दिक्कत हो. तो फिल्मों का सिंपल टाइटल रखना भी इसकी एक वजह हो सकती है.

Sara Ali Khan Image

कितना सक्सेसफुल है टाइटल कॉपी का चलन?

वैसे तो इस बात पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है कि फिल्मों का टाइटल अगर सिंपल है तो आपकी फिल्म अच्छा परफॉर्म करेगी. दोनों एकदम ही अलग चीजें हैं. फिल्मों का हिट होना या ना होना टाइटल से ज्यादा उसकी कहानी और किरदारों पर निर्भर करता है. टाइटल तो फैंटेसाइज करने के लिए है. इसमें कोई दोराय नहीं है कि किसी फिल्म का टाइटल जनता को उसका फर्स्ट इंट्रोडक्शन होता है और फर्स्ट इनविटेशन भी. मगर फिल्म के चलने या ना चलने से इसका सीधे तौर पर कोई ताल्लुक नहीं है.

जहां तक बदले हुए टाइटल की फिल्मों के चलने या ना चलने की बात है तो बॉक्स ऑफिस के आधार पर इसका आकलन किया जा सकता है. अभी तक ऊपर जो भी 10 फिल्में उदाहरण के तौर पर पेश की गई हैं उनकी बॉक्स ऑफिस पर परफॉर्मेंस बहुत खास नहीं रही है. तो बॉक्स ऑफिस के लिहाज से अगर देखा जाए तो ये चलन अभी तक उतना सफल होता तो दिखाई नहीं दे रहा है. हालांकि अगर मेकर्स फिल्मों को फ्रेश टाइटल्स देते हैं तो क्रिएटिव पॉइंट ऑफ व्यू से भी ये एक पॉजिटिव बात होगी.

पुराने गीतों से चुराए जा रहे फिल्मों के टाइटल, ऐड को भी नहीं छोड़ा, बॉलीवुड को ये क्या हो गया?

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