एशले टेलिस की गिरफ्तारी का भारत पर क्या होगा असर? पूर्व राजनयिक महेश सचदेव ने बताया
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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (.)। अमेरिका में भारतीय मूल के अमेरिकी विशेषज्ञ एशले टेलिस को चीन के लिए जासूसी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। टेलिस की गिरफ्तारी ने अमेरिका से लेकर भारत तक खलबली मचा दी है। इस मामले को लेकर पूर्व राजनयिक महेश सचदेव ने . से बातचीत की और बताया कि इसका भारत और अमेरिका के संबंध पर क्या असर पड़ेगा।
पूर्व राजनयिक महेश सचदेव ने अमेरिकी डिफेंस एक्सपर्ट एशले टेलिस मामले को लेकर कहा, यह एक ऐसी स्थिति है जो शैक्षणिक स्वतंत्रता के कगार पर है। अक्सर ज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जानबूझकर अपना काम करने के लिए वर्गीकृत जानकारी तक पहुंच की आवश्यकता होती है, बशर्ते यह एक निर्दिष्ट और अनुमत तरीके से किया जाए, लेकिन यहां तो यह उस सीमा से भी आगे निकल गया है। टैलिस लंबे समय से विशेषज्ञ और टिप्पणीकार रहे हैं और उन्होंने अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के विदेश विभाग में भी काम किया है। उन्हें पता होगा कि वे क्या कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि उन्होंने सोच-समझकर जोखिम उठाया है। क्या उनकी मंशा अकादमिक थी या सतही थी, यह तो आगे की जांच ही बताएगी। एफबीआई अभी कुछ भी नहीं बता रही है।
भारत के ऊपर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर उन्होंने कहा, वे भारत के विशेषज्ञ थे और उन्होंने अमेरिका में विभिन्न प्रशासनों को भारत के प्रति अपनाई जाने वाली नीति के बारे में सलाह दी है। अगर वे चीनियों के लिए काम कर रहे होते, तो हो सकता है कि उन्होंने भारत में अपनी पढ़ाई के दौरान अपने पास मौजूद विशेषाधिकार प्राप्त डेटा जानकारी को चीनियों को भी हस्तांतरित किया होता। इसलिए इसका हम पर संभावित रूप से प्रभाव पड़ता है।
वहीं भारत और अमेरिका के संबंध पर पड़ने वाले असर को लेकर उन्होंने कहा कि अगर जांच में इस मामले की और गहराई का पता चलता है, तो यकीनन इसका असर भारत और अमेरिका के रिश्ते पर भी पड़ सकता है।
एफबीआई ने शनिवार को वर्जीनिया के वियना स्थित एशले टेलिस के घर पर छापेमारी की। इस दौरान वहां उन्हें 1000 से अधिक पेज का एक सीक्रेट डॉक्यूमेंट मिला। ऐसे में टेलिस के खिलाफ सीक्रेट दस्तावेज रखने और कई बार चीन के अधिकारियों से मुलाकात करने का मामला दर्ज किया गया है।
13 अक्टूबर को इस मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह पूरा मामला सीसीटीवी में कैद हुआ, जब 25 सितंबर को टेलिस स्टेट डिपार्टमेंट के हैरी एस टूमैन बिल्डिंग में सैकड़ों दस्तावेजों का प्रिंट कर रहे थे।
प्रिंट करने के बाद उन्होंने सिस्टम से फाइल को डिलीट कर दिया। टेलिस ने डिलीट की गई फाइल को इकॉन रिफॉर्म के नाम से सेव किया था। इसमें यूएस एयर टैक्टिक्स से जुड़ी 1288 पेज थीं। इसके अलावा, 10 अक्टूबर को उन्हें अपने ब्रीफकेस में एक मार्क सेंटर की एक सुरक्षित फैसिलिटी से टॉप सीक्रेट दस्तावेजों को नोटपैड में छिपाते हुए देखा गया।
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केके/डीएससी
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