गाजियाबाद साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन: मैच्योर बीमा पॉलिसी ठगी रैकेट का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

गाजियाबाद, 10 जुलाई, 2025 – गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग मैच्योर बीमा पॉलिसियों पर अधिक रिटर्न का लालच देकर लोगों को बिटकॉइन में निवेश के नाम पर ठगता था। इस सफलता से गाजियाबाद पुलिस की उत्कृष्ट कार्यशैली और साइबर अपराध के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता एक बार फिर उजागर हुई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान रवि प्रताप, विकास कुमार, नवीन प्रताप सिंह, अनुज और गुंजन के रूप में हुई है। इन शातिरों ने तेलंगाना, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे तीन राज्यों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें करीब 44 लाख रुपये की ठगी की गई।
*भारी मात्रा में बरामदगी*
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने 5 मोबाइल फोन, 1 लैंडलाइन डिवाइस, 2 चेक, 1 एटीएम कार्ड, एक महिंद्रा XUV 500 कार और 1 लाख 83 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि यह गैंग बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहा था।
इस महत्वपूर्ण खुलासे को अंजाम देने वाली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन टीम में निरीक्षक मनोज यादव, एसआई अंकुल, सीसीओ विजय तोमर और पंकज शामिल थे। इनकी अथक मेहनत, लगन और उत्कृष्ट कार्यशैली की बदौलत ही इन साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सका। गाजियाबाद पुलिस इन शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयासरत थी और उनकी यह सफलता निश्चित रूप से साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को राहत देगी।
अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुछ का आपराधिक इतिहास रहा है। रवि प्रताप और विकास कुमार पहले भी साइबर धोखाधड़ी के आरोप में थाना साइबर क्राइम द्वारका, दिल्ली से जेल जा चुके हैं। वहीं, अनुज जनपद जालौन से चोरी की 2 घटनाओं में जेल की हवा खा चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि ये शातिर अपराधी लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
डीसीपी सिटी ने किया ईनाम की घोषणा
गाजियाबाद के डीसीपी सिटी श्री धवल जैसवाल ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए खुलासा करने वाली टीम को 25,000 रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। यह घोषणा पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाएगी और उन्हें भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
गाजियाबाद पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। यह दिखाता है कि साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार जारी है और ऐसे किसी भी प्रयास को बख्शा नहीं जाएगा जो आम जनता की मेहनत की कमाई को ठगने का प्रयास करेगा।
गाजियाबाद पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि वे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर दें।









