हेल्थ जागरूकता कार्यक्रम::डॉ. सुषमा बोलीं: माइग्रेन, स्ट्रोक व चक्कर आने का समाधान सही इलाज से आसान- INA NEWS

शहर की स्टर्लिंग टूल्स इंडिया कंपनी में कामगारों के लिए हेल्थ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुषमा शर्मा ने कर्मचारियों को कॉमन न्यूरोलॉजिकल प्राब्लम्स को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा माइग्रेन ओर सर्वाइकल के दर्द को काफी हल्के में नहीं लेना चाहिए। लापरवाही बड़ी बीमारी को बढ़ावा दे सकती है। उन्होंने कहा बदलती जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और लंबे समय तक लगातार काम करने की आदतें न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को तेजी से बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा माइग्रेन, सर्वाइकल दर्द, सुन्नपन, कमजोरी, बेल्स पाल्सी, फिट्स, स्ट्रोक और पार्किंसन जैसी बीमारियां अक्सर शुरुआत में हल्की लगती हैं, लेकिन लापरवाही बरतने पर ये गंभीर परिणाम दे सकती हैं। उन्होंने स्ट्रोक के लक्षणों पर जोर देते हुए कहा कि चेहरे का टेढ़ा होना, एक तरफ कमजोरी, बोलने में समस्या, चक्कर या संतुलन बिगड़ना-इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। डॉ. शर्मा ने कर्मचारियों को नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, स्क्रीन टाइम कम करने, सही पॉश्चर अपनाने, पानी का पर्याप्त सेवन और हेल्दी डाइट अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज न करें। किसी भी तरह के सुन्नपन, बार-बार सिरदर्द या चक्कर आने की समस्या हो तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। कंपनी प्रबंधन ने कहा ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हैं और कार्यक्षमता भी बढ़ाते हैं। अंत में कर्मचारियों ने स्वास्थ्य से जुड़े कई सवाल पूछे। जिनका डॉ. शर्मा ने सरल तरीके से जवाब दिया।
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