National-Scam alert: 5G टॉवर लगाने के लिए TRAI से मिली मंजूरी वाले फर्जी लेटर से हो रहा फ्रॉड, कैसे बचें? – #INA

Scam alert: देश में मोबाइल टावर लगाने का घोटाला काफी समय से चल रहा है। हाल ही में यह एक बार फिर से नए कलेवर में सामने आया है। लोगों को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नाम से एक पत्र मिल रहा है, जिसमें उनकी जमीन पर 5G टावर लगाने की सूचना दी गई है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस लेटर का पर्दाफाश किया है और इसे ‘फर्जी’ करार दिया है और नागरिकों को इस घोटाले में न फंसने की चेतावनी दी है।
दशकों से चल रहे इस घोटाले का शिकार हजारों लोग हुए है। किसी ने 10-20 हजार किसी ने लाखों रुपये गवां दिए है। आइए आपको बताते हैं आखिर यह घोटाला कैसे काम करता है और यह आपके लिए कितना खतरनाक हो सकता है।
पहले जानिए लेटर में क्या है?
देश भर में एक लेटर शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि यह TRAI से है और निजी संपत्ति पर 5G मोबाइल टावर लगाने की झूठी अनुमति दे रहा है। पत्र आधिकारिक दिखने के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें सरकारी प्रतीक, लेटरहेड और हस्ताक्षर शामिल हैं। हालांकि, TRAI ने 2022 में एक आधिकारिक प्रेस नोट के माध्यम से पुष्टि की है कि वह मोबाइल टावर लगाने के लिए परिसर को पट्टे पर नहीं देता या किराए पर नहीं लेता है।
लेटर में लिखा है, ‘मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि, आपकी जमीन को सैटेलाइट द्वारा चेक किया गया था, तब, आपकी जमीन पर सैटेलाइट से नेटवर्क की उचित रेंज थी। इसलिए, आपकी जमीन को दूरसंचार अधिनियम-1972 के तहत 5G मोबाइल टावर लगाने के लिए मंजूरी दे दी गई है। भवन के मालिक से दस्तावेज और सिविल इंजीनियर से संरचना स्थिरता प्राप्त करें। दूरसंचार विभाग आपको बिना किसी भौतिक प्रक्रिया के अपनी साइट पर एक टावर लगाने की अनुमति देता है। कृपया कंपनी के नियमों का पालन करें। और सभी अनिवार्य दस्तावेज 48 घंटे के भीतर गैर-विभाग को जमा करें। फिर आपको अपनी साइट पर अपना टावर पैनल अनुमोदन प्राप्त करना होगा।’
इस पर ‘सौम्येंदु गांगुली’ के नाम से एक फर्जी हस्ताक्षर है, जो TRAI का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, साथ ही एक गलत अकाउंट नंबर और नकली सीलें भी हैं।
कैसे काम करता है यह फ्रॉड ?
इसके तहत धोखेबाज भूस्वामियों को नकली पत्र या ईमेल भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि उनकी जमीन को टेलीकॉम टावर के लिए मंजूरी मिल गई है। पीड़ितों को अनुमोदन के लिए दस्तावेज जमा करने या शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा जाता है, जिससे पहचान की चोरी या वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है।टॉवर लगाने के लिए अंतिम अनुमोदन प्राप्त करने के लिए, आपको अपने जमीन के कागजात, पहचान पत्र प्रस्तुत करने और यहां तक कि अनुमोदन प्रक्रिया के लिए भुगतान भी करने की आवश्यकता है। यहीं पर घोटाला हो रहा है।
सबसे पहले आप जमा किए गए पैसे खो देंगे। दूसरा आपके जमीन के कागजात, पहचान पत्र भी गलत हाथों में पड़ जाएंगे और उनका विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।
बचने के लिए ये है सुझाव
- TRAI टावर लगाने के लिए जमीन को मंजूरी नहीं देता है।
- स्रोत की पुष्टि किए बिना कभी भी व्यक्तिगत या जमीन से संबंधित दस्तावेज साझा न करें।
- तत्काल जमा या भुगतान की मांग करने वाले पत्रों को अनदेखा करें।
- टेलीकॉम कंपनियों या आधिकारिक सरकारी पोर्टलों के माध्यम से दावों को सत्यापित करें।
- ऐसे घोटालों की शिकायत cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन में करें।
- सतर्क रहें और ऐसे फर्जी प्रस्तावों से सावधान रहें।
Scam alert: 5G टॉवर लगाने के लिए TRAI से मिली मंजूरी वाले फर्जी लेटर से हो रहा फ्रॉड, कैसे बचें?
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