जन अधिकार पार्टी के पत्र का असर MDDA नक्शा घोटाले में सचिव ने जॉइंट सेक्रेटरी को सौंपी जांच रिपोर्ट, कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) में गलत नक्शे पास करने के गंभीर मामले पर अब शासन स्तर पर हलचल तेज़ हो गई है। जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) द्वारा आवास सचिव को भेजे गए पत्र के बाद आवास विभाग के सचिव ने जॉइंट सेक्रेटरी को जांच रिपोर्ट अग्रेषित करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब लंबे समय से आरोप लग रहे थे कि MDDA में गलत नक्शे पास करने के मामले में दोषी अधिकारियों को जानबूझकर बचाया जा रहा है और फाइलों को “पुनः जांच” के नाम पर दबाया जा रहा है।

सात सदस्यीय समिति ने ठहराया था दोषी

सूत्रों के मुताबिक, शासन के निर्देश पर MDDA द्वारा गठित सात सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में सहायक अभियंता प्रशांत सेमवाल को दोषी ठहराया था। इस जांच के आधार पर MDDA सचिव ने आवास विभाग के अपर सचिव को स्पष्ट कार्रवाई की संस्तुति सहित पत्र भेजा, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जन अधिकार पार्टी ने खोला मोर्चा

इसी देरी और कथित संरक्षण के खिलाफ जन अधिकार पार्टी – जनशक्ति ने दिनांक 28 जनवरी 2026 को आवास सचिव को पत्र भेजकर सीधे सवाल उठाए थे कि—

दोषी अधिकारी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?

“पुनः जांच” का बहाना बनाकर मामला क्यों लटकाया जा रहा है?

क्या शासन स्तर पर जानबूझकर संरक्षण दिया जा रहा है?

अब जॉइंट सेक्रेटरी को सौंपी गई फाइल

पार्टी के पत्र के बाद अब आवास सचिव ने पूरा मामला जॉइंट सेक्रेटरी को सौंपते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसे साफ़ संकेत माना जा रहा है कि अब फाइल दबाने की गुंजाइश कम होती जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है।

“दोषियों को बचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं”

जन अधिकार पार्टी के नेताओं का कहना है कि—

> यह मामला केवल गलत नक्शों का नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की साख का है। यदि अब भी दोषियों को बचाने की कोशिश हुई, तो पार्टी सड़कों से लेकर हाईकोर्ट तक आंदोलन करेगी।

 

सवाल अभी भी कायम

हालांकि कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होना अहम माना जा रहा है, लेकिन सवाल अब भी खड़े हैं—

क्या जांच रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक दंडात्मक कार्रवाई होगी?

या फिर यह मामला भी काग़ज़ों में ही निपटा दिया जाएगा?

क्या वर्षों से चले आ रहे MDDA के नक्शा-माफिया पर पहली बार गाज गिरेगी?

अब नजर शासन के अगले कदम पर

जन अधिकार पार्टी के दबाव के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई से साफ है कि मामला अब दबाया नहीं जा सकता।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि जॉइंट सेक्रेटरी स्तर से कितनी तेज़ और कितनी निष्पक्ष कार्रवाई होती है।

Back to top button