Nation- मरीजों को दवा देने में बिहार देश में नंबर वन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया रैंकिंग स्कोर- #NA

सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा मुहैया कराने में बिहार देश भर में नंबर वन है. राज्य को यह खिताब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के एवीडीएमएस (AVDMS) केंद्रीय डैशबोर्ड की ओर से मासिक राज्य रैंकिंग में मिला है. राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर से बेहतर बनाने में कई प्रयास किए जा रहे हैं.
अधिकारियों ने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि लोगों को सरकारी अस्पतालों में अब आसानी से दवाएं उपलब्ध हो जा रही हैं.गंभीर बीमारियों के साथ-साथ सामान्य बीमारियों की दवाएं भी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही हैं. पिछले 11 महीने से बिहार लगातार अव्वल बना हुआ है.
बिहार बना नंबर वन राज्य
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार एवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड की ओर से राज्यों के लिए हर महीने एवरेज स्कोर आधारित रैंकिंक दी जाती है. यह रैंकिंग अस्पतालों में इलाज के लिए आए रोगियों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के आधार पर जारी होती है. बिहार पिछले साल के अक्टूबर में मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के मामले में पहले स्थान पर चल रहे राजस्थान को पछाड़ते हुए 79.34 अंकों के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल कर लिया.
दूसरे स्थान पर राजस्थान
इस महीने दूसरे स्थान पर 77.89 अंक के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर तो 64.68 अंकों के साथ तेलंगाना तीसरे स्थान पर रहा. इसके बाद अस्पतालों में रोगियों को दवा उपलब्ध कराने के मामले में राज्य का दबदबा लगातार कायम रहा. केंद्र सरकार की तरफ से हाल में अगस्त 2025 के लिए जारी एवरेज स्कोर में एक बार फिर से राज्य को 82.13 अंक के साथ पहला स्थान दिया गया है. 78.61 अंक के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर तो 73.28 अंक के साथ पंजाब तीसरे स्थान पर है.
मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में दी जाती हैं 611 दवाएं
राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में कुल 611 प्रकार की दवाएं मरीजों को दी जाती हैं. इसके तहत मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ओपीडी में 356 प्रकार की दवा, आईपीडी में 255 प्रकार की दवा, जिला अस्पताल के ओपीडी में 287 प्रकार की दवा, आईपीडी में 169 प्रकार की दवा, अनुमंडलीय अस्पताल के ओपीडी में 212 प्रकार की दवा दी जाती है.
साथ ही आईपीडी में 101 प्रकार की दवा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी में 212 प्रकार की दवा, आईपीडी में 97 प्रकार की दवा, रेफरल अस्पताल के ओपीडी में 203 प्रकार की दवा, आईपीडी में 98 प्रकार की दवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में 201 प्रकार की दवा, आईपीडी में 93 प्रकार की दवा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में 180 प्रकार की दवा, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में 140 प्रकार की दवा, आईपीडी में 53 प्रकार की दवा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 151 प्रकार की दवा तोल वहीं स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर 97 प्रकार की दवाएं दी जाती हैं.
मरीजों को दवा देने में बिहार देश में नंबर वन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया रैंकिंग स्कोर
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