योगीराज में भी बेखौफ दबंग खानदान: आगरा के मंटोला में भू-माफिया का आतंक जारी ।

यह उत्तर प्रदेश है, वही प्रदेश जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भू-माफियाओं और गुंडों के खिलाफ बुलडोजर चलाने का ऐलान किया था। दावा था कि अब गरीबों और मजलूमों की जमीन पर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख पाएगा, लेकिन आगरा के मंटोला की गलियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। यहां एक ऐसा दबंग खानदान है, जिसका सिक्का आज भी चल रहा है।
यह ऐसा खानदान है, जो कानून और प्रशासन को ठेंगा दिखाता हुआ गरीबों की जमीनों पर कुंडली मारकर बैठा है।
यह कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा खानदान है, जिसका उदय ही कब्जे, बिना लाइसेंस ब्याज के धंधे और गुंडागर्दी की काली नींव पर हुआ है। आज जूते के नकली सोल बनाने का करोड़ों का कारोबार है इनके पास, लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा करोड़ों की दर्जनों विवादित संपत्तियां हैं। इनका तरीका साफ है—जिस परिवार में विवाद है, वहां एक कमजोर कड़ी को कुछ पैसों का लालच देकर अपना मोहरा बनाओ और फिर पूरी जायदाद पर कब्जा कर लो।
मंटोला में ऐसे तमाम किस्से हवा में तैर रहे हैं, जहां इस खानदान ने लोगों की जमीदों पर कब्जा करना अपना पेशा बना लिया है।
कुछ समय पहले दो कानूनी मामलों ने इस परिवार को थोड़ा शांत किया था, लेकिन अब ये फिर से सक्रिय हो गए हैं। एक और विवादित मकान पर कब्जे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह सब योगीराज में हो रहा है, जहां सरकार भू-माफियाओं पर नकेल कसने का दावा करती है। तो फिर क्यों इस दबंग खानदान पर शासन-प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही? क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें बंद की जा रही हैं?
हमारी पड़ताल तो यही कहती है कि यह माफिया खामोशी से अपना काम किए जा रहे हैं, और प्रशासन कान में तेल डाले बैठा है। आखिर कब तक गरीबों और मजलूमों के आशियानों पर ये दबंग खानदान कब्जा करते रहेंगे? कब चलेगा इन पर बुलडोजर? या फिर यह मान लिया जाए कि सत्ता के गलियारों में कुछ लोगों की पहुंच इतनी मजबूत है कि उन पर कोई आंच नहीं आएगी? मंटोला के लोग आज भी उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब उन्हें इन भू-माफियाओं से मुक्ति मिलेगी। यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन कब इन अपराधियों पर कार्रवाई करता है।









