World News: खारिज करने से हकीकत नहीं बदलने वाली, अरुणाचल पर चीन को भारत का जवाब – INA NEWS

World News: खारिज करने से हकीकत नहीं बदलने वाली, अरुणाचल पर चीन को भारत का जवाब – INA NEWS

भारत ने शंघाई एयरपोर्ट पर भारतीय नागरिक के रोके जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पेमा वांगजॉम अरुणाचल प्रदेश की निवासी हैं और वैलिड भारतीय पासपोर्ट पर लंदन से जापान जा रही थीं. उनका शंघाई में सिर्फ तीन घंटे का ट्रांजिट था, लेकिन चीनी अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट इनवैलिड बताकर उन्हें रोक लिया.

भारत ने यह भी दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है. यहां के नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट रखने और यात्रा करने का पूरा अधिकार है. चीन की ओर से इस सच्चाई को नकारने से कुछ नहीं बदलने वाला. भारत ने कहा कि पेमा को मनमाने तरीके से हिरासत में लिया गया, जबकि वह सिर्फ विमान बदलने आई थीं.

चीन ने यात्रा नियमों का उल्लंघन किया

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई इंटरनेशनल एयर ट्रैवल नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि चीन की अपनी नीति के अनुसार सभी देशों के नागरिकों को 24 घंटे तक वीजा-फ्री ट्रांजिट की अनुमति है. इससे पहले चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी बयान जारी किया था. उनका कहना है कि कहना है कि पेमा को न तो हिरासत में लिया गया और न उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ.

माओ निंग ने दावा किया कि जांच कानून के मुताबिक की गई और यात्री को आराम और भोजन की सुविधा दी गई. चीन ने यह भी कहा कि दुनिया के कई देश ऐसी जांच करते हैं, इसलिए इसे गलत नहीं कहा जा सकता. लेकिन पेमा के मुताबिक, उन्हें लगभग 18 घंटे रोके रखा गया. उन्हें सिर्फ इसलिए परेशानी झेलनी पड़ी, क्योंकि उनके पासपोर्ट पर जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश लिखा था. उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी 3 घंटे का लेओवर एक भयानक अनुभव बन गया.

भारत ने तुरंत कार्रवाई की

घटना की जानकारी मिलते ही भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और चीनी दूतावास को डिमार्च (औपचारिक विरोध पत्र) जारी किया. भारतीय दूतावास और शंघाई में वाणिज्य दूतावास ने पेमा से संपर्क किया. वह यूके में मौजूद एक दोस्त की मदद से भारतीय अधिकारियों तक संदेश भेज सकीं. बाद में भारतीय मिशन की मदद से देर रात की उड़ान से चीन से बाहर निकल पाईं.

चीनी प्रवक्ता माओ निंग ने भारत के विरोध (डिमार्च) पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया था कि अरुणाचल प्रदेश उसका हिस्सा है. चीन इसे जांगनान या साउथ तिब्बत कहता है. माओ ने कहा कि जांगनान चीन का क्षेत्र है और अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता.

खारिज करने से हकीकत नहीं बदलने वाली, अरुणाचल पर चीन को भारत का जवाब

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