गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेगी भारत की अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल, 1500 KM तक कर सकती है वार

Republic Day 2026 Parade: भारत इस साल अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस अवसर पर हर साल 26 जनवरी के दिन दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भारत दुनिया को अपनी ताकत दिखाता है. जिसे देखने के हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. इसके साथ ही दुनिया के किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को भी मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता है. इस बार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सेंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर मौजूद रहेंगे.

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेगी हाइपरसोनिक मिसाइल

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर सभी राज्यों की झांकियों के साथ भारत की तीनों सेनाओं की झांकियां भी निकलती है. जिसमें सेनाओं के पराक्रम और भारत के मिसाइलों, तोपों, टैंक और हथियारों का प्रदर्शन किया जाता है. गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारत की लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल (LRASHM) मिसाइल को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा. इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है.

 

Anti-Ship Hypersonic Glide Missile 2
हाइपरसोनिक मिसाइल Photograph: (ANI)

 

1500 किमी तक दुश्मन का मिटा सकती है नामोनिशान

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी उसकी मारक क्षमता है. ये एंटी शिप हाइपरसोनिक मिसाइल 1500 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकती है. इस मिसाइल से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत मिलेगी. इस मिसाइल को खासतौर पर भारतीय नौसेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. जो हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरती है यानी ये मिसाइल ध्वनि की गति से कई गुना अधिक होती है. इसकी तेज रफ्तार के चलते ही दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम इसे ट्रेस नहीं कर सकते, जिससे इसे उसके टारगेट से  पहले रोकना नामुमकिन है.

दुश्मन के जहाजों को समुद्र में कर देगी तबाह

ये हाइपरसोनिक मिसाइल विभिन्न प्रकार के पेलोड ले जाने में सक्षम है. इसके साथ ही ये समुद्र में तैनात दुश्मन के जहाजों की हथियार प्रणालियों को निशाना बनाने में भी सक्षम है. इसकी तेज रफ्तार समुद्री युद्ध के दौरान इसे बेहद घातक हथियार बना देती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मिसाइल से भारतीय नौसेना की स्ट्राइक क्षमता और समुद्री नियंत्रण में बढ़ोतरी होगी.

भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम

परियोजना के निदेशक ए. प्रसाद गौड का कहना है कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन हाइपरसोनिक ग्लाइड और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है. हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन गणतंत्र दिवस परेड के दौरान किया जाएगा. जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करता है. साथ ही ये दिखाता है कि भारत अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

ये भी पढ़ें: कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बनेंगे 10 हजार विशेष मेहमान, सरकार ने इन्हें भेजा न्योता

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेगी भारत की अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल, 1500 KM तक कर सकती है वार




[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on newsnationtv.com, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button