Nation- बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पक्का सबूत… जानें विजिलेंस को पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने क्या-क्या बताया- #NA

बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पक्का सबूत... जानें विजिलेंस को पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने क्या-क्या बताया

पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय और बिक्रम मजीठिया.

ड्रग-मनी मामले में गिरफ्तार अकाली नेता बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार को मजीठिया के खिलाफ ड्रग-मनी मामले में विजिलेंस को बड़ी जानकारी दी है. पूर्व डीजीपी विजिलेंस अधिकारियों को जानकारी देने के लिए पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट चंडीगढ़ पहुंचे.

विजिलेंस अधिकारियों को जानकारी देने के बाद सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने मीडिया से कहा कि 2012-13 में मजीठिया के खिलाफ हमारे पास काफी सबूत थे और आज भी सबूत हैं, लेकिन चूंकि तब अकाली दल की सरकार थी, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. उस समय मजीठिया खुद भी मंत्री थे.

चट्टोपाध्याय ने कहा कि वह विजिलेंस को यह बताने आए थे कि आज भी ऐसे सबूत सामने आए हैं, जो मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए काफी हैं. उन्होंने कहा कि मजीठिया ड्रग-मनी मामले में 100 फीसदी शामिल हैं. 2021 में उन्होंने मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया था, उस समय वह डीजीपी थे. उस समय भी उन्हें 5 महीने जेल में रहना पड़ा था. उन्होंने कहा कि उस समय हमारे पास केस में क्या जानकारी थी. मैंने उन्हें केस की पूरी पृष्ठभूमि बताई है, ताकि वह कोर्ट में मजबूती से केस पेश कर सकें.

ड्रग्स तस्करों और पुलिस के बीच मिलीभगत

पूर्व डीजीपी ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस और ड्रग्स तस्करों पर नजर रखने के लिए एसआईटी का गठन किया था. हमारी एसआईटी ने तीन रिपोर्ट दी थी, जबकि मैंने एक रिपोर्ट अलग से दी थी. वह अभी बंद है. उन्होंने कहा कि हर जगह कुछ लोग होते हैं जो संस्था को बदनाम करते हैं.

उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने ड्रग्स तस्करों और पुलिस की मिलीभगत के बारे में भी रिपोर्ट दी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस में भी कई काली भेड़ें हैं, जो लोगों का शोषण करती हैं. बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रप्रीत का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ 15 जांच चल रही थीं, जबकि 4 मामले दर्ज थे. इसके बाद भी उसे 4 बार प्रमोशन दिया गया. उन्होंने दावा किया कि फरार एआईजी राजजीत ने ड्रग्स से ही सब कुछ बनाया है.

पूर्व डीजीपी ने कहा कि एसआईटी के तौर पर हमारा काम हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करना था. एसआईटी का चालान पेश करना हमारी जिम्मेदारी नहीं थी. हमें कुछ पुख्ता सबूत मिले थे. बाहर से भी पैसा आया था. फर्जी शेल कंपनियों में पैसा सर्कुलेट किया गया. यह एक अहम मामला है.

उन्होंने कहा कि वे कोई बयान दर्ज करवाने नहीं आए हैं, वे सिर्फ उस कमी को पूरा करने आए हैं जो 2021 से बनी हुई है. उनसे मिली यह जानकारी जांच अधिकारियों को मामले की जांच में काफी मददगार साबित हो सकती है.

हम बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं: सीएम

इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि सभी दस्तावेज एकत्र करने के बाद अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है. विपक्ष लंबे समय से आरोप लगा रहा था कि बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. अब जब बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है.

विजिलेंस ने 540 करोड़ रुपये के ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को मजीठिया को उनके अमृतसर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था.

बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पक्का सबूत… जानें विजिलेंस को पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने क्या-क्या बताया

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