National-तनाव घटाना या बढ़ाना अब पाकिस्तान के ऊपर, हम हर एक्शन का जवाब देने के लिए तैयार: भारत – #INA

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच विदेश सचिव विक्रम मिस्री (Vikram Misri) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य कार्रवाई सिर्फ 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की प्रतिक्रिया थी। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान के ऊपर निर्भर करता है कि वह तनाव को बढ़ाना चाहता है या कम करना।
मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान पर भारत के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के प्रयासों को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नीलम-झेलम जलविद्युत परियोजना पर कथित हमले को लेकर फैलाई जा रही ‘झूठी कहानियों’ को खारिज किया और चेतावनी दी कि भारत की रणनीतिक संपत्तियों पर हमले के किसी भी प्रयास का गंभीर नतीजा होगा।
उन्होंने कहा, “पहले पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जरिए तनाव बढ़ाया। हम सिर्फ उसी का जवाब दे रहे हैं। अगर पाकिस्तान तनाव बढ़ाने की कोशिश करता है, तो उसे उपयुक्त जवाब दिया जाएगा।”
पाकिस्तान की 15 सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश
विदेश सचिव ने यह भी बताया कि बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में स्थित 15 सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों के जरिये निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय बलों ने नाकाम कर दिया।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अब झूठे प्रचार के जरिए खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। यह देश तब से झूठ बोलता आया है, जब से इसका जन्म हुआ। 1947 में पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया और संयुक्त राष्ट्र से कहा कि ये हमलावर सिर्फ कबाइली थे। बाद में जब हमारी सेना और UN प्रतिनिधि वहां पहुंचे, तो पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी सामने आई।”
पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का एपिसेंटर बताया
मिस्री ने पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का “एपिसेंटर” करार दिया और कहा कि दुनिया भर में कई आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान की भूमिका रही है। उन्होंने अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने और वहां उसे “शहीद” कहे जाने को इसका उदाहरण बताया।
उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के साथ पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों की कथित संलिप्तता की ओर भी इशारा किया। साथ ही बताया कि कुछ आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने राज्यकीय सम्मान के साथ भाग लिया।
विदेश सचिव ने पाकिस्तान द्वारा संयुक्त जांच की मांग को भी खारिज कर दिया और कहा कि मुंबई 2008 और पठानकोट 2016 हमलों में पाकिस्तान का रिकॉर्ड “विश्वसनीय नहीं” रहा है।
IMF में पाकिस्तान के बेलआउट पैकेज का मुद्दा उठाएगा भारत
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में पाकिस्तान के बेलआउट पैकेज को लेकर भारत का पक्ष रखा जाएगा। भारत के कार्यकारी निदेशक शुक्रवार को वॉशिंगटन में होने वाली IMF बोर्ड की बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे।
इसके अलावा, मिस्री ने बताया कि भारत जल्द ही संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध निगरानी समिति से मुलाकात कर “द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)” के बारे में अपडेटेड जानकारी साझा करेगा, जिसने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी।
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तनाव घटाना या बढ़ाना अब पाकिस्तान के ऊपर, हम हर एक्शन का जवाब देने के लिए तैयार: भारत
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