खबर बाजार -Star Health में डेटा ब्रीच के बाद कई एग्जिक्यूटिव्स ने इस्तीफे की पेशकश की, शेयर फिसले – #INA

खबर बाजार -Star Health में डेटा ब्रीच के बाद कई एग्जिक्यूटिव्स ने इस्तीफे की पेशकश की, शेयर फिसले – #INA

स्टार हेल्थ में डेटा लीक का असर कंपनी की टॉप लीडरशिप पर पड़ता दिख रहा है। टॉप लेवल के कम से कम 3-4 एग्जिक्यूटिव्स ने इस्तीफे की पेशकश की है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह बताया। इनमें कंपनी के चीफ रिस्क अफसर, चीफ फाइनेंशियल अफसर, चीफ कंप्लायंस अफसर और चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी कंप्लायंस अफसर शामिल हैं। इन एग्जिक्यूटिव्स पर कंपनी की साइबर सिक्योरिटी की जिम्मेदारी रही है। इसलिए सिक्योरिटी ब्रीच की चल रह जांच के दायरे में ये भी शामिल हैं। 19 मई को कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। 11:12 बजे शेयर 2.11 फीसदी गिरकर 411 रुपये पर चल रहा था।

सूत्रों ने यह भी बताया कि Star Helath and Allied Insurance Co को ब्रांच लेवल पर भी बड़ी संख्या में स्टाफ के इस्तीफे का सामना करन पड़ा है। इनमें ज्यादातर टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टाफ शामिल हैं। बताया जाता है कि अलग-अलग शहरों में कंपनी के करीब 1,600-1,800 एंप्लॉयीज ने इस्तीफे दे दिए हैं या उन्हें इस्तीफा देने को कहा गया है। स्टार हेल्थ एक इंश्योरेंस कंपनी है, जो सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस ऑफर करती है। यह स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध है।

एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, “बिजनेस को लेकर भारी दबाव और रोल में बदलाव के बाद फील्ड और ब्रांच लेवल पर कुछ एंप्लॉयीज ने नौकरी छोड़ी है। कुछ को इसलिए कंपनी को छोड़ने को कहा गया, क्योंकि एंप्लॉयीज की संख्या ज्यादा थी।” हालांकि, स्टार हेल्थ ने इस बारे में मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब में कहा है, “एंप्लॉयीज के कंपनी छोड़ने की दर पिछले साल भी ऐतिहासिक औसत जितनी रही है। यह इंडस्ट्री के एवरेज से कम है। हमें इस बारे में कुछ अलग तरह का पैटर्न नहीं दिख रहा।”

स्टार हेल्थ को साइबर ब्रीच की वजह से पेनाल्टी भी चुकानी पड़ सकती है। Digital Personal Data Protection Act (DPDP Act) 2023 के नियमों के तहत कंपनी पर कार्रवाई हो सकती है। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डायरेक्शंस 2022 में कहा गया है कि किसी कंपनी में डेटा ब्रीच होता है तो उसे इसके बारे में छह घंटे के अंदर बताना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर कंपनी के खिलाफ सेक्शन 70बी(सी) के तहत कार्रवाई हो सकती है। उसे हर डेटा ब्रीच के लिए 17.6 करोड़ रुपये पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है।

भारत सरकार के मेंबर जज और मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व एडवोकेट (Litigation & Advisor) सूर्या सेंथिल का करना है कि इसका मतलब है कि DPDP Act के तहत स्टार हेल्थ को 250 करोड़ रुपये पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है। कंपनी पॉलिसीहोल्डर्स की हेल्थ से जुड़े डेटा की सुरक्षा में नाकाम हो गई थी। हालांकि, पेनाल्टी के बारे में पूछने पर कंपनी ने इससे इनकार किया। उसने कहा कि जो पेनाल्टी अमाउंट बताया जा रहा है वह काफी ज्यादा है। उसने यह भी कि पेनाल्टी के बारे में सिर्फ अनुमान के आधार पर कहा जा रहा है जो गलत है।

Star Health में डेटा ब्रीच के बाद कई एग्जिक्यूटिव्स ने इस्तीफे की पेशकश की, शेयर फिसले

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