महापौर गरिमा देवी ने नगर निगम क्षेत्र के सभी 46 वार्डों में करीब दो हजार कंबलों का किया वितरण

संवाददाता-राजेन्द्र कुमार

बेतिया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने अपनी नेतृत्व क्षमता का एक और उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नगर निगम क्षेत्र के सभी 46 वार्डों के लिए करीब दो हजार कंबलों का वितरण किया। यह पहल निश्चित रूप से जरूरतमंदों और असहाय गरीबों के लिए एक आशा की किरण साबित हो रही है। इस अवसर पर महापौर श्रीमति सिकारिया ने यह कहा कि असहाय गरीब और जरूरतमंदों की मदद सर्वश्रेष्ठ मानवीय धर्म है। उनके शब्दों में सच्ची हमदर्दी और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव झलका।

इस कार्यक्रम में महापौर ने बताया कि हर वार्ड के जमादार के माध्यम से 40-40 कंबल असहाय जनों को निःशुल्क देने के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। महापौर का यह कथन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बहुत गंभीरता से लेते हैं। समाज के उन वर्गों के बारे में सोचते हैं जो अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। इस दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में दर्जनों असहाय लोगों को महापौर के द्वारा विभागीय निर्देशों के अनुरूप कंबल वितरित किए गए।

महापौर ग्रिमा देवी सिकारिया ने आगे कहा कि सर्दियों के इस मौसम में असहाय गरीबों को ठंड से बचाना हमारी प्राथमिकता है। “हमारा समाज तब ही मजबूत होगा जब हम उन लोगों का ख्याल रखेंगे जो सच में मदद के हकदार हैं।” उन्होंने नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह और अन्य नगर पार्षदों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

इस वितरण कार्यक्रम ने नगर निगम के प्रयासों को भी उजागर किया है, जो कि गरीब असहाय जनों की भलाई के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। स्थानीय समुदाय में यह पहल एक सकारात्मक संदेश पहुंचा रही है और लोगों के दिलों में गरिमा देवी के प्रति श्रद्धा और प्रेम का भाव उत्पन्न कर रही है। कार्यक्रम में आए लोगों ने महापौर की इस नेक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में उम्मीदों की किरण बनकर उभरते हैं।

साथ ही, इस वितरण कार्यक्रम में उल्लेखनीय था कि यह कंबल न केवल ठंड से बचाने के लिए हैं, बल्कि यह समाज में गरीबों की स्थिति को सुधारने का एक साधन भी हैं। महापौर ने कहा कि “हमारी कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति शीतलहर के कारण परेशानी में न रहे।” महापौर का यह दृष्टिकोण वाकई में सराहनीय है और इसे सभी को अपनाना चाहिए।

बेतिया में समाज सेवकों की यह पहल कहीं न कहीं हमें यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने आस-पास के जरूरतमंद लोगों के बारे में सोच रहे हैं। जब समाज में ऐसे नेता होते हैं जो वास्तव में समाज के लिए सोचते हैं, तभी बदलाव संभव है। गरिमा देवी सिकारिया की यह पहल एक प्रेरणा है उन सभी लोगों के लिए जो समाज में बदलाव लाने का सपना देखते हैं।

यह आयोजन एक यादगार पल बन गया, जहां असहाय गरीबों का चेहरा खुशियों से खिल उठा। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं और हमें यह याद दिलाते हैं कि असहाय गरीब और जरूरतमंदों की मदद ही हमारे अस्तित्व का असली धर्म है।

समाज में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है, ताकि हम सभी मिलकर एक सशक्त और सहारे वाले समाज की स्थापना कर सकें। गरिमा देवी सिकारिया की इस नेक पहल से निश्चित रूप से बेतिया के असहाय गरीबों को एक नई उम्मीद मिलेगी।

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