पाचन सुधार से लेकर तनाव मुक्ति तक, सुखासन के चमत्कारी फायदे

नई दिल्ली, 18 जून (.)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग तन और मन दोनों को सुकून देने का काम करता है। योग की शुरुआत अगर किसी आसान, शांत और मन को केंद्रित करने वाली मुद्रा से करनी हो, तो सुखासन सबसे बेहतर है। जैसा कि नाम से ही पता चलता है- सुख यानी आराम और खुशी, और आसन का मतलब बैठने की एक खास मुद्रा। यह आसन इतना आसान होता है कि बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसे आसानी से कर सकता है। यह योग की शुरुआत करने वालों के लिए सबसे सही आसन है। यह योगासन आपको तनावमुक्त रखने में मदद करता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, सुखासन करने से शरीर में ताकत बढ़ती है और मूड भी अच्छा होता है। यह मन और शरीर दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। जब हम इस आसन में बैठते हैं, तो हमारा मन शांत होता है और तनाव कम हो जाता है। साथ ही, शरीर की मांसपेशियां भी आराम महसूस करती हैं। यह आसन हमारी सांसों को सही ढंग से लेने में मदद करता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और शरीर ताजगी महसूस करता है।

सुखासन से हमारे पेट को भी फायदा होता है। जब हम इस आसन में सीधी कमर के साथ शांत होकर बैठते हैं, तो पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। खाना खाने के बाद कुछ देर इस आसन में बैठना पेट की गड़बड़ियों को कम कर सकता है। इस आसन को करने से गैस, अपच जैसी परेशानियों से राहत पाने में मदद मिलती है।

जब हम सुखासन में बैठते हैं, तो हमारे घुटनों और टखनों में थोड़ा सा खिंचाव महसूस होता है। यह खिंचाव शरीर को धीरे-धीरे लचीला बनाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। इस आसन को करने से जोड़ों की ताकत बढ़ती है और उनका दर्द कम होता है। खास बात यह है कि सुखासन बहुत ही आरामदायक होता है, इसलिए इसे लंबे समय तक किया जा सकता है। रोजाना इसे करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है और साथ ही मन भी शांत रहता है।

सुखासन करने से हमारी पीठ मजबूत होती है। जब हम इस आसन में सीधे बैठते हैं, तो हमारी कमर और रीढ़ की हड्डी सही तरीके से सीधी रहती है, जिससे पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इससे पीठ दर्द की समस्या भी कम होती है। साथ ही, मजबूत पीठ होने से हम लंबे समय तक आराम से बैठ पाते हैं और शरीर में संतुलन भी बना रहता है।

सुखासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे बैठ जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें। फिर अपने बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाएं पैर को जांघ के नीचे आराम से रखें। इसके बाद दाएं पैर को भी मोड़कर बाएं पैर की जांघ के नीचे रख दें। अब दोनों हाथों को आराम से घुटनों पर रखें, जैसे ध्यान की मुद्रा होती है। आख़िर में अपनी आंखें बंद कर लें और आराम से सांस लें। सांस पर ध्यान करते हुए इस तरह बैठने से आपका मन शांत होता है और शरीर भी आराम महसूस करता है।

–.

पीके/एएस

डिस्क्लेमरः यह . न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ हमारा चैनल टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

पाचन सुधार से लेकर तनाव मुक्ति तक, सुखासन के चमत्कारी फायदे




[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on newsnationtv.com, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button