MP News: 12 साल की कांवड़िया, सुकुमर ने शुरू की 400 किमी लंबी यात्रा, शिवपुरी से जल लेने निकली दो बहनों की जोड़ी – INA

MP News: 12 साल की कांवड़िया, सुकुमर ने शुरू की 400 किमी लंबी यात्रा, शिवपुरी से जल लेने निकली दो बहनों की जोड़ी – INA

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की कोलारस कस्बे की रहने वाली दो सगी बहनों ने गंगाजल कांवड़ लाने का फैसला लिया है. बड़ी बहन पहले भी कांवड़ ला चुकी है. ऐसे में अब 12 साल की छोटी बहन ने भी अपनी बड़ी बहन को कावड़ गंगाजल लेने के लिए सोरोंजी गंगा घाट जाते देखा तो उसने भी यह निर्णय लिया कि मैं भी अपनी बड़ी बहन और जीजीजी के साथ गंगाजल लेने जाऊंगी. वह अपनी बड़ी बहन के साथ कावड़ में गंगाजल लेने घर से निकली है और उसके मुंह पर बम-बम भोले के जयकारे हैं.

कोलारस कस्बे की रहने वाली 12 साल की सुकुमर अपनी बहन और जीजा के साथ कांवड़ के लिए निकाली है. जब उससे कांवड़ लाने के पीछे की वजह पूछी तो उनसे बताया कि कांवड़ लाने की कोई खास वजह नहीं है. बहन को दूसरी बार कांवड़ (गंगाजल) के लिए जाते देखा तो मेरे मन भी जाना का ख्याल आया. सुकुमर अपने घर से दूर करीब 400 किलोमीटर लंबी यात्रा कर कांवड़ लाने के लिए निकली है.

जानें कहां से मिली सुकुमर को प्रेरणा

सुकुमर की बड़ी बहन गुलाबो अपने पति के साथ पहले भी एक बार कांवड़ लेकर आ चुकी है. यहीं से उसे कांवड़ लाने की प्रेरणा मिली है. सुकुमर कहती है कि यात्रा कितनी भी लंबी क्यों ना हो. उसके साथ खुद शिव शंकर भोलेनाथ हैं तो फिर थकान और परेशानी क्यों ही होगी. बच्ची की श्रद्धा को देखकर कोलारस वासियों ने उसके स्वागत की तैयारी की है और पूरा इलाका बम बम भोले के जयकारों से गूंज रहा है.

सोरों जी से लाएगी जल

बच्ची अपने घर से 400 किलोमीटर दूर सोरों जी गंगा घाट से जल भरकर लाएगी. सोरों जी गंगा घाट को हरिपदी गंगा भी कहा जाता है. यह उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित एक तीर्थ स्थल है, जहां हर साल लाखों कावड़िए जल भरने के लिए पहुंचते हैं. यह भगवान वराह के अवतार की मोक्ष भूमि मानी जाती है और यहां पिंडदान और अस्थि विसर्जन का विशेष महत्व है.

12 साल की कांवड़िया, सुकुमर ने शुरू की 400 किमी लंबी यात्रा, शिवपुरी से जल लेने निकली दो बहनों की जोड़ी

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