MP News: CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, नशे की हालत में काफिले के बीच में आया शख्स! – INA


मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने के कारण बीमार हुए मरीजों को देखने के लिए एमवाय हॉस्पिटल पहुंचे. यहां पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री जब इंदौर एयरपोर्ट से निकले तो विधायक गोलू शुक्ला के कार्यालय के सामने नशे में धुत युवक अचानक काफिले के सामने आ गया.
इस दौरान उनके साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य लोग उपस्थित थे. वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई पानी जनित बीमारी की घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक 11 में पीने के पानी में गड़बड़ी के कारण उल्टी-दस्त की समस्या सामने आई, जिससे बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अब तक 40 हजार से अधिक लोगों की स्कैनिंग कराई है, जिसमें ढाई हजार से ज्यादा मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.
सचिव संजय दुबे मौके पर ही तैनात
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे मामले की निगरानी और जांच के लिए सचिव संजय दुबे को मौके पर ही तैनात किया गया है. वे वहीं बैठकर पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. कुछ अधिकारियों की कमी के चलते अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी और नगर निगम को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें.
जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के कदम
मोहन यादव ने कहा कि जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं. कल से नियमित जल सप्लाई बहाल की जाएगी. यदि कहीं भी पानी की पाइपलाइन में लीकेज पाया जाता है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा. साथ ही, जो भी तकनीकी या प्रशासनिक खामियां सामने आएंगी, उन्हें दूर कर भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि समय पर इलाज मिलने के कारण कई मरीजों की हालत में सुधार हुआ है और उन्हें राहत मिली है.
हालांकि पीने के पानी के कारण उल्टी-दस्त की स्थिति बनना बेहद कष्टदायक है और यह प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
सरकार के लिए एक भी मौत अत्यंत पीड़ादायक
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सिवरेज लाइन डालने के दौरान यह स्थिति बनी. अब तक इस घटना में चार लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार के लिए एक भी मौत अत्यंत पीड़ादायक है और यह घटना बेहद दुखद है. सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएंगे.
सरकार और जनप्रतिनिधि बेहद शर्मिंदा
वहीं इस मामले पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधि बेहद शर्मिंदा हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं. मंत्री ने बताया कि महापौर ने नगर निगम में स्टाफ की कमी की बात रखी है और इसी को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री द्वारा सचिव संजय दुबे को मौके पर ही तैनात किया गया है, ताकि नगर निगम की कमियों को दूर किया जा सके.
इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच जो तालमेल की कमी रहती है, उसे भी ठीक किया जाएगा. इस संबंध में बैठक कर ठोस निर्णय लिए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार में यदि इस तरह की घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की होती है और वे स्वयं इसकी जिम्मेदारी लेते हैं। मंत्री ने कहा कि जो लोग इस घटना में दिवंगत हुए हैं, उनके परिवारों की चिंता सरकार करेगी और जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं, उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी.
मरीजों का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी. उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों की इस मामले में जिम्मेदारी थी, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है, क्योंकि पिछले 8 से 10 दिनों से पानी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं. पार्षद द्वारा भेजे गए पत्र की कॉपी भी उन्होंने कमिश्नर को भेजी थी.
उन्होंने कहा कि गंदे पानी की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए था. पानी की जांच, पानी जांचने वाली गाड़ियों को क्षेत्र में घुमाना, पानी पीने योग्य नहीं होने की स्थिति में टैंकर की व्यवस्था करना और बोतलबंद पानी उपलब्ध कराना, यह सब नगर निगम का रूटीन काम है. उन्होंने नंदा नगर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी पहले पानी की हालत खराब थी और उस समय यही व्यवस्थाएं की जाती थीं.
मंत्री खुद लाइन चेक नहीं कर सकता
कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि सरकार गलती स्वीकार करती है. उन्होंने कहा कि जब अच्छा काम होता है तो सरकार श्रेय लेती है और जब गलती होती है तो उसकी जिम्मेदारी भी लेती है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री खुद लाइन चेक नहीं कर सकता, लेकिन व्यवस्था दुरुस्त करना सरकार की जिम्मेदारी है. भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी मिलकर काम करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों की कमी भी जल्द पूरी की जाएगी और बीमार लोगों को पूरी गंभीरता के साथ बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.
CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, नशे की हालत में काफिले के बीच में आया शख्स!
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