MP News: जबलपुर रिंग रोड हादसा: निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा, एक की मौत; 2 घायल… 22 मजदूर कर रहे थे काम – INA

MP News: जबलपुर रिंग रोड हादसा: निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा, एक की मौत; 2 घायल… 22 मजदूर कर रहे थे काम – INA

जबलपुर जिले में रिंग रोड परियोजना के तहत न्यू भेड़ाघाट के पास ललपुर गांव में नर्मदा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल पर दर्दनाक हादसा हो गया. निर्माणाधीन पुल के पिलर में कंक्रीट भरने के दौरान सेंट्रिंग टूटने से हुए हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा उस समय हुआ, जब करीब 22 मजदूर पुल के हिस्से पर काम कर रहे थे, जिनमें कुछ नाबालिग मजदूर भी काम कर रहे थे.

घटना में मृतक मजदूर की पहचान मुर्शीदाबाद (पश्चिम बंगाल) निवासी मुर्सलेम एस.के (26) के रूप में हुई. वहीं उसका भाई रसल एस.के (22) एवं एक अन्य छत्तीसगढ़ निवासी राजेश्वर सिंह (21) घायल हो गए. दोनों घायल मजदूरों को तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पुल के पिलर की सेंट्रिंग में लगे नट-बोल्ट ढीले थे. इसी लापरवाही के कारण ढांचा अचानक गिर गया. करीब 90 फीट की ऊंचाई से मजदूर नीचे गिरे, जो साफ दिखाता है कि सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी की गई थी.

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यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की रिंग रोड परियोजना का हिस्सा है और निर्माण कार्य NKC कंपनी द्वारा किया जा रहा है. मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अमला पहुंचा और जांच शुरू कर दी. एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ला के अनुसार, पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. हालांकि इस हादसे ने केवल एक तकनीकी विफलता का सवाल नहीं उठाया, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा, ठेकेदार की जवाबदेही और निगरानी तंत्र की गंभीर खामियों को भी उजागर किया है.

क्या बोले BJP विधायक नीरज सिंह?

वहीं पूरे मामले में बरगी से बीजेपी विधायक नीरज सिंह ने मौके पर पहुंचकर NKC कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए. उनका कहना है कि कंपनी के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी रही. विधायक ने स्पष्ट तौर पर कहा कि साइट इंजीनियर, सेफ्टी ऑफिसर और प्रोजेक्ट मैनेजर प्रथम दृष्टया नेग्लिजेंस के दोषी प्रतीत होते हैं. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत साहू का कहना है कि पूर्व मामले के लिए की जांच के लिए कमेटी पहुंचेगी, जो उसकी जांच करेगी कि आखिर घटना किन कारणों से हुई.

सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन किया गया

ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए और न ही बुनियादी सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन किया गया. इससे भी अधिक चिंताजनक आरोप यह है कि निर्माण कार्य में नाबालिगों से भी काम कराया जा रहा था. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, एक 17 वर्षीय किशोर के काम करने की बात सामने आई है, जिसकी पुष्टि के लिए प्रशासन दस्तावेजों की जांच कर रहा है. यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो यह श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन होगा.

SDM शहपुरा ने दी जानकारी

SDM शहपुरा मदन सिंह रघुवंशी ने भी स्वीकार किया कि सेंट्रिंग का गिरना स्पष्ट रूप से लापरवाही की ओर संकेत करता है. उन्होंने कहा कि नाबालिगों से काम कराए जाने के आरोपों की जांच की जाएगी और यदि तथ्य सही पाए गए तो लेबर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी. घायलों का नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है. इसके साथ ही एक कमेटी बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी.

जबलपुर रिंग रोड हादसा: निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा, एक की मौत; 2 घायल… 22 मजदूर कर रहे थे काम

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