MP News: मध्य प्रदेश में खांसी की दवा को लेकर बड़ा खुलासा, जांच में सही पाए सैंपल – INA


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि छिंदवाड़ा में 7 सितंबर से बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने कफ सिरप कोल्ड्रिफ पर प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं, इस बीच मध्य प्रदेश में खांसी की दवा को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. अब तक की जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 6 सैंपल जांचे थे, जिनमें खतरनाक डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) या एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) नहीं मिला. इन दोनों तत्वों से किडनी को गंभीर नुकसान होने संभावना होती है.
मध्य प्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (MPFDA) ने 13 सैंपल लिए थे, जिनमें से 3 की जांच हुई और वे भी सही पाए गए. लेकिन, मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर तमिलनाडु FDA ने कंपनी M/s Sresan Pharma (कांचीपुरम, तमिलनाडु) से “कोल्ड्रिफ कफ सिरप ” के सैंपल लिए. इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट 3 सितंबर की शाम आई, जिसमें पाया गया कि दवा में DEG तय सीमा से ज्यादा है.
इसी बीच, 3 अक्टूबर से देश के 6 राज्यों में 19 दवाओं के उत्पादन स्थलों पर सघन जांच शुरू की गई है. इसका मकसद यह पता लगाना है कि गुणवत्ता में कमी कहां हुई और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो. साथ ही, NIV, ICMR, NEERI, CDSCO और AIIMS नागपुर की टीम अलग-अलग सैंपल और परिस्थितियों की जांच कर रही है, ताकि छिंदवाड़ा और आसपास हुई बच्चों की मौत का सही कारण पता चल सके.
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है. इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्य प्रदेश में बैन कर दिया है. सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है. सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था. आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई. रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है. बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी. राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है. दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.’
तमिलनाडु सरकार ने भी सिरप लगाया बैन
इससे पहले, तमिलनाडु सरकार ने भी नमूनों में विषाक्त पदार्थों के पाए जाने के बाद इस कफ सिरप ब्रांड पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने तमिलनाडु स्थित कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है और उसे अपने संयंत्र में उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों के अनुसार, 7 सितंबर से अब तक संदिग्ध गुर्दे के फेल होने के कारण नौ बच्चों की मौत हो चुकी है. मौजूदा समय में, छिंदवाड़ा और नागपुर के आठ बच्चों सहित 13 बच्चों का इलाज चल रहा है.
मध्य प्रदेश में खांसी की दवा को लेकर बड़ा खुलासा, जांच में सही पाए सैंपल
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