मुनीर को पाकिस्तान में मिलने वाली है ‘असीमित’ ताकत, Pakistan के संविधान में होगा बड़ा बदलाव
Pakistan Constitution Amendment 2025: पाकिस्तान एक बार फिर संवैधानिक बदलाव के दौर से गुजरने जा रहा है। PM शहबाज शरीफ जल्द ही 27वां संविधान संशोधन संसद में पेश करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे सेना प्रमुख आसिम मुनीर की स्थिति और मजबूत हो जाएगी। बिलावल भुट्टो जरदारी के ट्वीट और उप प्रधानमंत्री इशाक डार की पुष्टि के बाद यह विषय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
HighLights
शहबाज शरीफ जल्द लाएंगे 27वां संविधान संशोधन प्रस्ताव।
बिलावल भुट्टो के ट्वीट से बढ़ीं पाक में राजनीतिक अटकलें।
संशोधन से सेना प्रमुख को अधिक शक्ति मिलने की संभावना।
डिजिटल डेस्क: पाकिस्तान में एक बार फिर सेना की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जल्द ही देश की संसद में 27वां संविधान संशोधन पेश करने वाले हैं। इस संशोधन के माध्यम से सेना प्रमुख की नियुक्ति और सशस्त्र बलों की कमान पर नियंत्रण को और सुदृढ़ करने की योजना बनाई जा रही है। आलोचकों का मानना है कि इस कदम के बाद सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की शक्तियां और बढ़ जाएंगी।
बिलावल भुट्टो जरदारी के एक ट्वीट ने इस संवैधानिक बदलाव की अटकलों को हवा दी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख बिलावल ने कहा कि सरकार ने उनसे 27वें संशोधन के समर्थन के लिए संपर्क किया है। इसके बाद पूरे देश में इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने मंगलवार को सीनेट में दिए अपने बयान में इन रिपोर्टों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि “बेशक, सरकार इसे ला रही है और लाएगी। 27वां संशोधन आने ही वाला है, जिसे संविधान और कानून के अनुरूप प्रस्तुत किया जाएगा।”
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस संशोधन में संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किया जा सकता है। यह अनुच्छेद सेना प्रमुख की नियुक्ति और सशस्त्र बलों की कमान से संबंधित है। साथ ही, प्रस्ताव में संवैधानिक न्यायालयों की स्थापना, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की बहाली और न्यायाधीशों के स्थानांतरण जैसे बिंदु शामिल किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, संशोधन के तहत संघीय संसाधनों में प्रांतीय हिस्सेदारी को घटाने, शिक्षा और जनसंख्या कल्याण मंत्रालयों का नियंत्रण संघीय सरकार को सौंपने तथा राष्ट्रीय वित्त आयोग के तहत प्रांतीय हिस्सेदारी के संरक्षण को समाप्त करने का भी प्रस्ताव है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संशोधन पारित होता है, तो पाकिस्तान की राजनीति में सेना का प्रभाव और भी प्रबल हो जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक संतुलन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
मुनीर को पाकिस्तान में मिलने वाली है 'असीमित' ताकत, Pakistan के संविधान में होगा बड़ा बदलाव
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