Nation- किसानों को मुआवजा, कर्ज माफी… राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की मांग- #NA

किसानों को मुआवजा, कर्ज माफी... राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की मांग

राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस.

महाराष्ट्र भारी बारिश के संकट से जूझ रहा है, जिससे किसान और ग्रामीण इलाकों के नागरिक मुश्किल में हैं. लाखों एकड़ खेती खतरे में है. सरकार से किसानों को तुरंत मदद देने की मांग की जा रही है. ऐसे में अब मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने 5 अहम मांगें रखी हैं.

राज ठाकरे ने अपने पत्र में लिखा, “महाराष्ट्र में भारी बारिश से हुई तबाही से आप भली-भांति परिचित होंगे. महाराष्ट्र का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं बचा जहां भारी बारिश ने नुकसान न पहुंचाया हो.

उन्होंने लिखा, हमारी पार्टी के पदाधिकारियों से बात करने पर पता चला है कि कई जगहों पर जमीन पूरी तरह बह गई है. मई के मध्य में शुरू हुई बारिश अभी तक मुश्किल से ही खुल पाई है, जिससे कृषि को भारी नुकसान हुआ है. ग्रामीण महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो गई है.”

किसानों को मिले मुआवजा, राज ठाकरे की मांग

राज ठाकरे ने मांग की 7,000-8,000 रुपये प्रति एकड़ का मामूली मुआवजा देने से कुछ नहीं होगा. इसके बजाय, कम से कम 30,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा घोषित करें, क्योंकि अब किसान को उबरने में कम से कम एक साल लगेगा.

राज ठाकरे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों की बेतहाशा फिजूलखर्ची के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति भले ही नाज़ुक हो गई हो, फिर भी सरकार को हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना चाहिए. उसे समय रहते केंद्र से संपर्क करना चाहिए और केंद्र से राहत पैकेज प्राप्त करना चाहिए.

उन्होंने कहा किकेंद्र सरकार बिहार को ऐसा पैकेज दे चुकी है, इसलिए महाराष्ट्र को भी देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए और इसके लिए दिल्ली से जो भी अनुवर्ती कार्रवाई अपेक्षित हो, वह की जानी चाहिए. यह दिखावा करने के बजाय कि हम केवल अपनी व्यक्तिगत शिकायतों या घटक दलों के आपसी झगड़ों के लिए ही दिल्ली जाते हैं, राज्य को यह भी देखना चाहिए कि सरकार में शामिल सभी दल भी राज्य के लिए दिल्ली दौड़े चले आते हैं.

बच्चों की पढ़ाई को लेकर सरकार उठाए कदम

राज ठाकरे ने कहा कि ऐसी आपदा की सबसे पहली मार छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर पड़ती है. एक भी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकेगी. उसे जरूरी कॉपियां और किताबें मिलेंगी और ऐसे में जब बच्चे अर्धवार्षिक परीक्षा देंगे तो उनकी मनःस्थिति क्या होगी, इस पर सरकार को विचार करना चाहिए और तुरंत कोई कदम उठाना चाहिए. उम्मीद है कि हिंदी भाषा को थोपने में दिखाई गई चुस्ती और जिद यहां भी दिखाई देगी.

राज ठाकरे ने सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहे, क्योंकि ऐसी आपदा के बाद महामारी का प्रकोप बहुत बढ़ जाता है. सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिला अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक, हर जगह दवाओं की कमी न हो.

किसानों के बैंक के कर्जें हों माफ

राज ठाकरे ने कहा कि इतने संकट के बाद बैंकों पर कर्जे की किश्तें चुकाने का दबाव बहुत ही गंभीर मुद्दा है या तो सरकार बैंकों को अभी से समझा दे, वरना हमारे महाराष्ट्र के जवान उन्हें समझा देंगे.

राज ठाकरे ने कहा कि बांध पर जाकर किसानों के आंसू पोंछना सरकार का काम है, लेकिन उसका विज्ञापन करना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं रही है. इसलिए, इन सब प्रलोभनों से दूर रहकर, सरकार और प्रशासन को अब कम से कम 30 से 40 हजार प्रति एकड़ की सहायता राशि की घोषणा करनी चाहिए और देखना चाहिए कि किसान और उसका परिवार फिर से खड़ा हो जाएगा.

किसानों को मुआवजा, कर्ज माफी… राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की मांग

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