Nation: 130th-amendment-bill: संसद में पेश 3 बिलों पर हंगामा, विपक्ष के आरोपों पर सरकार का पलटवार #INA

New Delhi: आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि भाजपा एक नए कानून के जरिए विपक्षी दलों की सरकारें गिराने की तैयारी कर रही है. आप नेताओं का दावा है कि यह कानून उन जनप्रतिनिधियों को पदमुक्त करने का प्रावधान करेगा, जिन्हें आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया हो.

आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा विपक्षी मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाने के लिए पहले उन पर झूठे केस दर्ज कराती है, फिर दबाव बनाकर ब्लैकमेल करती है. अगर मुख्यमंत्री दबाव में नहीं आते तो उन्हें जेल भेजकर उनकी सरकार गिराने की साजिश की जाती है. भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पहले ही इस षड्यंत्र को भांप चुके थे, इसलिए जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया, ताकि भाजपा की ‘आप’ को तोड़ने की कोशिश नाकाम हो जाए. 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दी ये प्रतिक्रिया

इस बिल को लेकर कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘भाजपा द्वारा प्रस्तावित नए विधेयक को लेकर काफी चर्चा हो रही है. हम मध्ययुगीन काल में वापस जा रहे हैं जब राजा अपनी मर्जी से किसी को भी हटा सकता था. निर्वाचित व्यक्ति क्या होता है, इसकी कोई अवधारणा ही नहीं है. उसे आपका चेहरा पसंद नहीं आता, इसलिए वह ईडी को केस दर्ज करने को कहता है, और फिर एक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए व्यक्ति को 30 दिनों के भीतर हटा दिया जाता है. साथ ही, यह भी न भूलें कि हम एक नया उपराष्ट्रपति क्यों चुन रहे हैं. कल ही मैं किसी से बात कर रहा था और मैंने कहा, पता है, पुराना उपराष्ट्रपति कहां चला गया?…’

 

यह लोगों को ब्लैक मेल करने का एक नया तरीका- तेजस्वी

इधर, बिहार के आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि ये बिल एक तरह से लोगों को ब्लैक मेल करने का एक नया तरीका है. उन्होंने कि यह कानून केवल नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को डराने के लिए लाया जा रहा है. इन लोगों का यही काम है. पहले भी कई मुख्यमंत्रियों को जेल में रखा गया लेकिन सब बरी हो गए जैसे हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल.यह कानून लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए लाया जा रहा है. 

 

बिल पर भाजपा नेता मनोज तिवारी का पलटवार

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर कहा, ‘इस देश के प्रत्येक व्यक्ति का कहना था कि जिस व्यक्ति पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें कैसे अपने पद पर बना रहना चाहिए? ऐसे में देश के गृह मंत्री अमित शाह एक बिल लाते हैं तो विपक्ष यह चाहता है कि गंभीर आपराधिक मुकदमों में लिप्त लोगों को ही पद पर बना रहना चाहिए…’

 

ये है पूरा मामला

दरअसल, संसद के मानसून सत्र में बुधवार को उस समय जमकर हंगामा हुआ जब सरकार ने गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए नेताओं को पद से हटाने का प्रावधान करने वाले तीन अहम विधेयक लोकसभा में पेश किए. 

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किए. जैसे ही ये बिल सदन के पटल पर रखे गए, विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया.

विपक्ष के कई सांसदों ने बिल की प्रतियां फाड़कर सदन में उछाल दीं. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे संविधान के खिलाफ करार देते हुए कहा कि यह विधेयक लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.

यह भी पढ़ें: नया कानून स्वागत योग्य, अपराधी का शासन चलाना संविधान के खिलाफ : अरुण भारती

130th-amendment-bill: संसद में पेश 3 बिलों पर हंगामा, विपक्ष के आरोपों पर सरकार का पलटवार




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