Nation- ‘मां के पास जाना है…’ रोता रहा 3 साल का बेटा, फिर हो गई मौत; गोरखपुर जेल में बंद मां-बाप बहाते रहे आंसू- #NA

'मां के पास जाना है...' रोता रहा 3 साल का बेटा, फिर हो गई मौत; गोरखपुर जेल में बंद मां-बाप बहाते रहे आंसू

3 साल के बेटे की मौत

“मुझे मां के पास जाना है…” तीन साल का मासूम बार-बार यही रोते हुए कह रहा था. उसकी मासूम आवाज सुनकर ननिहाल में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं. लेकिन कुछ ही देर बाद उसका रोना अचानक थम गया. शरीर ढीला पड़ गया और उसकी सांसें रुक गईं. जिस मां-बाप को वह पुकार रहा था, वे तो जेल की सलाखों के पीछे बंद थे.

गोरखपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है. तीन साल के मासूम सूरज की मां के वियोग में मौत हो गई. सूरज के माता-पिता फिलहाल पटीदारों से जमीन विवाद के मामले में गोरखपुर जेल में बंद हैं. माता-पिता की गैरमौजूदगी में सूरज और उसकी पांच साल की बहन अपने ननिहाल में रह रहे थे. बताया जा रहा है कि सूरज अक्सर अपनी मां को याद करके मां-मां पुकारता और रोता रहता था. आखिरकार, अपने माता-पिता की जुदाई वह सहन नहीं कर सका.

सोमवार को सूरज की तबीयत अचानक बिगड़ गई. नाना उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस खबर से पूरे परिवार में मातम छा गया. सूरज की मौत के बाद जब परिजनों ने उसके शव को अंतिम बार जेल में बंद माता-पिता को दिखाने की अनुमति मांगी, तो जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इसकी इजाजत नहीं दी. इससे गुस्साए ग्रामीणों ने भेटघाट मांस स्थान फोरलेन पर जाम लगा दिया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम हटवाया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया.

वीडियो कॉल पर बेटे की लाश देखकर बेसुध हो गई मां

थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह की मौजूदगी में जेल प्रशासन से समन्वय कर बच्चे के माता-पिता को वीडियो कॉल के जरिए सूरज का अंतिम दर्शन कराया गया. जैसे ही मां ने स्क्रीन पर बेटे का शव देखा, वह बेसुध होकर गिर पड़ी, जबकि पिता की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे. वहां मौजूद पुलिसकर्मी और ग्रामीण भी इस भावुक दृश्य को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए.

पोस्टमार्टम के बाद सूरज का अंतिम संस्कार उसके नाना ने किया. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर कोई इस दर्दनाक घटना से व्यथित नजर आया. ग्रामीणों का कहना है कि सूरज हमेशा अपनी मां को याद करते हुए रोया करता था और मां के बिना उसका मन नहीं लगता था.

जमीन विवाद में मां-बाप जेल में

जानकारी के मुताबिक, सूरज का परिवार अपने ही रिश्तेदारों से जमीन विवाद में उलझा हुआ था, जिसके चलते उसके माता-पिता को जेल जाना पड़ा था. उनकी गैरमौजूदगी में सूरज और उसकी बहन नाना के घर ही पल रहे थे. अब सूरज की मौत के बाद उसकी पांच साल की बहन के भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.

जेल मैनुअल के अनुसार, छह साल की उम्र तक के बच्चों को अपनी मां के साथ जेल में रहने की अनुमति होती है, लेकिन केवल उन मामलों में, जब बच्चे की देखभाल के लिए बाहर कोई अभिभावक न हो. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सूरज की बड़ी बहन को मां के साथ जेल में रहने की अनुमति दी जा सकती है.

सूरज की असमय मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है. लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस मासूम की कहानी है जो अपने माता-पिता से बिछड़ने का दर्द सह नहीं सका.

‘मां के पास जाना है…’ रोता रहा 3 साल का बेटा, फिर हो गई मौत; गोरखपुर जेल में बंद मां-बाप बहाते रहे आंसू

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