Nation- ‘और न दो मुआवजा’… गाजीपुर के किसान ने खोद डाली सड़क, PWD ने 10 साल पहले ‘जबरन’ बना दी थी रोड- #NA

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक किसान ने जमीन का मुआवजा नहीं मिलने पर इस कदर नाराज हुआ कि उसने सड़क ही खुदवा दी. किसान मन्नू सिंह की जमीन पर पीडब्ल्यूडी ने एक दशक पहले जबरन सड़क बना दी थी. जिसको लेकर किसान कोर्ट गया था और साल 2022 में कोर्ट के आदेश पर कोर्ट अमीन ने सड़क पर किसान को कब्जा दिलाया था. किसान ने उस सड़क को खुदवा दिया था लेकिन करीब 3 साल बीतने के बाद भी जब पीडब्ल्यूडी विभाग ने उस सड़क के मुआवजे को लेकर किसान से कोई संपर्क नहीं किया तो उसने सड़क को पूरी तरह से खुदवा दिया. सड़क खुदने से गाजीपुर और दिलदारनगर के बीच आने जाने वालों के लिए रास्ता बाधित हो गया है.

मामला गाजीपुर जिले के सुहवल से दिलदारनगर को जोड़ने वाली सड़क का है. यहां पर साल 2005 में पीडब्ल्यूडी के द्वारा बगड़ाहा पुल का निर्माण कराया गया था, जो किसान चंद्रिका राय हरिश्चंद्र राय के जमीन के बीचोबीच बना दिया गया था. उस जमीन पर किसान ने साल 2004 में स्टे भी लिया था. लेकिन तत्कालीन प्रशासन और ठेकेदार जबरन रातों-रात उस पुल को जोड़ते हुए एक सड़क बनवा दिया. उस सड़क पर आवागमन शुरू हो गया और रातों-रात सड़क बनवा देने के कारण किसान की दो एकड़ जमीन प्रभावित हुई, लेकिन विभाग के द्वारा किसी भी तरह का कोई मुआवजा किसान को नहीं दिया गया.

किसान को कोर्ट से मिल चुका था कब्जा

किसान चंद्रिका राय और हरिश्चंद्र राय लोअर कोर्ट में साल 2005 में याचिका दायर की. कोर्ट से 2015 में चंद्रिका राय, हरिश्चंद्र राय बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में किसान के पक्ष में फैसला आया. हालांकि, इस दौरान चंद्रिका राय और हरिश्चंद्र राय की मौत हो चुकी थी. उनकी जगह पर अब उनके बेटों ने इस मुकदमे की कमान सभाल ली थी. उस वक्त कोर्ट ने सड़क के हर्जाने के लिए किसान के फेवर में ₹80000 रुपए सालाना देने का निर्देश दिया था. इसके बाद पीडब्लूडी 2016 में जिला न्यायालय चला गया और यह मुकदमा 2016 से 2022 तक चलता रहा. 2022 में कोर्ट का फैसला किसान के पक्ष में आया.

हालांकि, इसके पहले 2019 में किसान ने इजरा भी दाखिल किया हुआ और 2022 में इजरा वाले मुकदमे का भी डिसीजन आ गया. इसके बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा किसान को हर्जाने की रकम और कोर्ट खर्च लगभग 15 लाख के आसपास 2022 में भुगतान किया.

मुआवजा नहीं मिलने पर खोद दी पूरी सड़क

5 सितंबर 2022 को कोर्ट के द्वारा एक अमीन मौके पर जाकर किसान को उसकी जमीन उसको हैंडोवर कराया. किसान ने उस वक्त भी सड़क को काट दिया था. जिससे करीब तीन दर्जन से अधिक गांव का आवागमन प्रभावित हुआ था. हालांकि, किसान ने सड़क कुछ ऐसी काटी थी कि लोग पैदल या दो पहिया से आ जा सके। लेकिन धीरे-धीरे इन तीन सालों में ना ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने कोई रुचि दिखाई. सड़क को किसान के द्वारा पूरी तरह से काट दिए जाने के बाद करीब 2 से 3 दर्जन गांवों को लोगों के करीब 20 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है.

‘और न दो मुआवजा’… गाजीपुर के किसान ने खोद डाली सड़क, PWD ने 10 साल पहले ‘जबरन’ बना दी थी रोड

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