Nation- कारीगर ने कर दिया ‘खेल’, कांसे जैसी पीतल की बना दी परशुराम की मूर्ति; पोल खुली तो मच गया बवाल- #NA

कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित उम्मिकल हिल पर लगी भगवान परशुराम की प्रतिमा के विवाद को लेकर पुलिस ने जांच पूरी कर ली है. मामले पर पुलिस ने आदालत में चार्जशीट दाखिल कर दिया है. उस चार्जशीट में पुलिस ने बताया है कि जांच के दौरान भगवान परशुराम की मूर्ति “पीतल” से बनी पाई गई है. मामले पर पुलिस ने कोर्ट में 1231 पन्नों की चार्जशीट दाखिल किया है. जिसमें कहा गया है कि विशेषज्ञ की जांच में पता चला है कि मूर्तिकार कृष्णा नायक ने परशुराम की मूर्ति कांसे की नहीं, बल्कि पीतल की बनाई थी. जबकी समझौते के मुताबिक, मूर्ति कांसे की बननी थी.

पुलिस ने करकला कोर्ट में 1231 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि विशेषज्ञ निरीक्षण रिपोर्ट और जाँच से यह साबित हो गया है कि मूर्तिकार कृष्णा नायक ने परशुराम की मूर्ति कांसे की नहीं, बल्कि पीतल की बनाई थी. समझौते के मुताबिक, मूर्ति कांसे की बननी थी. लेकिन मूर्ति पीतल की बनी है.

पुलिस ने चार्जसीट में बताया है कि आरोपी शिल्पी कृष्ण नायक, उडुपी निर्मिति केंद्र के परियोजना निदेशक अरुण कुमार और इंजीनियर सचिन वाई कुमार ने आपराधिक षडयंत्र, विश्वासघात, धोखाधड़ी और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया है. उनके खिलाफ धारा 420, 409, 201, 120 (बी) और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है.

क्या है मूर्ति विवाद?

तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 17 जनवरी, 2023 को उडुपी के करकला में उमी कुंजा पहाड़ी पर परशुराम थीम पार्क का उद्घाटन किया. यह पूरा थीम पार्क 15 करोड़ रुपये की लागत से बना है. और इसमें परशुराम की एक विशाल मूर्ति एक ओपन-एयर थिएटर, एक आर्ट गैलरी और एक भजन मंदिर बनाया गया है. हालाँकि, कहा जाता है कि परशुराम की यह प्रतिमा पीतल और स्टील से बनी थी. जबकी इस मूर्ति को कांसे से बनाये जाना का करार था.

इस संबंध में कृष्णा शेट्टी ने 21 जून, 2024 को करकला नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिस आर्ट केंद्र ने मूर्ति के लिए पैसे मिले थे, उसने कांस्य की जगह पीतल की मूर्ति बनाकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की.

विपक्ष का क्या है आरोप?

मामले मे कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मूर्ति फाइबर से बनी थी और उन्होंने गवाहों की मदद से काम में अनियमितताओं को उजागर किया था. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि मूर्ति फाइबर, कांसे और स्टील से बनी है. स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री सुनील कुमार, जो थीम पार्क के निर्माण के लिए ज़िम्मेदार थे, ने पैसे लूटे है बाद में, इस मामले पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. हांलाकि जांच रिपोर्ट अब साफ हो गया है कि मूर्ति कांसे से नहीं, बल्कि पीतल से बनाई थी.

कारीगर ने कर दिया ‘खेल’, कांसे जैसी पीतल की बना दी परशुराम की मूर्ति; पोल खुली तो मच गया बवाल

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