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फिर से सामने आने लगी अशोक गहलोत और सचिन पायलट की अदावत, जोधपुर में भिड़े कांग्रेस नेता

अशोक गहलोत, सचिन पायलट,

राजस्थान कांग्रेस में भले ही पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था. मगर राजस्थान में जिला अध्यक्षों के चुनाव के दौरान अलग तस्वीर निकलकर सामने आ रही है और इन तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बीच अभी भी अदावत जारी है.

दरअसल, जोधपुर में शनिवार को सूरसागर क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के फीडबैक कार्यक्रम में अशोक गहलोत और सचिन पायलट समर्थकों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता आमने-सामने हो गए. ‘वन टू वन’ मीटिंग के लिए नाम लिखने को लेकर वरिष्ठ नेता प्रीतम शर्मा और राजेश रामदेव के बीच तीखी बहस हो गई. दोनों ने एक- दूसरे पर कई आरोप लगाए.

पर्यवेक्षक की मौजूदगी में भिड़े कांग्रेस नेता

दरअसल, कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जोधपुर में नए जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया चल रही है. लेकिन कांग्रेस पर्यवेक्षक सुशांत मिश्रा के सामने ही पार्टी के दोनों नेता आपस में उलझ पड़े. दोनों नेता एक- दूसरे पर चिल्लाने लगे. मौके पर मौजूद दूसरे नेताओं को बीच बचाव करना पड़ा इसके बाद जब बैठक शुरू हुई तो सूरसागर से प्रत्याशी रहे शहजाद खान ने कहा कि हमारे यहां एक लाइन का प्रस्ताव रखने की परंपरा रही है. इस परंपरा को जारी रखते हुए जिलाध्यक्ष का चयन आलाकमान पर छोड़ देना चाहिए.

इस प्रस्ताव का सचिन पायलट समर्थक राजेश सारस्वत और राजेश मेहता ने विरोध किया और पारदर्शी चुनाव की मांग रखी. इससे बैठक का माहौल गरमा गया. साथ ही पार्टी में चल रहे आंतरिक मतभेदों और अनुशासनहीनता को भी उजागर कर दिया.

खरगे-राहुल गांधी का नायाब प्रयोग

वहीं, इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि संगठन सृजन अभियान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक नायाब प्रयोग है, जिसमें जिले के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की राय लेकर जिला अध्यक्ष चुना जाएगा. कई जगह पर किसी नेता को जिला अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव या किसी सीनियर लीडर को जिला अध्यक्ष बनाने के लिए अधिकृत करने का प्रस्ताव पास करने की खबरें आई हैं जो उचित नहीं है. किसी भी सीनियर लीडर द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल या कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्ताव पास करना हाईकमान की भावना के अनुरूप नहीं है. इस अभियान का उद्देश्य ही पर्यवेक्षकों द्वारा सभी से चर्चा कर जिला अध्यक्ष का चयन करना है जिससे सभी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके.

प्रताप सिंह खाचरियावास ने क्या कहा?

वहीं, इस घटना के बाद कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि संगठन सृजन अभियान एआईसीसी का है. इसमेएआईसीसी सोच समझ कर फैसला करती है. सभी जगह प्रभारी आये हुए हैं और वो राय दे रहे हैं. कैंडिडेट्स के दावे के आधार पर वो 6 नाम लेकर जाएंगे उसके बाद फैसला होगा. पूरे राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जो भी फैसला होगा वो सबको मंजूर है. अशोक गहलोत ने क्या ट्वीट किया इसकी मुझे जानकारी नहीं है.

फिर से सामने आने लगी अशोक गहलोत और सचिन पायलट की अदावत, जोधपुर में भिड़े कांग्रेस नेता

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